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Bareilly News: परिचालकों को किराया याद नहीं, यात्रियों की कट रही जेब
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बरेली। सर्वर हैक होने के पांच दिन बाद भी रोडवेज की ऑनलाइन सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। परिचालकों को किराया याद नहीं है। ऐसे में कई रूटों पर यात्रियों की जेब कट रही है। किराया याद न होने के कारण परिचालक कई बार यात्रियों को ब्लैंक टिकट तक दे रहे हैं। टिकट के पीछे बकाया राशि लिख रहे हैं। शताब्दी सेवा में बरेली से मुरादाबाद का किराया 238 रुपये है। कई बसों के परिचालक 250 रुपये वसूल रहे हैं। जलालाबाद, फर्रुखाबाद, पीलीभीत, लखीमपुरखीरी, बीसलपुर, हल्द्वानी, टनकपुर रूटों पर समस्या ज्यादा है। हालांकि अब परिचालकों को मैनुअल किराया सूची मिल चुकी है।
रोडवेज की वेबसाइट पर मंगलवार को साइबर हमला हुआ था। बुधवार से साइट पूरी तरह से ठप होने के साथ पूरा डाटा भी हैक हो गया। इससे रोडवेज की ऑनलाइन सेवाएं ठप हो गईं। प्रबंधन ने किसी तरह मैनुअल टिकट और वे-बिल के जरिए पुराने और अनुभवी परिचालकों को रूटों पर भेजकर बसों का संचालन शुरू करा दिया, लेकिन इसके बाद में समस्याएं बढ़ती हुई दिखीं। दरअसल, ऑनलाइन सेवा में ईटीएम से टिकट जारी किया जाता है। ईटीएम में सभी रूटों का ब्योरा और किराया फीड होता है, जबकि मैनुअल टिकट में परिचालक को संबंधित रूट की दूरी के साथ किराया याद रखना होता है। उसी के आधार पर टिकट बनाना होता है। कई मामलों में तो परिचालक गलती से 10 रुपये कीमत के टिकट को सौ रुपये किराये के रूट पर जारी कर दे रहे हैं। रूट से वापस आने के बाद टिकट और वे-बिल सीट की बारीकी से जांच की जा रही है। गलतियां होने के कारण जांच में अनावश्यक समय भी लग रहा है।
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परिचालक बोले- हर स्टॉपेज का अलग किराया
नए परिचालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सभी स्टॉपेज का किराया अचानक याद करना संभव नहीं है। कुछ दिनों के बाद यह आदत में आ जाएगा। उनका कहना है कि बरेली से लखनऊ की दूसरी करीब 270 किमी है। साधारण बस सेवा का किराया 356 रुपये है। रास्ते में 12 स्टॉपेज हैं। सभी का किराया अलग-अलग है। टनकपुर की दूरी 173 रुपये और किराया 171 रुपये है। इस रूट पर 23 स्टॉपेज हैं। इसी तरह लखीमपुर की दूसरी 196 किमी, किराया 284 रुपये है। इस रूट पर भी 19 स्टॉपेज हैं। सभी स्टॉपेज की सवारियां होती हैं। सभी स्टॉपेज का किराया याद रखना मुश्किल होता है। पहले किराया परिचालकों को आदतन याद था, लेकिन ईटीएम सेवाओं के बाद से किराया याद रखने की जरूरत ही नहीं हुई। संवाद
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यह बोले यात्री-
फोटो-
टिकट पर किराया नहीं लिखा था
तीन-चार दिन पहले परिवार के साथ शाही रिश्तेदारी में गया था तब रोडवेज बस में किराया 54 रुपये गया था। रविवार को जब वहां से वापस आया तो परिचालक ने किराया 60 रुपये लिया। जो टिकट दिया गया उस पर किराया लिखा भी नहीं था। - कल्याण, यात्री
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फोटो-
किराए से ज्यादा रुपये लिए
पूरनपुर से अक्सर बरेली आना-जाना रहता है। किराया 140 रुपये के आसपास है, लेकिन रविवार को पीलीभीत डिपो की बस ने 150 रुपये किराया लिया। हाथ से बना हुआ टिकट दिया गया। शेष किराया पीछे लिख दिया जो बाद में वापस कर दिया। - सतेंद्र सिंह, यात्री
