{"_id":"5ecd7b9f8ebc3e907664baec","slug":"the-woman-was-infected-stayed-oblivious-for-four-days-after-ultrasound-bareilly-news-bly4071563106","type":"story","status":"publish","title_hn":"संक्रमित थी महिला.. अल्ट्रासाउंड करके चार दिन रहे बेखबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संक्रमित थी महिला.. अल्ट्रासाउंड करके चार दिन रहे बेखबर
Wed, 27 May 2020 02:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2020 02:21 AM IST
विज्ञापन
यूपी में कोरोना वायरस
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईएमए सचिव के मुताबिक शरीर में पहुंचने के बाद चार-पांच दिन बाद सक्रिय होता है वायरस इसलिए खतरे की संभावना कम
विज्ञापन
महिला की रिपोर्ट आने के बाद बंद किया अल्ट्रासाउंड सेंटर
बरेली। संक्रमित महिला का अल्ट्रासाउंड करने के बाद रामपुर बाग के डॉक्टर चार दिन तक खतरे से बेखबर रहे। चार दिन बाद जब महिला में संक्रमण की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट आईवीआरआई से जारी हुई तो अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद कर दिया गया। आईएमए सचिव का कहना है कि भले ही चार दिन डॉक्टर और उनका स्टाफ दूसरे लोगों के संपर्क में रहा लेकिन चूंकि वायरस को शरीर में जाकर सक्रिय होने में चार-पांच दिन लगते हैं लिहाजा खतरे की आशंका कम ही है।
आईएमए सचिव डॉ. राजीव गोयल ने बताया कि संक्रमित मिले डॉक्टर आईएमए के सक्रिय सदस्य हैं। बदायूं की महिला में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद वह और उनका परिवार कोविड-19 की गाइडलाइन के मुताबिक क्वारंटीन हैं। पिछले पांच दिनों से उनका अल्ट्रासाउंड सेंटर भी बंद है। उन्होंने बताया कि शासन की गाइडलाइन के मुताबिक किसी अस्पताल या क्लिनिक में इलाज कराने पहुंचे व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद डॉक्टर को क्वारंटीन होने के निर्देश दिए गए हैं जिसके अनुसार डॉक्टर क्वारंटीन थे। इस बीच वह घर पर ही रहे और कोई उनके संपर्क में नहीं आया।
विज्ञापन
रामपुर बाग में हॉटस्पॉट या नहीं, फैसला आज
रामपुर बाग के रहने वाले डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद यह इलाका हॉटस्पॉट बनेगा या नहीं, इस पर चर्चा शुरू हो गई। डीएम नितीश कुमार का कहना है कि संक्रमित मिले डॉक्टर के पांच दिनों से होम क्वारंटी होने की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करने के बाद अगर इसकी पुष्टि हुई तो रामपुर बाग को हॉटस्पॉट न बनाने पर विचार किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
3522 लोगों की स्क्रीनिंग, 42 सैंपल
स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को कंटेन्टमेंट जोन में जांच अभियान चलाया। 13 टीमों ने 670 घरों में स्क्रीनिंग और 3522 लोगों की जांच की। अभियान बानखाना, बिहारीपुर्, एजाजनगर गौटिया, साहूकारा में चलाया गया। 300 बेड अस्पताल में 324 लोगों की स्क्रीनिंग कर 42 लोगों के सैंपल लिए। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जिला प्रभारी अभिषेक त्यागी के निर्देशन में अभियान चलाकर 10 सैंपल लिए गए।
संदिग्ध संक्रमितों की चेक होगा रक्तचाप और शुगर
एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताय कि शासन की ओर से मंगलवार शाम जारी गाइडलाइन के मुताबिक अब संदिग्ध संक्रमितों का रक्तचाप और डायबिटीज की भी जांच होगी। अब तक संक्रमण की पुष्टि होने के बाद ही रक्तचाप और शुगर की जांच की जाती थी।
अब 24 घंटे में आईवीआरआई से रिपोर्ट मिलने का दावा
मंगलवार को आईवीआरआई से एकमात्र रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिली जबकि सोमवार को लिए गए 65 सैंपल आईवीआरआई भेजे गए थे। एसीएमओ डॉ. गौतम ने बताया कि आईवीआरआई ने मंगलवार को पीलीभीत और बदायूं के लंबित सभी सैंपल की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इस वजह से बरेली के सैंपलों की रिपोर्ट मंगलवार दोपहर तक देने को कहा है। उन्होंने दावा किया है कि पहले भेजे गए सभी सैंपल की रिपोर्ट मिल गई है। बुधवार से निर्धारित सैंपल भेजे जाएंगे जिसकी रिपोर्ट भी समय से आ जाएगी।
विज्ञापन
महिला की रिपोर्ट आने के बाद बंद किया अल्ट्रासाउंड सेंटर बरेली। संक्रमित महिला का अल्ट्रासाउंड करने के बाद रामपुर बाग के डॉक्टर चार दिन तक खतरे से बेखबर रहे। चार दिन बाद जब महिला में संक्रमण की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट आईवीआरआई से जारी हुई तो अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद कर दिया गया। आईएमए सचिव का कहना है कि भले ही चार दिन डॉक्टर और उनका स्टाफ दूसरे लोगों के संपर्क में रहा लेकिन चूंकि वायरस को शरीर में जाकर सक्रिय होने में चार-पांच दिन लगते हैं लिहाजा खतरे की आशंका कम ही है।
आईएमए सचिव डॉ. राजीव गोयल ने बताया कि संक्रमित मिले डॉक्टर आईएमए के सक्रिय सदस्य हैं। बदायूं की महिला में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद वह और उनका परिवार कोविड-19 की गाइडलाइन के मुताबिक क्वारंटीन हैं। पिछले पांच दिनों से उनका अल्ट्रासाउंड सेंटर भी बंद है। उन्होंने बताया कि शासन की गाइडलाइन के मुताबिक किसी अस्पताल या क्लिनिक में इलाज कराने पहुंचे व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद डॉक्टर को क्वारंटीन होने के निर्देश दिए गए हैं जिसके अनुसार डॉक्टर क्वारंटीन थे। इस बीच वह घर पर ही रहे और कोई उनके संपर्क में नहीं आया।
विज्ञापन
रामपुर बाग में हॉटस्पॉट या नहीं, फैसला आज
रामपुर बाग के रहने वाले डॉक्टर में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद यह इलाका हॉटस्पॉट बनेगा या नहीं, इस पर चर्चा शुरू हो गई। डीएम नितीश कुमार का कहना है कि संक्रमित मिले डॉक्टर के पांच दिनों से होम क्वारंटी होने की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करने के बाद अगर इसकी पुष्टि हुई तो रामपुर बाग को हॉटस्पॉट न बनाने पर विचार किया जा सकता है।
विज्ञापन