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बेटे ने ही गोली मारकर की थी शिक्षक की हत्या
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बहेड़ी। बहेड़ी के महादेवपुरम में बेसिक शिक्षक की हत्या उनके ही पुत्र ने गोली मारकर की थी। उसने जुर्म को उसने कबूल कर लिया है। उसका कहना है कि उसका पिता बेहद जालिम था। रोटी-रोटी तक के लिए मोहताज कर दिया था। मां के साथ अक्सर मारपीट करता था। अब 38 बीघा जमीन और मकान बेचकर उन्हें सड़क पर लाने की जिद पर अड़ा था। वह जमीन और मकान के सौदे के लिए कई दिनों से लगा हुआ था। इसे लेकर उसका पिता से विवाद हुआ था। मौका पाकर उसने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
मिंतरपुर गांव के मूल निवासी शिक्षक प्रदीप सिंह ने कस्बे के महादेवपुरम में दो सौ गज जमीन पर मकान बनाया था। कई साल पहले उसके पिता महावीर की हत्या हो गई थी। मृतक आश्रित में प्रदीप को शिक्षक की नौकरी मिल गई थी। इसके बाद उसने अपने ससुर की हत्या कर दी थी लेकिन इसमें उसके भाई ने आरोप अपने ऊपर ले लिया था। बाद में पत्नी की गवाही पर उसको पुलिस ने आरोपी बनाकर जेल भेजा था। वहीं पति-पत्नी के बीच हमेशा अनबन रहती थी और बार बार लोग पंचायत कर उनका फैसला करा देते थे।
फैसले के बाद जब उसकी पत्नी वापस उसके पास रहने आती तो फिर वह उसकी बेरहमी से पिटाई करता था। ससुराल पक्ष से मिली 30 बीघा और आठ बीघा पैतृक जमीन के साथ ही महादेवपुरम के मकान को बेचने के लिए प्रदीप कई दिनों से लगा हुआ था। कई लोगों से उसकी बात चल रही थी। उसकी पत्नी अनीता और बेटा गजानन मना करते तो वह उन्हें पीटता था।
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प्रदीप का मंगलवार रात को भी पत्नी-बेटे से झगड़ा हुआ था। इससे नाराज होकर अनीता मायके चली गई थी। रात में प्रदीप शराब के नशे में घर आया तो गजानन तमंचा लेकर पहले से घात लगाए बैठा था। प्रदीप ने घर आकर और शराब पी। इसी दौरान गजानन ने तमंचे से पीछे से उसके सिर पर गोली मार दी। चूंकि उसके मकान के सामने एक मकान है उसमें भी ताला लगा था। इसके आसपास खाली प्लॉट पडे़ हैं। इस कारण किसी को गोली तक की आवाज सुनाई नहीं दी।
गजानन बोला- अगर नहीं मारता तो परिवार सड़क पर आ जाता : गजानन का कहना है कि उसका पिता जमीन और मकान बेचकर सभी को सड़क पर लाने की बात कई दिनों से कह रहा था। उसका पिता जालिमों की तरह उसकी मां के साथ मारपीट करता था। बोला- जब वह छोटा था तब से उसने अपने पिता के खौफनाक रुप को ही देखा है। वह उससे बेहद नफरत करता था। अपने किए पर जरा भी अफसोस नहीं है।
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मिंतरपुर गांव के मूल निवासी शिक्षक प्रदीप सिंह ने कस्बे के महादेवपुरम में दो सौ गज जमीन पर मकान बनाया था। कई साल पहले उसके पिता महावीर की हत्या हो गई थी। मृतक आश्रित में प्रदीप को शिक्षक की नौकरी मिल गई थी। इसके बाद उसने अपने ससुर की हत्या कर दी थी लेकिन इसमें उसके भाई ने आरोप अपने ऊपर ले लिया था। बाद में पत्नी की गवाही पर उसको पुलिस ने आरोपी बनाकर जेल भेजा था। वहीं पति-पत्नी के बीच हमेशा अनबन रहती थी और बार बार लोग पंचायत कर उनका फैसला करा देते थे।
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फैसले के बाद जब उसकी पत्नी वापस उसके पास रहने आती तो फिर वह उसकी बेरहमी से पिटाई करता था। ससुराल पक्ष से मिली 30 बीघा और आठ बीघा पैतृक जमीन के साथ ही महादेवपुरम के मकान को बेचने के लिए प्रदीप कई दिनों से लगा हुआ था। कई लोगों से उसकी बात चल रही थी। उसकी पत्नी अनीता और बेटा गजानन मना करते तो वह उन्हें पीटता था।
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प्रदीप का मंगलवार रात को भी पत्नी-बेटे से झगड़ा हुआ था। इससे नाराज होकर अनीता मायके चली गई थी। रात में प्रदीप शराब के नशे में घर आया तो गजानन तमंचा लेकर पहले से घात लगाए बैठा था। प्रदीप ने घर आकर और शराब पी। इसी दौरान गजानन ने तमंचे से पीछे से उसके सिर पर गोली मार दी। चूंकि उसके मकान के सामने एक मकान है उसमें भी ताला लगा था। इसके आसपास खाली प्लॉट पडे़ हैं। इस कारण किसी को गोली तक की आवाज सुनाई नहीं दी।
गजानन बोला- अगर नहीं मारता तो परिवार सड़क पर आ जाता : गजानन का कहना है कि उसका पिता जमीन और मकान बेचकर सभी को सड़क पर लाने की बात कई दिनों से कह रहा था। उसका पिता जालिमों की तरह उसकी मां के साथ मारपीट करता था। बोला- जब वह छोटा था तब से उसने अपने पिता के खौफनाक रुप को ही देखा है। वह उससे बेहद नफरत करता था। अपने किए पर जरा भी अफसोस नहीं है।