{"_id":"6182ca0969f96a52ea19940d","slug":"tikunia-case-hearing-on-bail-application-of-main-accused-ashish-mishra-adjourned-bareilly-news-bly4650269141","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिकुनिया कांड : मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई टली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तिकुनिया कांड : मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई टली
विज्ञापन
आशीष मिश्र।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अधिवक्ता संघ शोक प्रस्ताव के कारण नहीं हुए न्यायिक कार्य
जिला जज मुकेश मिश्र ने सुनवाई की अगली तारीख 15 नवंबर तय की
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई है। जिला अधिवक्ता संघ के शोक प्रस्ताव के चलते जिला जज मुकेश मिश्र ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की तारीख 15 नवंबर तय की है। लिहाजा मंत्री पुत्र आशीष मिश्र की दिवाली अब जेल में ही होगी।
तिकुनिया कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू के साथ ही सह आरोपी आशीष पांडेय और लवकुश राणा की जमानत अर्जी पर भी बुधवार को सुनवाई होनी थी। जिला जज की अदालत में बचाव पक्ष के वकील पूरी तैयारी से आए थे। जमानत अर्जी पेश होने पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता अपनी बात रख पाते कि इससे पहले ही जिला अधिवक्ता संघ की ओर से अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने संबंधी प्रस्ताव की प्रतिलिपि जिला जज अदालत में आ गई। इस पर जिला जज ने सुनवाई की तारीख बढ़ा दी। आठ नवंबर तक दीपावली का अवकाश होने के कारण सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख तय की है।
आशीष की 28 अक्तूबर को भी नहीं हो सकी थी सुनवाई
नौ अक्तूबर को गिरफ्तार होने के बाद आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर पहली बार 15 अक्तूबर को सुनवाई हुई थी, जो खारिज कर दी गई थी। इसके बाद 28 अक्तूबर को जमानत अर्जी पर सुनवाई की तारीख तय की गई थी। तब अभियोजन पक्ष की ओर से त्रिवेंद्रम से मोबाइल सर्विलांस व इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस की रिपोर्ट न मिल पाने के साथ ही राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट न मिल पाने की बात कहते हुए पंद्रह दिनों के लिए समय मांगा गया था, जिसे स्वीकार करते हुए जिला जज ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए पहले से लंबित चल रही आशीष पांडेय और लवकुश राणा की जमानत अर्जी के साथ ही तीन नवंबर को सुनवाई तारीख तय की गई थी।
विज्ञापन
अभियोजन के मुताबिक उनके स्तर पर सभी रिपोर्ट तैयार कर बहस के लिए तैयारी कर ली गई थी। लेकिन जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य सुखसागर लाल श्रीवास्तव के निधन पर शोक प्रस्ताव के कारण जमानत अर्जी पर सुनवाई टाल दी गई।
दर्ज हुए आठ गवाहों के कलमबंद बयान
तिकुनिया कांड के मामले में गवाहों की संख्या बढ़ती जा रही है। जांच टीम खोज खोजकर गवाहों के बयान लिखने के बाद अदालत में कलमबंद बयान दर्ज कराने में जुटी है। बुधवार को अंतिम दिन होने के बावजूद आठ गवाहों के कलमबंद बयान कराने के लिए जांच टीम ने सीजेएम चिंताराम की अदालत में पेश किया, जहां आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए हैं।
अधिवक्ता के निधन पर शोक प्रस्ताव
लखीमपुर खीरी। जिला अधिवक्ता संघ सभागार में सुबह ही जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य सुखसागर लाल श्रीवास्तव के निधन की खबर पहुंची तो लोगों ने संघ कार्यालय में शोक प्रस्ताव दे दिया, जिसके लिए आहूत बैठक की अध्यक्षता करते हुए जंग बहादुर सिंह और संचालन करते हुए अजय पंाडेय ने दिवंगत साथी के जीवन से जुड़े संस्मरण ताजा किए। इसके बाद सदन ने दो मिनट का मौन रखते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करने के बाद सभा समाप्ति की घोषणा कर दी। मीडिया प्रभारी मोहम्मद इशहाक ने बताया सदन के शोक प्रस्ताव के आधार पर वकीलों ने न्यायिक कामकाज से विरत रहने का फैसला लिया, जिसकी सूचना सुबह ही जिला जज सहित विभिन्न न्यायिक अधिकारियों को भिजवा दी गई थी। संवाद
