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Bareilly News: टेंडर नहीं हुआ, जेई साहब भी चले गए...इसलिए शी-लॉज में लटक गए ताले
Fri, 19 Apr 2024 04:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 19 Apr 2024 04:43 AM IST
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बरेली। महिलाओं की सुविधा के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनाए गए शी-लॉज में फिलहाल ताले लटक गए हैं। कारण, इसके स्थाई संचालन के लिए कंपनी चयन का टेंडर अभी तक हो नहीं सका है। वहीं विकल्प के तौर पर निर्माण कराने वाली संस्था ने भी इसे फिलहाल जेई का तबादला होने का हवाला बंद कर दिया है।
सेटेलाइट और घंटाघर पर बने इन शी-लॉज की लागत करीब 90 लाख रुपए है। इसमें महिलाओं के लिए बच्चों को स्तनपान कराने, सेनेटरी पैड नि:शुल्क उपलब्ध कराने की सुविधा है। इसका संचालन पीपीपी के तहत किसी निजी कंपनी से कराया जाना है, लेकिन इसके टेंडर नहीं हो सके हैं। ऐसे में फिलहाल इसका संचालन निर्माण कराने वाली कंपनी के कर्मचारी कर रहे थे। निर्माण कराने वाली कंपनी के पास ही इसका पांच साल तक मेंटेनेंस कराने की भी जिम्मेदारी है। इसीलिए उससे संचालन कराया जा रहा था। शी-लॉज से महिलाओं को सुविधा थी, लेकिन इस समय इन्हें बंद कर दिया गया है। निर्माण करने वाली कंपनी के इंजीनियर रणजीत ने बताया कि जेई साहब चले गए हैं, इस कारण से शी-लॉज पर ताले लगे हैं। किसी अन्य की आते ही दोबारा खोल दिया जाएगा।
शी-लॉज से महिलाओं की काफी सुविधा थी। बाजार और यात्रा करने वाली महिलाएं बच्चों को आसानी से स्तनपान करा सकती थीं। परेशानी होने पर सेनेटरी पेड, शौचालय का इस्तेमाल भी कर रही थीं। इसीलिए इन्हें सबसे व्यस्ततम क्षेत्र घंटाघर और सेटेलाइट पर बनाया गया था, लेकिन अब यहां ताले लटकने पर पहले जैसी स्थिति हो गई है और महिलाओं की परेशानी भी बढ़ गई है।
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अभी तक कोई भी नियमानुसार संचालक नहीं मिला है, आने पर उसे जिम्मा सौंपा जाएगा। फिलहाल निर्माण कराने वाली संस्था को जिम्मेदारी दी गई थी और अगर शी-लॉज पर ताले लटके हैं तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
निधि गुप्ता वत्स सीईओ, स्मार्ट सिटी व नगर आयुक्त
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सेटेलाइट और घंटाघर पर बने इन शी-लॉज की लागत करीब 90 लाख रुपए है। इसमें महिलाओं के लिए बच्चों को स्तनपान कराने, सेनेटरी पैड नि:शुल्क उपलब्ध कराने की सुविधा है। इसका संचालन पीपीपी के तहत किसी निजी कंपनी से कराया जाना है, लेकिन इसके टेंडर नहीं हो सके हैं। ऐसे में फिलहाल इसका संचालन निर्माण कराने वाली कंपनी के कर्मचारी कर रहे थे। निर्माण कराने वाली कंपनी के पास ही इसका पांच साल तक मेंटेनेंस कराने की भी जिम्मेदारी है। इसीलिए उससे संचालन कराया जा रहा था। शी-लॉज से महिलाओं को सुविधा थी, लेकिन इस समय इन्हें बंद कर दिया गया है। निर्माण करने वाली कंपनी के इंजीनियर रणजीत ने बताया कि जेई साहब चले गए हैं, इस कारण से शी-लॉज पर ताले लगे हैं। किसी अन्य की आते ही दोबारा खोल दिया जाएगा।
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शी-लॉज से महिलाओं की काफी सुविधा थी। बाजार और यात्रा करने वाली महिलाएं बच्चों को आसानी से स्तनपान करा सकती थीं। परेशानी होने पर सेनेटरी पेड, शौचालय का इस्तेमाल भी कर रही थीं। इसीलिए इन्हें सबसे व्यस्ततम क्षेत्र घंटाघर और सेटेलाइट पर बनाया गया था, लेकिन अब यहां ताले लटकने पर पहले जैसी स्थिति हो गई है और महिलाओं की परेशानी भी बढ़ गई है।
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अभी तक कोई भी नियमानुसार संचालक नहीं मिला है, आने पर उसे जिम्मा सौंपा जाएगा। फिलहाल निर्माण कराने वाली संस्था को जिम्मेदारी दी गई थी और अगर शी-लॉज पर ताले लटके हैं तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
निधि गुप्ता वत्स सीईओ, स्मार्ट सिटी व नगर आयुक्त