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अकीदत का नजराना लेकर खानकाह नियाजिया पहुंचे विदेशी मेहमान
बरेली।
Updated Thu, 03 Mar 2016 01:18 AM IST
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खानकाह नियाजिया में बुधवार को विदेशी मेहमान आए। उन्होंने चादर पोशी कर अकीदत का नजराना पेश किया। विदेशियों का यह दल विभिन्न देशों के भ्रमण पर निकला है। इसी क्रम में पीर बुरहान उ्ददीन के नेतृत्व में यह लोग बरेली पहुंचे। इसमें चीन, स्पेन, जर्मनी, अमेरिका, स्टोनिया के चार पुरुष और आठ महिलाएं शामिल हैं।
इस दल का नेतृत्व कर रहे पीर बुरहान उद्दीन खानकाह नियाजिया के सज्जादानशीन शाह मोहम्मद हसनैन नियाजी उर्फ हसनी मियां के खलीफा है। उन्होंने बताया कि वह सूफिज्म के जरिए इस्लाम की सही तस्वीर दुनिया के सामने पेश करने निकले हैं। इस्लाम अमन और एकता का पैगाम देता है। अखलाक और मोहब्बत की वकालत करता है और बहुत सी खूबियां हैं। सूफी बुजुर्गों ने इंसानी बिरादरी के लिए जो जिंदगी पेश की है वह पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। उन्होंने बताया कि इटली के अलावा वह जर्मनी, हांगकांग, चीन, इंडोनेशिया, स्पेन आदि देशों में सूफी खानकाह कायम कर चुके हैं। खानकाह में प्रबंधक शब्बू मियां के साथ पूरे दल ने मजार शरीफ पर हाजिरी और चादरपोशी की। इसके बाद वह साहिबे सज्जादा शाह हसनी मियां से मिले और उनसे दुआएं लीं।
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इस दल का नेतृत्व कर रहे पीर बुरहान उद्दीन खानकाह नियाजिया के सज्जादानशीन शाह मोहम्मद हसनैन नियाजी उर्फ हसनी मियां के खलीफा है। उन्होंने बताया कि वह सूफिज्म के जरिए इस्लाम की सही तस्वीर दुनिया के सामने पेश करने निकले हैं। इस्लाम अमन और एकता का पैगाम देता है। अखलाक और मोहब्बत की वकालत करता है और बहुत सी खूबियां हैं। सूफी बुजुर्गों ने इंसानी बिरादरी के लिए जो जिंदगी पेश की है वह पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। उन्होंने बताया कि इटली के अलावा वह जर्मनी, हांगकांग, चीन, इंडोनेशिया, स्पेन आदि देशों में सूफी खानकाह कायम कर चुके हैं। खानकाह में प्रबंधक शब्बू मियां के साथ पूरे दल ने मजार शरीफ पर हाजिरी और चादरपोशी की। इसके बाद वह साहिबे सज्जादा शाह हसनी मियां से मिले और उनसे दुआएं लीं।
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