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किससे करें फरियाद... पुलिस तो आरोपी के हक की करती है बात
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हक की बात कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनते डीएम।
यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, तलाक के मामलों में पुलिस के रवैये पर महिलाओं ने जताया आक्रोश
डीएम बोले : अफसर खुद करें निगरानी, दस दिन में निस्तारित हों शिकायतें
बरेली। मिशन शक्ति फेज 3.0 के तहत बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में ‘हक की बात-डीएम के साथ’ कार्यक्रम में पीड़ित महिलाओं ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए। कहा, पुलिस से मदद मांगने पर वह उनकी सुनने के बजाय आरोपी का बचाव करने लगती है। घरेलू हिंसा की शिकायत पर आरोपी परिजन से सांठगांठ कर लेती है। प्रकरण में डीएम ने सीओ, एसओ को स्वयं महिला संबंधी मामलों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
पीलीभीत बाईपास की रहने वाली सपना ने इस दौरान डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। बताया कि पिछले साल 30 नवंबर को उनका विवाह आशुतोष सिटी के रहने वाले विनय कुमार आनंद से हुआ था। कुछ दिन बाद ही ससुराल वालों ने सेंट्रो कार और पांच लाख रुपये न मिलने पर घर में रखने से मना कर दिया। मांग पूरी न करने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलकर पीटा और फिर पति ने मायके ले जाकर छोड़ दिया। नौ जून को एसएसपी से प्रकरण की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की पर अब तक आरोपियों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
प्रकरण में डीएम मानवेंद्र सिंह ने सपना को तलाक लेने का सुझाव दिया। शिक्षा के बारे में जानकारी ली तो सपना ने बताया कि वह इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा हासिल किए हैं। डीएम ने रोजगार हासिल कर आत्मनिर्भर बनने को कहा। साथ ही, सीओ को प्रकरण की स्वयं सुनवाई करने के निर्देश दिए। दस दिन बाद शिकायत के निस्तारण की समीक्षा करने को कहा
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धोखे से किया निकाह, अब मार डालने की धमकी
मुंबई की रहने वाली शबनम ने बताया कि 14 साल पहले उनका निकाह बहेड़ी के मोहल्ला इस्लामनगर के रहने वाले शाहिद से हुआ था। मुंबई में हुई मुलाकात के दौरान शाहिद ने खुद का कारोबार, मिल आदि होने का झांसा देकर निकाह किया। जब वह ससुराल पहुंची तो सब झूठ निकला। कहा, उसके सभी गहने ससुरालियों ने छीन लिए। सात साल से उनका उत्पीड़न हो रहा है। मासूम बेटी के साथ पति उन्हें बेघर करने पर आमादा है। डीएम मानवेंद्र सिंह ने पहले परामर्श केंद्र में प्रकरण सुलझाने को कहा, फिर सीओ को प्रकरण की जांचकर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस ने बदल दीं धाराएं
बिशारतगंज इलाके की रहने वाली बेवा ने डीएम को बताया कि गांव के एक दबंग ने 20 अक्तूबर को उनसे छेड़छाड़ की। इसकी शिकायत की तो उसके परिजन ने अपशब्द कहकर भगा दिया। 21 अक्तूबर को थाना बिशारतगंज में तहरीर दी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 28 अक्तूबर को डीएम से निर्देश मिलने पर पुलिस ने तहरीर तो ले ली पर दबंग से सांठगांठ कर दूसरी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। आपत्ति जताई तो पुलिस ने कार्रवाई की धमकी दी। 31 अक्तूबर को उसे फिर थाने बुलवाकर कई कागजों पर जबरन अंगूठा लगवा लिया गया। डीएम ने सीओ को प्रकरण की जांच सौंपी है।
पात्रता के बाद भी तीन साल से आवास की आस
हक की बात के दौरान एक महिला ने पात्रता के बावजूद डूडा की ओर से आवास का लाभ न मिलने की शिकायत की। डीएम ने डूडा पीओ को महिला के घर का स्थलीय निरीक्षण कर पात्र होने पर उसे लाभार्थी सूची में शामिल कर आवास मुहैया कराने के निर्देश दिए। डीएम ने पूर्व में प्राप्त शिकायतों की जानकारी मांगी तो जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने बताया कि 35 शिकायतों में से 20 का निस्तारण हो चुका है। शेष का भी जल्द निस्तारण हो जाएगा। इस दौरान सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग, बीएसए विनय कुमार के अलावा पुलिस और अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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डीएम बोले : अफसर खुद करें निगरानी, दस दिन में निस्तारित हों शिकायतें