विज्ञापन
जिला जज मुकेश मिश्र ने सुनवाई की अगली तारीख 15 नवंबर तय की
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई है। जिला अधिवक्ता संघ के शोक प्रस्ताव के चलते जिला जज मुकेश मिश्र ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की तारीख 15 नवंबर तय की है। लिहाजा मंत्री पुत्र आशीष मिश्र की दिवाली अब जेल में ही होगी।
तिकुनिया कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू के साथ ही सह आरोपी आशीष पांडेय और लवकुश राणा की जमानत अर्जी पर भी बुधवार को सुनवाई होनी थी। जिला जज की अदालत में बचाव पक्ष के वकील पूरी तैयारी से आए थे। जमानत अर्जी पेश होने पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता अपनी बात रख पाते कि इससे पहले ही जिला अधिवक्ता संघ की ओर से अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने संबंधी प्रस्ताव की प्रतिलिपि जिला जज अदालत में आ गई। इस पर जिला जज ने सुनवाई की तारीख बढ़ा दी। आठ नवंबर तक दीपावली का अवकाश होने के कारण सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख तय की है।
विज्ञापन
आशीष की 28 अक्तूबर को भी नहीं हो सकी थी सुनवाई
नौ अक्तूबर को गिरफ्तार होने के बाद आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर पहली बार 15 अक्तूबर को सुनवाई हुई थी, जो खारिज कर दी गई थी। इसके बाद 28 अक्तूबर को जमानत अर्जी पर सुनवाई की तारीख तय की गई थी। तब अभियोजन पक्ष की ओर से त्रिवेंद्रम से मोबाइल सर्विलांस व इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस की रिपोर्ट न मिल पाने के साथ ही राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट न मिल पाने की बात कहते हुए पंद्रह दिनों के लिए समय मांगा गया था, जिसे स्वीकार करते हुए जिला जज ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए पहले से लंबित चल रही आशीष पांडेय और लवकुश राणा की जमानत अर्जी के साथ ही तीन नवंबर को सुनवाई तारीख तय की गई थी।
विज्ञापन
अभियोजन के मुताबिक उनके स्तर पर सभी रिपोर्ट तैयार कर बहस के लिए तैयारी कर ली गई थी। लेकिन जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य सुखसागर लाल श्रीवास्तव के निधन पर शोक प्रस्ताव के कारण जमानत अर्जी पर सुनवाई टाल दी गई।
दर्ज हुए आठ गवाहों के कलमबंद बयान
तिकुनिया कांड के मामले में गवाहों की संख्या बढ़ती जा रही है। जांच टीम खोज खोजकर गवाहों के बयान लिखने के बाद अदालत में कलमबंद बयान दर्ज कराने में जुटी है। बुधवार को अंतिम दिन होने के बावजूद आठ गवाहों के कलमबंद बयान कराने के लिए जांच टीम ने सीजेएम चिंताराम की अदालत में पेश किया, जहां आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए हैं।
अधिवक्ता के निधन पर शोक प्रस्ताव
लखीमपुर खीरी। जिला अधिवक्ता संघ सभागार में सुबह ही जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य सुखसागर लाल श्रीवास्तव के निधन की खबर पहुंची तो लोगों ने संघ कार्यालय में शोक प्रस्ताव दे दिया, जिसके लिए आहूत बैठक की अध्यक्षता करते हुए जंग बहादुर सिंह और संचालन करते हुए अजय पंाडेय ने दिवंगत साथी के जीवन से जुड़े संस्मरण ताजा किए। इसके बाद सदन ने दो मिनट का मौन रखते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करने के बाद सभा समाप्ति की घोषणा कर दी। मीडिया प्रभारी मोहम्मद इशहाक ने बताया सदन के शोक प्रस्ताव के आधार पर वकीलों ने न्यायिक कामकाज से विरत रहने का फैसला लिया, जिसकी सूचना सुबह ही जिला जज सहित विभिन्न न्यायिक अधिकारियों को भिजवा दी गई थी। संवाद