ऑनलाइन सेवाएं जल्द शुरू हो जाएंगी। परिचालकों को किराया सूची उपलब्ध कराई गई है। फिलहान मैनुअल टिकटों से बसों का संचालन हो रहा है। टिकट और वे-बिलों की बारीकी से जांच भी जा रही है। अब तक अधिक किराया वसूल करने संबंधी कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है तो जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी। - दीपक चौधरी, आरएम
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रोडवेज की वेबसाइट पर मंगलवार को साइबर हमला हुआ था। बुधवार से साइट पूरी तरह से ठप होने के साथ पूरा डाटा भी हैक हो गया। इससे रोडवेज की ऑनलाइन सेवाएं ठप हो गईं। प्रबंधन ने किसी तरह मैनुअल टिकट और वे-बिल के जरिए पुराने और अनुभवी परिचालकों को रूटों पर भेजकर बसों का संचालन शुरू करा दिया, लेकिन इसके बाद में समस्याएं बढ़ती हुई दिखीं। दरअसल, ऑनलाइन सेवा में ईटीएम से टिकट जारी किया जाता है। ईटीएम में सभी रूटों का ब्योरा और किराया फीड होता है, जबकि मैनुअल टिकट में परिचालक को संबंधित रूट की दूरी के साथ किराया याद रखना होता है। उसी के आधार पर टिकट बनाना होता है। कई मामलों में तो परिचालक गलती से 10 रुपये कीमत के टिकट को सौ रुपये किराये के रूट पर जारी कर दे रहे हैं। रूट से वापस आने के बाद टिकट और वे-बिल सीट की बारीकी से जांच की जा रही है। गलतियां होने के कारण जांच में अनावश्यक समय भी लग रहा है।
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परिचालक बोले- हर स्टॉपेज का अलग किराया
नए परिचालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सभी स्टॉपेज का किराया अचानक याद करना संभव नहीं है। कुछ दिनों के बाद यह आदत में आ जाएगा। उनका कहना है कि बरेली से लखनऊ की दूसरी करीब 270 किमी है। साधारण बस सेवा का किराया 356 रुपये है। रास्ते में 12 स्टॉपेज हैं। सभी का किराया अलग-अलग है। टनकपुर की दूरी 173 रुपये और किराया 171 रुपये है। इस रूट पर 23 स्टॉपेज हैं। इसी तरह लखीमपुर की दूसरी 196 किमी, किराया 284 रुपये है। इस रूट पर भी 19 स्टॉपेज हैं। सभी स्टॉपेज की सवारियां होती हैं। सभी स्टॉपेज का किराया याद रखना मुश्किल होता है। पहले किराया परिचालकों को आदतन याद था, लेकिन ईटीएम सेवाओं के बाद से किराया याद रखने की जरूरत ही नहीं हुई। संवाद
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यह बोले यात्री-
फोटो-
टिकट पर किराया नहीं लिखा था
तीन-चार दिन पहले परिवार के साथ शाही रिश्तेदारी में गया था तब रोडवेज बस में किराया 54 रुपये गया था। रविवार को जब वहां से वापस आया तो परिचालक ने किराया 60 रुपये लिया। जो टिकट दिया गया उस पर किराया लिखा भी नहीं था। - कल्याण, यात्री
फोटो-
किराए से ज्यादा रुपये लिए
पूरनपुर से अक्सर बरेली आना-जाना रहता है। किराया 140 रुपये के आसपास है, लेकिन रविवार को पीलीभीत डिपो की बस ने 150 रुपये किराया लिया। हाथ से बना हुआ टिकट दिया गया। शेष किराया पीछे लिख दिया जो बाद में वापस कर दिया। - सतेंद्र सिंह, यात्री
ऑनलाइन सेवाएं जल्द शुरू हो जाएंगी। परिचालकों को किराया सूची उपलब्ध कराई गई है। फिलहान मैनुअल टिकटों से बसों का संचालन हो रहा है। टिकट और वे-बिलों की बारीकी से जांच भी जा रही है। अब तक अधिक किराया वसूल करने संबंधी कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है तो जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी। - दीपक चौधरी, आरएम