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Bareilly News: दस बार डायलिसिस से संवेदनशीलता कम होने की आशंका
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बरेली। जिला अस्पताल में एक डायलाइजर से दस बार डायलिसिस का मामला चिकित्सकों के बीच चर्चा में है। विशेषज्ञों के मुताबिक अधिकतम पांच बार एक डायलाइजर का प्रयोग हो सकता है। इससे ज्यादा प्रयोग से संवेदनशीलता कम होती है।
निजी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉ. महेश त्रिपाठी के मुताबिक डायलाइजर एक कृत्रिम किडनी होती है। यह शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को निकालता है। रक्त में पोटैशियम, सोडियम, कैल्शियम व अन्य खनिजों को सुरक्षित रखता है। ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करता है। इसके जरिये शरीर का तापमान संतुलित होता है। मगर एक डायलाइजर का दो से चार बार ही प्रयोग किया जा सकता है। पांच बार से भी ज्यादा बार प्रयोग करने से उसकी टॉक्सिसिटी बढ़ सकती है। शरीर का तापमान असंतुलित होने से मरीज को कंपकंपी हो सकती है। ज्यादा प्रयोग करना है तो वायरोलॉजिस्ट से डायलाइजर की जांच करानी चाहिए।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन के मुताबिक डायलाइजर का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा चार बार करना ही बेहतर होता है। इससे ज्यादा प्रयोग करने से उसकी क्षमता कम हो जाती है। शारीरिक तापमान प्रभावित होने लगता है। शरीर में एलर्जी और इंफेक्शन की आशंका रहती है।
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अभी तक फर्म ने नहीं सौंपा है अनुबंध पत्र
एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक डायलाइजर का कितनी बार प्रयोग होना चाहिए, इस पर फर्म का कहना है कि शासन से ही दस बार का अनुबंध है। मगर इस दावे के संबंध में अभी कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया है। फर्म संचालक को प्रबंधन से एक व्यक्ति को अनुबंध पत्र के साथ अगले सप्ताह होने वाली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बुलाया गया है। तभी स्थिति साफ होगी।
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निजी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉ. महेश त्रिपाठी के मुताबिक डायलाइजर एक कृत्रिम किडनी होती है। यह शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को निकालता है। रक्त में पोटैशियम, सोडियम, कैल्शियम व अन्य खनिजों को सुरक्षित रखता है। ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करता है। इसके जरिये शरीर का तापमान संतुलित होता है। मगर एक डायलाइजर का दो से चार बार ही प्रयोग किया जा सकता है। पांच बार से भी ज्यादा बार प्रयोग करने से उसकी टॉक्सिसिटी बढ़ सकती है। शरीर का तापमान असंतुलित होने से मरीज को कंपकंपी हो सकती है। ज्यादा प्रयोग करना है तो वायरोलॉजिस्ट से डायलाइजर की जांच करानी चाहिए।
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वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन के मुताबिक डायलाइजर का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा चार बार करना ही बेहतर होता है। इससे ज्यादा प्रयोग करने से उसकी क्षमता कम हो जाती है। शारीरिक तापमान प्रभावित होने लगता है। शरीर में एलर्जी और इंफेक्शन की आशंका रहती है।
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अभी तक फर्म ने नहीं सौंपा है अनुबंध पत्र
एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक डायलाइजर का कितनी बार प्रयोग होना चाहिए, इस पर फर्म का कहना है कि शासन से ही दस बार का अनुबंध है। मगर इस दावे के संबंध में अभी कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया है। फर्म संचालक को प्रबंधन से एक व्यक्ति को अनुबंध पत्र के साथ अगले सप्ताह होने वाली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बुलाया गया है। तभी स्थिति साफ होगी।