Bareilly News: समयसीमा 15 दिन, दो-दो महीने तक नहीं मिल रहे ड्राइविंग लाइसेंस; जानिए वजह
बरेली जिले में रोजाना औसतन 70-80 लोग ड्राइविंग टेस्ट में पास होते हैं। इसके बाद भी लोग डीएल के लिए परेशान हो रहे हैं। दो-दो महीने तक उनको डीएल नहीं मिल रहा है।
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बरेली में पहले लर्निंग और फिर नियमित ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने की प्रक्रिया काफी जटिल है। नियमित डीएल बनवाने के लिए आवेदक को परसाखेड़ा स्थित कंप्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर अपना हुनर दिखाना होता है। इसमें पास होने के बावजूद जिले के करीब 1500 आवेदक डीएल का इंतजार कर रहे हैं। डेढ़ से दो माह बाद भी उनको डीएल नहीं मिल सके हैं।
जिले में रोजाना औसतन 70-80 लोग ड्राइविंग टेस्ट में पास होते हैं। औसतन रोज 70-80 लोग स्थायी डीएल बनवाने या नवीनीकरण के लिए आवेदन करते हैं। पोर्टल के जरिये उनको टेस्ट के लिए तारीख मिलती है। टेस्ट पास करने के बाद भी लोग डीएल के लिए परेशान हो रहे हैं।
डीएल लखनऊ में प्रिंट होते हैं और डाक के जरिये भेजे जाते हैं। नियमानुसार टेस्ट पास करने के बाद अधिकतम 15 दिन में डीएल आ जाना चाहिए, लेकिन दो-दो माह बाद भी डीएल नहीं मिल रहे हैं। आवेदक आरटीओ दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर उनकी समस्या का समाधान भी नहीं हो पा रहा है।
सब कुछ ऑनलाइन होने के बाद भी प्रक्रिया जटिल
परिवहन विभाग में सभी कार्य ऑनलाइन होते हैं। इसके बाद भी दलालों का तिलिस्म नहीं टूट रहा। प्रक्रियाएं ऑनलाइन होने के बाद और जटिल हो गई हैं। स्थिति यह है कि अगर कोई आवेदक दलालों से इतर काम करा भी लेता है तो उसे स्लॉट नहीं मिलता। आखिरकार उसको दलाल की शरण में जाना ही पड़ताता है।
पास होने पर भी नहीं मिला डीएल
आवेदक पंकज सिंह ने बताया कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में स्थायी डीएल के लिए टेस्ट दिया था। टेस्ट में पास होने के बावजूद अब तक डीएल नहीं मिल सका है। आरटीओ कार्यालय में भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।
दिसंबर में दिया था टेस्ट
आवेदक राकेश कुमार ने बताया कि दिसंबर के पहले सप्ताह में डीएल के लिए टेस्ट दिया था। उस समय बताया गया था कि 15 दिन में डीएल डाक के जरिये पते पर पहुंच जाएगा। एक महीने से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन अब तक डीएल नहीं मिला है।
अफसर बोले- स्थानीय स्तर पर कोई चूक नहीं
एआरटीओ प्रशासन मनोज कुमार का कहना है कि स्थानीय स्तर पर डीएल के लिए केवल आवेदन और ड्राइविंग टेस्ट ही कराया जाता है। ड्राइविंग लाइसेंस की छपाई और उसमें चिप लगाने संबंधी काम लखनऊ में होते हैं। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 15 दिन में लखनऊ से ही स्मार्ट कार्ड डीएल बनकर सीधा डाक के जरिये आवेदक के पते पर पहुंचता है। डीएल में इस्तेमाल होने वाली चिप विदेश से आती है। कई बार इसकी आपूर्ति प्रभावित होने के कारण समय से डीएल नहीं मिल पाते।