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ड्रोन हुआ फेल, अब कैमरे का सहारा
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा रेंज जंगल से सटे पिपरिया भूड़ गांव के पास बाघ हमले में ग्रामीण की मौत के बाद वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी में लगी हुई हैं, लेकिन अभी तक बाघ की कोई लोकशन नहीं मिल पाई है। ड्रोन भी बाघ की लोकेशन तलाशने में फेल हो गया। अब प्रभावित क्षेत्र मेें वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से एक जोड़ी कैमरा लगवाया है।
डीटीआर बफरजोन की भीरा रेंज अंतर्गत खेत से चारा लेने गए बोझवा गांव निवासी मटरू लाल को बाघ ने निवाला बनाया था। तीन दिन पहले हुई इस घटना के बाद से वन विभाग की टीमें लगातार बाघ की लोकेशन पता लगाने में जुटी रहीं, बावजूद इसके हमलावर बाघ की लोकेशन नहीं मिली। शुक्रवार वन विभाग ने ड्रोन उड़ाकर बाघ की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की, लेकिन ड्रोन भी फेल हो गया। डीटीआर बफरजोन के डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बाघ की लोकेशन ट्रेस करने को घटनास्थल पर कैमरा लगवाने का निर्णय लिया। डीडी के निर्देश पर शनिवार सुबह डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (उत्तराखंड) की परियोजना अधिकारी पराजक्ता, खीरी के रोहित रवि, रेंजर भीरा राकेश बाबू वर्मा और वन कर्मियों ने घटनास्थल पर एक जोड़ी कैमरा लगाया।
अभी तक बाघ की लोकेशन नहीं मिल सकी है। टीमें लगातार निगरानी में लगी हुई हैं। लोकेशन पता लगाने के लिए प्रभावित क्षेत्र में एक जोड़ी कैमरा लगाया गया है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर, बफरजोन।
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डीटीआर बफरजोन की भीरा रेंज अंतर्गत खेत से चारा लेने गए बोझवा गांव निवासी मटरू लाल को बाघ ने निवाला बनाया था। तीन दिन पहले हुई इस घटना के बाद से वन विभाग की टीमें लगातार बाघ की लोकेशन पता लगाने में जुटी रहीं, बावजूद इसके हमलावर बाघ की लोकेशन नहीं मिली। शुक्रवार वन विभाग ने ड्रोन उड़ाकर बाघ की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की, लेकिन ड्रोन भी फेल हो गया। डीटीआर बफरजोन के डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बाघ की लोकेशन ट्रेस करने को घटनास्थल पर कैमरा लगवाने का निर्णय लिया। डीडी के निर्देश पर शनिवार सुबह डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (उत्तराखंड) की परियोजना अधिकारी पराजक्ता, खीरी के रोहित रवि, रेंजर भीरा राकेश बाबू वर्मा और वन कर्मियों ने घटनास्थल पर एक जोड़ी कैमरा लगाया।
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अभी तक बाघ की लोकेशन नहीं मिल सकी है। टीमें लगातार निगरानी में लगी हुई हैं। लोकेशन पता लगाने के लिए प्रभावित क्षेत्र में एक जोड़ी कैमरा लगाया गया है।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर, बफरजोन।