फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The price of blood was decided by looking at the status of the caretakerThe price of blood was decided by looking at the status of the caretaker

Bareilly News: तीमारदार की हैसियत देखकर तय करते थे खून की कीमत

Tue, 05 Aug 2025 02:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 05 Aug 2025 02:57 AM IST
विज्ञापन
The price of blood was decided by looking at the status of the caretakerThe price of blood was decided by looking at the status of the caretaker
बरेली। आईएमए ब्लड बैंक के सफाई कर्मचारी और उनके साथियों का गिरोह मरीजों की जरूरत व तीमारदारों की हैसियत देखकर खून की कीमत करता था। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पांच से दस हजार रुपये तक में खून का सौदा किया था। इस दौरान वह इस बात पर भी ध्यान नहीं देते थे कि नशेड़ियों का खून संक्रमित भी हो सकता है, जिससे भविष्य में खून लेने वाले मरीज को समस्या हो सकती है।
विज्ञापन

करीब साल भर से यह गिरोह काफी सक्रिय था। दरअसल पिछले साल भी दिहाड़ी मजदूरों के खून की सौदेबाजी करने वाला युवक पकड़ा गया था। उसने बताया था कि खून के बदले मजदूरों को दो हजार रुपये दिए जाते थे, बाकी रकम वह लोग रख लेते थे। उस सिलसिले में कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की तो नई बातें सामने आती रहीं।
विज्ञापन

कोतवाल अमित पांडेय ने बताया कि गंभीर मरीजों के तीमारदार किसी भी कीमत पर अपने मरीज के लिए डोनर ढूंढते हैं। ऐसे तीमारदारों को विनीत और अभय भांप जाते थे। दोनों लोग तीमारदार से उनके मरीज की जानकारी लेते थे। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें प्रेमनाथ और धीरेंद्र के पास भेज देते थे। इसके बाद प्रेमनाथ और धीरेंद्र मुंहमांगी कीमत लेकर बीमार और लाचार डोनर उपलब्ध कराते थे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन


------------------

नहीं चला ठेले और कोरियर का काम तो करने लगे खून का धंधा

एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि हाईस्कूल फेल प्रेमनाथ आईएमए के बाहर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन दफ्तर के सामने जूस का ठेला लगाता है। प्रेमनाथ की पहचान ब्लड बैंक कर्मचारी अभय और विनीत से हो गई। दोनों ने खून के धंधे से होने वाले फायदे के बारे में बताया तो प्रेमनाथ गरीब, लाचार लोगों का खून निकलवाने लगा। बीए पास धीरेंद्र शर्मा कोरियर का काम करता था। उसकी नजदीकी भी विनीत और अभय से हो गई थी। दोनों ने उसे भी खून बेचकर मुनाफा कमाने के बारे में बताया। धीरेंद्र भी गरीब, नशेड़ियों को लाकर उनका खून निकलवाता और महंगे दामों पर इसका सौदा करता था।

------------------

आरोपियों के नेटवर्क का पता करेगी पुलिस : एसपी सिटी
- चारों आरोपियों के मोबाइल की पुलिस जांच कर रही है। इन्होंने कितने लोगों का खून निकलवाया, यह खून किन मरीजों के तीमारदारों ने लिया। इन आरोपियों के नेटवर्क में और कितने लोग हैं, जैसे सवालों का जवाब कोतवाली पुलिस विवेचना में तलाश करेगी। अन्य लोगों के नाम जुड़ेंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- मानुष पारीक, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed