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बाघ का हमला.. मारे गए बालक के परिवार को राहत, गांव में दहशत
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पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देती वन कर्मियों की टीम।
- फोटो : LAKHIMPUR
बांकेगंज/धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के धौरहरा रेंज की गनापुर बीट से सटे थाना ईसानगर क्षेत्र के चमरन पुरवा, गौढ़ी चकदहा गांव में सोमवार रात बाघ के हमले में बालक की मौत के मामले में मंगलवार को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृतक के परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में दस हजार रुपये दिए। इधर, बाघ के हमले की घटना के बाद ग्रामीणों में जबरदस्त दहशत है।
सोमवार की रात बाघ ने पुतान के बेटे बृजेश (12) पर हमला कर दिया था और बाद में उसे खींच कर गन्ने के खेत में ले गया। तलाश करने पर उसका अधखाया शव बाद में मिला था। मंगलवार को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव मिलने वाले स्थान और वहां मिले पगचिह्नों का अध्ययन किया। वन कर्मियों का कहना था कि पगचिह्न बाघ या तेंदुए के नहीं है। जबकि ग्रामीणों ने दावा किया हमला बाघ ने ही किया था। बाद में वन कर्मियों ने मृतक बालक बृजेश के पिता पुतान को तात्कालिक सहायता के रूप में 10 हजार रुपये दिए और अपनी जांच में जुट गए।
वन कर्मियों की टीम घटनास्थल पर रवाना की गई है। मौके पर मिले पगचिह्न स्पष्ट न होने से यह कहना मुश्किल है कि बालक की मौत किस वन्यजीव के हमले मेें हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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- डॉ अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर, बफरजोन
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सोमवार की रात बाघ ने पुतान के बेटे बृजेश (12) पर हमला कर दिया था और बाद में उसे खींच कर गन्ने के खेत में ले गया। तलाश करने पर उसका अधखाया शव बाद में मिला था। मंगलवार को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव मिलने वाले स्थान और वहां मिले पगचिह्नों का अध्ययन किया। वन कर्मियों का कहना था कि पगचिह्न बाघ या तेंदुए के नहीं है। जबकि ग्रामीणों ने दावा किया हमला बाघ ने ही किया था। बाद में वन कर्मियों ने मृतक बालक बृजेश के पिता पुतान को तात्कालिक सहायता के रूप में 10 हजार रुपये दिए और अपनी जांच में जुट गए।
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वन कर्मियों की टीम घटनास्थल पर रवाना की गई है। मौके पर मिले पगचिह्न स्पष्ट न होने से यह कहना मुश्किल है कि बालक की मौत किस वन्यजीव के हमले मेें हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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- डॉ अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर, बफरजोन