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Bareilly News: रोजेदारों के लिए इस बार राहत भरा होगा रमजान
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बरेली। माह-ए- रमजान में इस बार रोजा राहत भरा होगा। 12 साल के बाद एक बार फिर से रमजान हल्की सर्दियों में प्रवेश कर गया है। वहीं रमजान की आमद के लिए अभी से लोगों में उत्साह है। लोग अभी से रमजान का कार्यक्रम तय करने में जुट गए हैं।
गर्मी में रोजा रखने का इम्तिहान रोजेदारों का पूरा हो गया है। अंग्रेजी व इस्लामी कैलेंडर के अंतर के मुताबिक अब 11 साल सर्दियों में रमजान रहेंगे। 2007 से 2025 तक गर्मियों के बीच रोजे रखे गए थे। 2026 से 2036 तक रोजेदारों को सूरज की तपिश से निजात मिलेगी। 2007 से 2025 के बीच 19 साल रोजेदारों ने सूरज की तपिश, उमस भरी गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच खुदा की इबादत की। अब आने वाले 11 साल तक रमजान का महीना सर्दियों के बीच ही गुजरेगा।
इस्लामिक कैलेंडर का यह पाक महीना पिछले 19 वर्षों में मार्च से सितंबर के बीच गुजरा। इस बीच कभी रोजेदारों का सामना अप्रैल-मई की झुलसा देने वाली तपिश से हुआ तो कभी जून, जुलाई, अगस्त में पसीने से तरबतर करने देने वाली उमस भरी गर्मी रही।
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इस बार रजमान के लिए जो सुन्नी मसलक की जंतरियां बांटी गई हैं उसके अनुसार पहला रोजा 12 घंटे 49 मिनट का होगा। वहीं आखरी रोजा सबसे बड़ा होगा, जो 13 घंटे 31 मिनट का रहेगा। यदि 18 फरवरी को चांद होता है तो 19 फरवरी को भोर में पहली सहरी सुबह पांच बजकर 21 मिनट तक रहेगा और इफ्तार का वक्त शाम छह बजकर 10 मिनट है। देवबंद जंतरी के मुताबिक पहली सहरी सुबह पांच बजकर 24 मिनट तक और इफ्तार समय शाम छह बजकर सात मिनट रहेगा। शिया मत की जंतरी के लिहाज से सहरी सुबह पांच बजकतर 24 मिनट बजे तक और इफ्तार शाम छह बजकर छह मिनट रहेगा। संवाद
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गर्मी में रोजा रखने का इम्तिहान रोजेदारों का पूरा हो गया है। अंग्रेजी व इस्लामी कैलेंडर के अंतर के मुताबिक अब 11 साल सर्दियों में रमजान रहेंगे। 2007 से 2025 तक गर्मियों के बीच रोजे रखे गए थे। 2026 से 2036 तक रोजेदारों को सूरज की तपिश से निजात मिलेगी। 2007 से 2025 के बीच 19 साल रोजेदारों ने सूरज की तपिश, उमस भरी गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच खुदा की इबादत की। अब आने वाले 11 साल तक रमजान का महीना सर्दियों के बीच ही गुजरेगा।
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इस्लामिक कैलेंडर का यह पाक महीना पिछले 19 वर्षों में मार्च से सितंबर के बीच गुजरा। इस बीच कभी रोजेदारों का सामना अप्रैल-मई की झुलसा देने वाली तपिश से हुआ तो कभी जून, जुलाई, अगस्त में पसीने से तरबतर करने देने वाली उमस भरी गर्मी रही।
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इस बार रजमान के लिए जो सुन्नी मसलक की जंतरियां बांटी गई हैं उसके अनुसार पहला रोजा 12 घंटे 49 मिनट का होगा। वहीं आखरी रोजा सबसे बड़ा होगा, जो 13 घंटे 31 मिनट का रहेगा। यदि 18 फरवरी को चांद होता है तो 19 फरवरी को भोर में पहली सहरी सुबह पांच बजकर 21 मिनट तक रहेगा और इफ्तार का वक्त शाम छह बजकर 10 मिनट है। देवबंद जंतरी के मुताबिक पहली सहरी सुबह पांच बजकर 24 मिनट तक और इफ्तार समय शाम छह बजकर सात मिनट रहेगा। शिया मत की जंतरी के लिहाज से सहरी सुबह पांच बजकतर 24 मिनट बजे तक और इफ्तार शाम छह बजकर छह मिनट रहेगा। संवाद