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बहेड़ी में दिखा बाघ, ग्रामीणों मेें खौफ
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sun, 04 Feb 2018 12:26 AM IST
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गांव डंडियानगला में एक किसान के ट्रैक्टर चालक ने कुछ फीट की दूरी से बाघ को देखा। ट्रैक्टर की लाइट पड़ने पर बाघ रुका और करीब पांच मिनट तक गुर्राता रहा। सहमे चालक ने मालिक को फोन कर जानकारी दी। ग्रामीण असलहे लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बाघ जा चुका था। सूचना पर गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने पद चिह्नों को देखने के बाद बाघ होने की पुष्टि की। रेंजर ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात में घर के बाहर न निकलने की सलाह दी है। बाघ की दस्तक से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में दहशत है। डंडियानगला गांव के किसान कर्मवीर सिंह को रात में सूचना मिली कि नदी किनारे उनके खेत में चोर शीशम के पेड़ काट रहे हैं। इस पर वह अपने भाई पवन सिंह, लोकवीर, हरवीर सिंह, अजीत सिंह और करन सिंह को लेकर खेत पहुंचे। उन्हें देख चोर भाग खडे़ हुए। कटा पेड़ घर तक लाने के लिए चालक सलीम को ट्रैक्टर खेत पर लाने के लिए कहा। सलीम ट्रैक्टर लेकर खेत पहुंचने वाला था कि खाली पडे़ खेत में बाघ दिखा। बाघ आने की सूचना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण लाठी डंडे, बंदूकें और रायफल आदि लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बाघ जा चुका था। उधर, सूचना पर यूपी 100 पुलिस और वन विभाग की टीम भी गांव पहुंची और रात बारह बजे तक छानबीन के बाद वापस चली आई। शनिवार सुबह वन विभाग के रेंजर सुनील कुमार दीक्षित, डिप्टी रेंजर रवींद्र सिंह बिष्ट, चंद्र सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे। पदचिह्नों के आधार पर उन्होंने बाघ आने की पुष्टि की। पदचिह्नों के फोटो अधिकारियों को भेजे। रेंजर ने सलीम से भी पूछताछ की।
ढाई से तीन कुंटल वजनी है बाघ
रेंजर ने कहा कि बाघ का वजन करीब ढाई से तीन कुंटल होगा। उन्होंने कहा कि अगर बाघ को शिकार मिला तो यह आसपास रुक भी सकता है या फिर रात में नदी के रास्ते दूर भी जा सकता है। ग्रामीणों को सतर्क रहना होगा। उन्होंने ग्रामीणों को अंधेरे में किसी भी दशा में नहीं निकलने की हिदायत दी। बाघ आने की सूचना से डंडियानगला समेत आसपास के दर्जनों गांव के लोग दहशत में हैं।
जांच के बाद चली गई टीम
वन विभाग की टीम जांच कर चली गई। रेंजर ने कहा कि वे बाघ की मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं। उधर, ग्रामीणों ने कहा कि जब टीम क्षेत्र में कैंप करेगी तभी तो नजर बनाए रखेगी। ग्रामीणों को रात में निकलने से मना करने के बाद वन विभाग वाले चले गए, ऐसे में बाघ के मूवमेंट और उसकी लोकेशन कैसे ट्रेस करेंगे। उनका कहना है कि वन विभाग ने अभी तक बाघ को पकड़ने के लिए किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की है।
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डंडियानगला गांव में टाइगर की आमद हुई है। बाघ का अंधेरे में कई मील तक मूवमेंट होता है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। साथ ही उच्च अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। बाघ के पूरी तरह साफ पदचिह्न देखने को मिले हैं। -सुनील कुमार दीक्षित, रेंजर, वन विभाग बहेड़ी
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ढाई से तीन कुंटल वजनी है बाघ
रेंजर ने कहा कि बाघ का वजन करीब ढाई से तीन कुंटल होगा। उन्होंने कहा कि अगर बाघ को शिकार मिला तो यह आसपास रुक भी सकता है या फिर रात में नदी के रास्ते दूर भी जा सकता है। ग्रामीणों को सतर्क रहना होगा। उन्होंने ग्रामीणों को अंधेरे में किसी भी दशा में नहीं निकलने की हिदायत दी। बाघ आने की सूचना से डंडियानगला समेत आसपास के दर्जनों गांव के लोग दहशत में हैं।
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जांच के बाद चली गई टीम
वन विभाग की टीम जांच कर चली गई। रेंजर ने कहा कि वे बाघ की मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं। उधर, ग्रामीणों ने कहा कि जब टीम क्षेत्र में कैंप करेगी तभी तो नजर बनाए रखेगी। ग्रामीणों को रात में निकलने से मना करने के बाद वन विभाग वाले चले गए, ऐसे में बाघ के मूवमेंट और उसकी लोकेशन कैसे ट्रेस करेंगे। उनका कहना है कि वन विभाग ने अभी तक बाघ को पकड़ने के लिए किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की है।
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डंडियानगला गांव में टाइगर की आमद हुई है। बाघ का अंधेरे में कई मील तक मूवमेंट होता है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। साथ ही उच्च अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। बाघ के पूरी तरह साफ पदचिह्न देखने को मिले हैं। -सुनील कुमार दीक्षित, रेंजर, वन विभाग बहेड़ी