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Bareilly News: आयुष्मान योजना में एडिशनल डिग्री की अनिवार्यता समाप्त

Tue, 29 Apr 2025 02:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 29 Apr 2025 02:25 AM IST
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The requirement of additional degree in Ayushman Yojana is over
बरेली। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल व अन्य राज्यों से स्पेशलिस्ट डिग्री हासिल कर उत्तर प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत इलाज कर रहे चिकित्सकों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। स्टेट हेल्थ एजेंसी ने यूपी मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण की अनिवार्यता को समाप्त कर योजना से संबद्ध प्रदेश के सभी चिकित्सालयों को पत्र जारी कर दिया है।
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स्टेट हेल्थ एजेंसी के मेडिकल मैनेजमेंट महाप्रबंधक डॉ. अजय प्रताप सिंह की ओर से पत्र जारी होने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार का आभार जताया है। पिछले साल आयुष्मान योजना की सीईओ संगीता सिंह द्वारा जारी पत्र में चिकित्सकों की एडिशनल डिग्री का यूपीएमसीआई में पंजीकरण न होने पर उनके द्वारा किए गए मरीजों के इलाज का भुगतान नहीं किए जाने की बात कही थी। ये सूचना समय से नहीं मिलने की वजह से यूपीएमसीआई में अपंजीकृत चिकित्सक मरीजों का इलाज करते रहे। आयुष्मान पोर्टल पर बीमा कंपनियों ने इलाज के लिए अप्रूवल और डिस्चार्ज की अनुमति भी दे दी थी, लेकिन भुगतान के समय पता चला कि डिग्री यूपीएमसीआई में पंजीकृत नहीं है।
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लिहाजा, प्रदेशभर के तमाम चिकित्सालयों का भुगतान अटक गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की स्टेट कमेटी ने प्रदेश सरकार को पत्र भेजा। बरेली में चिकित्सकों ने रैली निकालकर आयुष्मान योजना से यूपीएमसीआई डिग्री की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की थी। आईएमए बरेली शाखा के अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पिछले माह जिले से करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये का भुगतान अटकने पर साचीस की सीईओ अर्चना वर्मा को मांग पत्र सौंपा था। एक अप्रैल को बरेली आए सीएम योगी आदित्यनाथ से भी राहत का अनुरोध किया था। ब्यूरो
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मरीजों के इलाज की अड़चन दूर
आईएमए यूपी स्टेट के एडिटर जनरल डॉ. रविश अग्रवाल का कहना है कि आईएमए बरेली के मुखर होने और शासन स्तर पर पैरवी का नतीजा रहा कि स्टेट हेल्थ एजेंसी को यूपीएमसीआई में पंजीकरण की अनिवार्यता समाप्त करनी पड़ी। इससे चिकित्सकों के अटके भुगतान जारी हो सकेंगे। साथ ही, मरीजों के इलाज में आ रही अड़चन भी दूर हुई है। प्रदेश सरकार का निर्णय सभी के हित में है।
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