बरेली। पढ़ाई, कमाई, गाड़ी, मकान, महंगे फोन, मनचाही शादी और कई महंगे शाैक पूरे की चिंता युवाओं को मनोरोगी बना रही है। 28 माह में टेलीमानस पर युवाओं की करीब 40 हजार फोन कॉल्स आईं, जिनमें उन्होंने इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए सहयोग मांगा।
मानसिक चिकित्सालय में टेलीमानस की शुरुआत दिसंबर 2022 में हुई थी। तब से मार्च 2015 तक एक लाख कॉल्स आईं। इनमें से 55 फीसदी कॉल्स 30 से 65 वर्ष आयु के लोगों ने कीं। 21 से 30 वर्ष आयुवर्ग के लोगों ने 40 फीसदी कॉल्स कीं। उन्होंने बेरोजगारी, पढ़ाई में दिक्कत, कार्यस्थल पर तनाव, नौकरी से निकाले जाने, पारिवारिक दबाव, प्रेम संबंधों में अड़चन, वैवाहिक जीवन में तनाव आदि से संबंधित समस्याएं साझा कीं। उनकी काउंसलिंग की गई। टेलीमानस के नोडल अधिकारी डॉ. आलोक के मुताबिक, आमतौर पर 30 वर्ष या इससे अधिक आयु के लोगों में जो तनाव होता था, वह अब 21 से 30 वर्ष के युवाओं में दिख रहा है। वैवाहिक जीवन का तनाव भी उन्हें अवसादग्रस्त बना रहा है। रील्स देखकर तनाव बढ़ा रहे युवा : क्लीनिकल काउंसलर शिवानी सिंह के मुताबिक, युवाओं की काउंसलिंग के दौरान पता चलता है कि वे स्मार्टफोन पर रील्स देखकर खुद को वैसा ही बनाने में जुट जाते हैं। असफल होने पर निराश होते हैं। पौरुष क्षमता को लेकर भी यही स्थिति है। 21 से 30 वर्ष की आयु में जिनकी शादी हो जाती है, वे अज्ञानतावश रील्स के अनुसार पौरुष क्षमता चाहते हैं। उन्हें सही जानकारी दी जाती है। ब्यूरो