{"_id":"5fbaa9ec8ebc3e9bbd5f6426","slug":"the-proposal-for-widening-of-pilibhit-road-will-be-sent-again-bareilly-news-bly4276437135","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीलीभीत रोड के चौड़ीकरण का दोबारा भेजा जाएगा प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीलीभीत रोड के चौड़ीकरण का दोबारा भेजा जाएगा प्रस्ताव
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बरेली। सेटेलाइट बस स्टैंड तिराहा से मयूर वन चेतना केंद्र तक सड़क का चौड़ीकरण का प्रस्ताव दोबारा भेजा जाएगा। करीब दो साल पहले लोक निर्माण विभाग ने इसके चौड़ीकरण का प्रस्ताव भेजा था। हाल में मुख्यालय ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि सड़क किनारे यहां इंटरलॉकिंग की क्या आवश्यकता है। इसलिए नए प्रस्ताव में इंटरलॉकिंग का काम शामिल नहीं किया जाएगा।
सेटेलाइट तिराहा से मयूर वन चेतना केंद्र तक ट्रैफिक का लोड बहुत रहता है। मयूर वन चेतना केंद्र के पास पीलीभीत रोड पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। इस सड़क को शासन ने ब्लैक स्पॉट भी घोषित किया था। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने इसके चौड़ीकरण, पेड़ काटने, सड़क किनारे नाला निर्माण व इंटरलॉकिंग सड़क का 148 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। उसे मुख्यालय ने यह कहते हुए नामंजूर कर दिया है कि सड़क किनारे इंटरलॉकिंग की जरूरत नहीं है। वहीं दो साल पहले भेजे गए प्रस्ताव में और वर्तमान समय के हिसाब से बजट भी बढ़ गया है। इस पर दोबारा सर्वे कर रिवाइज एस्टीमेट भेजने को कहा गया है। अधीक्षण अभियंता देवेश कुमार तिवारी ने बताया कि सड़क का प्रस्ताव दोबारा बनाकर भेजा जा रहा है। उसमें सड़क किनारे इंटरलॉकिंग को शामिल नहीं किया गया है।
विज्ञापन
सेटेलाइट तिराहा से मयूर वन चेतना केंद्र तक ट्रैफिक का लोड बहुत रहता है। मयूर वन चेतना केंद्र के पास पीलीभीत रोड पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। इस सड़क को शासन ने ब्लैक स्पॉट भी घोषित किया था। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने इसके चौड़ीकरण, पेड़ काटने, सड़क किनारे नाला निर्माण व इंटरलॉकिंग सड़क का 148 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। उसे मुख्यालय ने यह कहते हुए नामंजूर कर दिया है कि सड़क किनारे इंटरलॉकिंग की जरूरत नहीं है। वहीं दो साल पहले भेजे गए प्रस्ताव में और वर्तमान समय के हिसाब से बजट भी बढ़ गया है। इस पर दोबारा सर्वे कर रिवाइज एस्टीमेट भेजने को कहा गया है। अधीक्षण अभियंता देवेश कुमार तिवारी ने बताया कि सड़क का प्रस्ताव दोबारा बनाकर भेजा जा रहा है। उसमें सड़क किनारे इंटरलॉकिंग को शामिल नहीं किया गया है।
विज्ञापन