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एसपी सिटी की सर्विलांस टीम ढाई साल से कर रही थी वसूली, एक और मामला आया सामने

Tue, 08 Mar 2022 02:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 02:24 AM IST
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The surveillance team of SP City was doing recovery for two and a half years, another case came to the fore
मोबाइल चोरी में जेल भेजने की धमकी देकर दो सिपाहियों ने वसूले थे रुपये
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कंप्यूटर रूम में बंद करके पीटने का भी आरोप, एसएसपी से की शिकायत
बरेली। एसपी सिटी कार्यालय की सर्विलांस सेल लोगों को मोबाइल चोरी में जेल भेजने की धमकी देकर ढाई साल से अवैध वसूली करने में जुटी थी। टीम के सिपाही सतीश और महेंद्र के निलंबित होने और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सुभाषनगर की शांति विहार कॉलोनी में रहने वाले श्यामपाल सिंह ने भी आठ हजार रुपये की वसूली करने का आरोप लगाया है। उन्हें भी दोनाें सिपाहियों ने मोबाइल चोरी में जेल भेजने की धमकी दी थी। कंप्यूटर रूम में बंद करके उनकी पिटाई भी की थी।
श्यामपाल सिंह पेशे से टैक्सी ड्राइवर हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने ओएलएक्स पर विज्ञापन देखकर सीबीगंज के एक युवक से पांच हजार रुपये में पुराना मोबाइल खरीदा था। 19 नवंबर, 2019 को सर्विलांस ऑफिस से सतीश नाम के सिपाही ने उन्हें फोन करके एसपी सिटी ऑफिस बुलाया। जब वह पहुंचे तो सतीश उन्हें पहली मंजिल पर बने कंप्यूटर रूम में ले गया। वहां बंद करके सतीश और एक अन्य सिपाही ने उनकी पिटाई की और मोबाइल छीन लिया। दोनों सिपाहियों ने मोबाइल चोरी का बताया और जेल भेजने की धमकी देकर 10 हजार रुपये मांगे। जेल जाने के डर से उन्होंने अपने परिचित सुमित शर्मा को वहां बुलाया और उनसे चार हजार रुपये उधार लिए। चार हजार रुपये अपने एटीएम कार्ड से निकाले और फिर सिपाही सतीश को आठ हजार रुपये दे दिए। श्यामपाल का कहना है कि सिपाही सतीश और महेंद्र के भ्रष्टाचार के बारे में अखबार में खबर पढ़कर उन्होंने हिम्मत जुटाई और सोमवार को एसएसपी से शिकायत की। उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि रविवार को दोनों सिपाहियों के खिलाफ थाना इज्जतनगर में बसंत विहार निवासी निजी बैंक कर्मी राजकुमार ने भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि दोनों ने मोबाइल चोरी में जेल भेजने की धमकी देकर उनसे 10 हजार रुपये वसूल लिए थे।
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फाड़कर फेंक दिया बिल, मिटा दिया सबूत
श्यामपाल ने बताया कि मोबाइल खरीदते समय उन्होंने उसका बिल और उस युवक की आईडी की फोटोस्टेट भी ली थी। सर्विलांस सेल के सिपाहियों को उन्होंने वे कागज दिखाए तो उन्होंने छीनकर फाड़ दिए। खरीदे गए मोबाइल में उन्होंने उस युवक का फोटो भी खींचकर सेव कर लिया था, जिससे मोबाइल खरीदा था। सिपाहियों ने मोबाइल रीसेट करके उसे भी डिलीट कर दिया। इस वजह उनके पास उसका कोई सबूत भी नहीं बचा।
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