बरेली। मिशन शक्ति फेज 3.0 के तहत बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में ‘हक की बात-डीएम के साथ’ कार्यक्रम में पीड़ित महिलाओं ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए। कहा, पुलिस से मदद मांगने पर वह उनकी सुनने के बजाय आरोपी का बचाव करने लगती है। घरेलू हिंसा की शिकायत पर आरोपी परिजन से सांठगांठ कर लेती है। प्रकरण में डीएम ने सीओ, एसओ को स्वयं महिला संबंधी मामलों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
पीलीभीत बाईपास की रहने वाली सपना ने इस दौरान डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। बताया कि पिछले साल 30 नवंबर को उनका विवाह आशुतोष सिटी के रहने वाले विनय कुमार आनंद से हुआ था। कुछ दिन बाद ही ससुराल वालों ने सेंट्रो कार और पांच लाख रुपये न मिलने पर घर में रखने से मना कर दिया। मांग पूरी न करने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलकर पीटा और फिर पति ने मायके ले जाकर छोड़ दिया। नौ जून को एसएसपी से प्रकरण की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की पर अब तक आरोपियों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
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प्रकरण में डीएम मानवेंद्र सिंह ने सपना को तलाक लेने का सुझाव दिया। शिक्षा के बारे में जानकारी ली तो सपना ने बताया कि वह इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा हासिल किए हैं। डीएम ने रोजगार हासिल कर आत्मनिर्भर बनने को कहा। साथ ही, सीओ को प्रकरण की स्वयं सुनवाई करने के निर्देश दिए। दस दिन बाद शिकायत के निस्तारण की समीक्षा करने को कहा
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धोखे से किया निकाह, अब मार डालने की धमकी
मुंबई की रहने वाली शबनम ने बताया कि 14 साल पहले उनका निकाह बहेड़ी के मोहल्ला इस्लामनगर के रहने वाले शाहिद से हुआ था। मुंबई में हुई मुलाकात के दौरान शाहिद ने खुद का कारोबार, मिल आदि होने का झांसा देकर निकाह किया। जब वह ससुराल पहुंची तो सब झूठ निकला। कहा, उसके सभी गहने ससुरालियों ने छीन लिए। सात साल से उनका उत्पीड़न हो रहा है। मासूम बेटी के साथ पति उन्हें बेघर करने पर आमादा है। डीएम मानवेंद्र सिंह ने पहले परामर्श केंद्र में प्रकरण सुलझाने को कहा, फिर सीओ को प्रकरण की जांचकर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस ने बदल दीं धाराएं
बिशारतगंज इलाके की रहने वाली बेवा ने डीएम को बताया कि गांव के एक दबंग ने 20 अक्तूबर को उनसे छेड़छाड़ की। इसकी शिकायत की तो उसके परिजन ने अपशब्द कहकर भगा दिया। 21 अक्तूबर को थाना बिशारतगंज में तहरीर दी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 28 अक्तूबर को डीएम से निर्देश मिलने पर पुलिस ने तहरीर तो ले ली पर दबंग से सांठगांठ कर दूसरी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। आपत्ति जताई तो पुलिस ने कार्रवाई की धमकी दी। 31 अक्तूबर को उसे फिर थाने बुलवाकर कई कागजों पर जबरन अंगूठा लगवा लिया गया। डीएम ने सीओ को प्रकरण की जांच सौंपी है।
पात्रता के बाद भी तीन साल से आवास की आस
हक की बात के दौरान एक महिला ने पात्रता के बावजूद डूडा की ओर से आवास का लाभ न मिलने की शिकायत की। डीएम ने डूडा पीओ को महिला के घर का स्थलीय निरीक्षण कर पात्र होने पर उसे लाभार्थी सूची में शामिल कर आवास मुहैया कराने के निर्देश दिए। डीएम ने पूर्व में प्राप्त शिकायतों की जानकारी मांगी तो जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने बताया कि 35 शिकायतों में से 20 का निस्तारण हो चुका है। शेष का भी जल्द निस्तारण हो जाएगा। इस दौरान सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग, बीएसए विनय कुमार के अलावा पुलिस और अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे।