{"_id":"6998c193b66e7c9268080639","slug":"the-railway-ministry-has-ordered-an-inquiry-into-the-alleged-irregularities-in-the-cadre-change-at-izzatnagar-division-bareilly-news-c-4-vns1074-830611-2026-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: इज्जतनगर मंडल में कैडर परिवर्तन में खेल, रेल मंत्रालय ने दिया जांच का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: इज्जतनगर मंडल में कैडर परिवर्तन में खेल, रेल मंत्रालय ने दिया जांच का आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्मिक विभाग ने जो आवेदन निरस्त किए बाद में उन्हीं पर पुनर्विचार का आरोप
बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल में कर्मचारियों के कैडर बदलने में खेल की शिकायत रेल मंत्रालय से की गई है। आरोप लगाया गया है कि मेडिकल आधार पर कैडर परिवर्तन के जो आवेदन निरस्त कर दिए गए बाद में उन्हीं पर पुनर्विचार करते हुए फाइल आगे बढ़ा दी गई। शिकायत मिलने के बाद मंत्रालय ने कार्मिक विभाग के लिए जांच का आदेश दिया है।
शिकायत में कहा गया है कि वाणिज्य विभाग में टेंडर डेस्क जैसे लाभकारी पद पर कुछ कर्मचारी 10 साल से तैनात हैं, जबकि इन पदों पर हर तीन साल में स्थानांतरण होना चाहिए। स्थानांतरण से बचने के लिए कर्मचारियों ने चिकित्सीय आधार पर अपना कैडर आरक्षण पर्यवेक्षक से लिपिकीय में परिवर्तित कराने के लिए आवेदन दिया है। जबकि इन कर्मचारियों ने कभी चिकित्सीय आधार पर अवकाश नहीं लिया। इसके विपरीत उन कर्मचारियों को कैडर परिवर्तन से वंचित रखा जा रहा है जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से गुजर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद मंत्रालय ने कार्मिक विभाग के लिए जांच का आदेश दिया है।
इस संबंध में एनई रेलवे मजदूर कांग्रेस के मंडल मंत्री रजनीश तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों के साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। पात्र कर्मचारियों को ही कैडर परिवर्तन की सुविधा के लिए प्रतिनिधि मंडल डीआरएम से मिलेगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल में कर्मचारियों के कैडर बदलने में खेल की शिकायत रेल मंत्रालय से की गई है। आरोप लगाया गया है कि मेडिकल आधार पर कैडर परिवर्तन के जो आवेदन निरस्त कर दिए गए बाद में उन्हीं पर पुनर्विचार करते हुए फाइल आगे बढ़ा दी गई। शिकायत मिलने के बाद मंत्रालय ने कार्मिक विभाग के लिए जांच का आदेश दिया है।
शिकायत में कहा गया है कि वाणिज्य विभाग में टेंडर डेस्क जैसे लाभकारी पद पर कुछ कर्मचारी 10 साल से तैनात हैं, जबकि इन पदों पर हर तीन साल में स्थानांतरण होना चाहिए। स्थानांतरण से बचने के लिए कर्मचारियों ने चिकित्सीय आधार पर अपना कैडर आरक्षण पर्यवेक्षक से लिपिकीय में परिवर्तित कराने के लिए आवेदन दिया है। जबकि इन कर्मचारियों ने कभी चिकित्सीय आधार पर अवकाश नहीं लिया। इसके विपरीत उन कर्मचारियों को कैडर परिवर्तन से वंचित रखा जा रहा है जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से गुजर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद मंत्रालय ने कार्मिक विभाग के लिए जांच का आदेश दिया है।
विज्ञापन
इस संबंध में एनई रेलवे मजदूर कांग्रेस के मंडल मंत्री रजनीश तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों के साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। पात्र कर्मचारियों को ही कैडर परिवर्तन की सुविधा के लिए प्रतिनिधि मंडल डीआरएम से मिलेगा। संवाद
विज्ञापन