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454 कालेजों वाली हो गई रुहेलखंड यूनिवर्सिटी
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 20 Aug 2016 01:31 AM IST
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एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी पर 31 नये कालेजों का बोझ और बढ़ गया है। इन कालेजों को वर्तमान शैक्षिक सत्र में संबद्धता देने के बाद अब यूनिवर्सिटी के कार्यक्षेत्र में कालेजों की संख्या 454 हो गई है। नये कालेजों की संबद्धता पर इसी महीने होने वाली कार्य समिति की बैठक में मुहर लगेगी।
रुहेलखंड यूनिवर्सिटी पर हर साल कालेजों का बोझ बढ़ रहा है। पिछले साल भी यूनिवर्सिटी ने लगभग 40 कालेजों को संबद्धता दी थी। इस शैक्षिक सत्र में 31 कालेजों को संबद्धता के बावजूद 50 से ज्यादा और कालेजों की संबद्धता के लिए आवेदन यूनिवर्सिटी में विचाराधीन हैं। इन्होंने अगले सत्र के लिए संबद्धता को आवेदन किया है। यूनिवर्सिटी से संबद्ध कालेजों की संख्या लगातार बढ़ने से काम भी बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि सभी कालेजों की एक साथ परीक्षा कराने से लेकर कापियों के मूल्यांकन और रिजल्ट तैयार करने तथा उसको जारी करने के अलावा मार्कशीट बनवाने में देरी होती है। इसका खमियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ता है। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने पिछले साल की तरह इस बार भी हाथ खोलकर संबद्धता बांटी है। शासन ने दो साल पहले कालेजों की संबद्धता का अधिकार यूनिवर्सिटी को ही दे दिया इसलिए कालेजों को संबद्धता देने में काफी दरियादिली दिखाई गई है। प्रत्येक यूनिवर्सिटी पर अधिकतम दो सौ कालेजों को आदर्श स्थिति माना गया है। इसके बावजूद रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से 454 कालेज संबद्ध होने से व्यवस्था और प्रभावित होगी। वैसे भी, यूनिवर्सिटी में लंबे समय से नियुक्ति नहीं हुई हैं इसलिए शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या काफी कम है।
कोट...
नये कालेजों को संबद्धता पर कार्य परिषद की बैठक में अंतिम मुहर लगेगी। सीमित संसाधनों में भी समयबद्ध कार्य कराने का प्रयास कर रहे हैं।
-डॉ. साहिबलाल मौर्य, कुलसचिव
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रुहेलखंड यूनिवर्सिटी पर हर साल कालेजों का बोझ बढ़ रहा है। पिछले साल भी यूनिवर्सिटी ने लगभग 40 कालेजों को संबद्धता दी थी। इस शैक्षिक सत्र में 31 कालेजों को संबद्धता के बावजूद 50 से ज्यादा और कालेजों की संबद्धता के लिए आवेदन यूनिवर्सिटी में विचाराधीन हैं। इन्होंने अगले सत्र के लिए संबद्धता को आवेदन किया है। यूनिवर्सिटी से संबद्ध कालेजों की संख्या लगातार बढ़ने से काम भी बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि सभी कालेजों की एक साथ परीक्षा कराने से लेकर कापियों के मूल्यांकन और रिजल्ट तैयार करने तथा उसको जारी करने के अलावा मार्कशीट बनवाने में देरी होती है। इसका खमियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ता है। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने पिछले साल की तरह इस बार भी हाथ खोलकर संबद्धता बांटी है। शासन ने दो साल पहले कालेजों की संबद्धता का अधिकार यूनिवर्सिटी को ही दे दिया इसलिए कालेजों को संबद्धता देने में काफी दरियादिली दिखाई गई है। प्रत्येक यूनिवर्सिटी पर अधिकतम दो सौ कालेजों को आदर्श स्थिति माना गया है। इसके बावजूद रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से 454 कालेज संबद्ध होने से व्यवस्था और प्रभावित होगी। वैसे भी, यूनिवर्सिटी में लंबे समय से नियुक्ति नहीं हुई हैं इसलिए शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या काफी कम है।
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कोट...
नये कालेजों को संबद्धता पर कार्य परिषद की बैठक में अंतिम मुहर लगेगी। सीमित संसाधनों में भी समयबद्ध कार्य कराने का प्रयास कर रहे हैं।
-डॉ. साहिबलाल मौर्य, कुलसचिव