{"_id":"662f4c7aadde8a13cc0da931","slug":"three-hundred-roadways-buses-will-be-deployed-for-elections-in-bareilly-division-2024-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: चुनाव में जाएंगी 300 रोडवेज बसें, यात्रियों को न हो दिक्कत... इसलिए 220 के बढ़ाए जाएंगे फेरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: चुनाव में जाएंगी 300 रोडवेज बसें, यात्रियों को न हो दिक्कत... इसलिए 220 के बढ़ाए जाएंगे फेरे
Mon, 29 Apr 2024 01:46 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 29 Apr 2024 01:46 PM IST
सार
लोकसभा चुनाव में रीजन की 462 बसों को लगाया गया है। शुरुआती दो चरण में तो समस्या नहीं हुई पर तीसरे राउंड में एक साथ 300 बसों के जाने से परेशानी हो सकती है।
विज्ञापन
सेटेलाइट बस अड्डे पर रोडवेज बसें
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में सात मई को बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर में मतदान होना है। इससे पहले छह मई को रीजन के बरेली, बदायूं, पीलीभीत और रुहेलखंड डिपो की 300 बसों को चुनाव में भेजा जाएगा। इस कमी को पूरा करने के लिए रोडवेज ने कई रूटों पर 220 बसों के फेरे बढ़ाने का निर्णय लिया है। सेवा प्रबंधक धनजी राम ने इस संबंध में चारों डिपो के एआरएम को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव में रीजन की 462 बसों को लगाया गया है। शुरुआती दो चरण में तो समस्या नहीं हुई पर तीसरे राउंड में एक साथ 300 बसों के जाने से परेशानी हो सकती है। इसको देखते हुए रीजनल वर्कशॉप समेत चारों डिपो के वर्कशॉप में पुरानी बसों की कमियों को दूर किया जा रहा है। सेवा प्रबंधक ने बताया कि चुनाव में नई बसों को भेजा जा रहा है। शेष 220 बसों के फेरों को बढ़ाया जाएगा। चारों डिपो के पास 135 अनुबंधित बसें भी हैं। जरूरत पर इनके भी फेरे बढ़ाए जाएंगे। तीसरे चरण में जाने वाली बसों की वापसी अंतिम चरण के बाद होगी।
विज्ञापन
इस सप्ताह मिलेंगी 10 नई बसें
रोडवेज को इसी सप्ताह 10 और नई बसें मिल जाएंगी। मार्च में रीजन के लिए 40 नई बसों का आवंटन हुआ था। इनमें 30 बसें पहले ही मिल चुकी हैं। बाकी 10 बसों को लाने के लिए एक मई को बरेली से चालकों के दल को कानपुर भेजा जाएगा। रोडवेज के बेड़े का आधुनिकीकरण किया जा रहा है पर अब भी 20 फीसदी बसें पुरानी हैं।
विज्ञापन