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बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए वनकर्मियों ने की कांबिंग
Tue, 29 Sep 2020 02:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2020 02:18 AM IST
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मशाल जुलूस निकालते बिजली कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
गिरफ्तारी देने के लिए कोतवाली पहुंचने से मची अफरातफरी
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बरेली। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों के मशाल जुलूस को पुलिस ने नहीं निकलने दिया। इसे लेकर बिजली कर्मियों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस ने गांधी उद्यान में बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कराके आंदोलन खत्म करा दिया। इसी बीच प्रांतीय नेतृत्व से गिरफ्तारी देने का संदेश मिलने पर तमाम कर्मचारी कोतवाली जा धमके। इससे अफरातफरी मच गई। कुछ देर बाद कर्मचारी लौट गए।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति कई दिनों से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में आंदोलित है। सोमवार शाम धरना-प्रदर्शन के बाद मशाल जुलूस निकाला जाना था। समिति संयोजक रंजीत चौधरी ने सिटी मजिस्ट्रेट से चीफ इंजीनियर कार्यालय से चौकी चौराहा, पटेल चौक और आंबेडकर पार्क तक मशाल जुलूस निकालने की अनुमति मांगी, लेकिन नहीं मिली। इसके बावजूद आंदोलनकारी जुलूस निकालने की तैयारी में जुट गए। इसकी जानकारी मिलते ही कोतवाल गीतेश कपिल फोर्स लेकर पहुंच गए और बिना अनुमति जुलूस न निकालने को कहा। इस पर कर्मचारियों की उनसे नोकझोंक होने लगी। बाद में कोतवाल ने सुझाव दिया कि गांधी उद्यान परिसर स्थित गांधी प्रतिभा पर माल्यार्पण कर मशाल जुलूस खत्म कर दें। इस पर समिति नेता सहमत हो गए।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति कई दिनों से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में आंदोलित है। सोमवार शाम धरना-प्रदर्शन के बाद मशाल जुलूस निकाला जाना था। समिति संयोजक रंजीत चौधरी ने सिटी मजिस्ट्रेट से चीफ इंजीनियर कार्यालय से चौकी चौराहा, पटेल चौक और आंबेडकर पार्क तक मशाल जुलूस निकालने की अनुमति मांगी, लेकिन नहीं मिली। इसके बावजूद आंदोलनकारी जुलूस निकालने की तैयारी में जुट गए। इसकी जानकारी मिलते ही कोतवाल गीतेश कपिल फोर्स लेकर पहुंच गए और बिना अनुमति जुलूस न निकालने को कहा। इस पर कर्मचारियों की उनसे नोकझोंक होने लगी। बाद में कोतवाल ने सुझाव दिया कि गांधी उद्यान परिसर स्थित गांधी प्रतिभा पर माल्यार्पण कर मशाल जुलूस खत्म कर दें। इस पर समिति नेता सहमत हो गए।
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लखनऊ से मिली सूचना पर उग्र हुए आंदोलनकारी
लखनऊ से प्रांतीय नेतृत्व से सूचना मिली कि प्रमुख नेता गिरफ्तार हो गए हैं, इसलिए प्रदेश भर में सभी इकाइयां अपने स्तर से गिरफ्तारी दें। निर्देश मिलते ही आंदोलित बिजलीकर्मी कोतवाली की ओर कूंच कर गए। बड़ी तादाद में पहुंचे कर्मचारियों को पुलिस ने समझाया लेकिन वे गिरफ्तारी देने पर अड़ गए। इस बीच फिर प्रदेश से निर्देश मिला तो आंदोलनकारी लौट गए।
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