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फिर बीमार हुईं आठ संवासिनियां, एक गंभीर

Wed, 13 Jan 2016 02:17 AM IST
बरेली
बरेली Updated Wed, 13 Jan 2016 02:17 AM IST
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बरेली। पौष्टिक भोजन न मिलने के कारण नारी निकेतन और ममता मानसिक मंदित आश्रम में रहने वाली संवासिनियों बीमार हो रहीं हैं। इनमें से छह संवासिनियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।  जिनमें से एक ही हालत गंभीर होने पर उपचार के लिए हायर सेंटर भेज दिया गया। पिछले साल भी अव्यवस्थाओं के कारण दो दर्जन संवासिनियां उपचार के लिए भर्ती कराई गईं थीं, उनमें से आधा दर्जन की मौत हुई थी।
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 जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुईं इन सभी संवासिनियों में खून की कमी है और कमजोर हैं।  इनको हाई प्रोटीन डाइट पर रखा जा रहा है। हालात की मारी इन संवासिनियाें को आश्रय स्थल में खाने पीने को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह में दस से अधिक संवासिनी जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हो चुकी हैं। इनमें विमला (50), ममता (26), पूजा (35) और गूंगी (30) नारी निकेतन की हैं। जबकि  सुनीता (30), जमीला (50) और शाहीन (40) ममता मानसिक मंदित आश्रम की हैं। ममता की हालत गंभीर होने के कारण हायर सेंटर में भर्ती कराने के लिए भेज दिया है।
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- कमजोरी और खून की कमी से हैं पीड़ित
नारी निकेतन में सरकार की ओर से संवासिनियों के लिए पर्याप्त खाद्य पदार्थों की व्यवस्था है लेकिन  फिर भी यहां किसी भी संवासिनी का हीमोग्लोबिन 5 ग्राम से अधिक नहीं है।  डॉक्टराें का कहना है कि उनका खानपान ठीक नहीं है।
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40 रुपये में क्या - क्या खिलाएं
ममता मानसिक मंदित आश्रम में रहने वाली प्रत्येक संवासिनियों के लिए 1200 रुपये महीने मिलते हैं। यह राशि प्रतिदिन के हिसाब से 40 रुपये हैं, जिससे दो वक्त का खाना, चाय, नाश्ता देने का प्रयास कर रहे हैं। नवीन बाबू जौहरी, अधीक्षक,
 
- पिछले साल हो चुकी है छह से अधिक मौतें
पिछले साल नारी निकेतन और मानसिक मंदित आश्रम में  छह मौतें हो चुकी हैं। इनमें अधिकतर संक्रमित बीमारियों से पीड़ित बताई गईं हैं।
वर्जन--
‘संवासिनियों को हाई प्रोटीन डाइट दी जा रही है। जिसमें दूध, अंडा, ब्रेड के साथ दाल, रोटी सब्जी और चावल शामिल है। डिस्चार्ज होते समय इनका खून व कमजोरी काफी हद तक कम हो जाती है, जबकि यही संवासिनियां देखभाल न होने से दोबारा भर्ती होती हैं।’
डॉ. अंशुमान तिवारी, फिजीशियन

नहीं जा पा रहे हैं डॉक्टर
प्रशासन की ओर से जिला अस्पताल के डॉक्टरों को सप्ताह में दो दिन दोपहर 12 बजे के बाद नारी निकेतन और ममता मानसिक मंदित आश्रम में उपचार के लिए भेजने को कहा गया है। लेकिन डॉक्टराें की कमी और मरीजों की भीड़ का तर्क देकर डाक्टरों की टीम उन्हें देखने नहीं जा रही है।

पिछले महीने डीएम ने भी अपने दौरे के दौरान जरूरत के वक्त डॉक्टरों को आश्रय स्थल भेजने के आदेश दिए थे। ममता आश्रम के अधीक्षक नवीन जौहरी ने जिला अस्पताल के सीएमएस से डॉक्टरों को भेजने की मांग कर चुके हैं। उनके यहां अक्तूबर से डाक्टर उपचार के लिए नहीं पहुंचे हैं।
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