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अफसर कहते हैं दलाल नहीं, फिर भगाए कौन
बरेली।
Updated Fri, 15 Dec 2017 02:16 AM IST
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शासन के कड़े रुख पर पुलिस ने आरटीओ ऑफिस में छापा मारकर बाबुओं के साथ काम करने वाले 20 बाहरी लोगों को खदेड़ दिया। इतना ही नहीं अफसर हमेशा यही कहते रहते हैं कि आरटीओ दफ्तर में दलाल हैं ही नहीं, लेकिन पुलिस ने गुरुवार को बाहर बैठे जिन लोगों को हटाया है, वह कौन हैैं। इसका किसी अधिकारी के पास जवाब नहीं है। थाना कैंट की नकटिया चौकी इंचार्ज गौरव त्यागी की अगुवाई में आरटीओ ऑफिस में छापामारी की गई। पुलिस को देखते ही बाबुओं के साथ अंदर काम करने वाले बाहरी लोग इधर-उधर भागने लगे। बाबुओं ने उनका बचाव करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें कार्रवाई की चेतावनी देकर चुप करा दिया।
‘उठा ले जा सामान, वरना भर ले जाऊंगा’
पुलिस के अचानक छापामारी से आरटीओ दफ्तर के बाहर दलाली करने वालों में हड़कंप मच गया। आरटीओ दफ्तर की ही एक गैलरी पर कब्जा करके बैठे दलाल गैलरी खाली करके खिसक लिए। चौकी इंचार्ज ने उनकी मेजों की दराजों में रखे कागजात निकाल लिए। इस दौैरान मौके पर लगी भीड़ को दरोगा ने चेतावनी देकर कहा कि अब दलाली नहीं चलेगी। गैलरी में जिसकी कुर्सी और मेजें पड़ी हैं, वे खुद ही उठा लें तो अच्छा है, वर्ना वह सामान उठा ले जाएंगे। सादे कपड़ों में दो महिला सिपाही भी उस समय अपने किसी काम से आई थीं, उन्हें भी बैैरंग लौटना पड़ा।
दफ्तर में ही बंद हो गए लोग
आरटीओ दफ्तर के एक हिस्से में गेट लगे परिसर में दफ्तर में काम कराने वाले लोग बैठते हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर जैसे ही पुलिस ने आरटीओ दफ्तर में छापामारी की, तो कुछ लोगों ने गेट बंद कर लिया। दो महिला सिपाहियों को भी साथ में बंद देखकर लोग घबरा गए, लेकिन जब उन्होंने बताया कि वे अपने काम से आई हैं, तब गेट खोलकर उन्हें निकाला गया।
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नई व्यवस्था
अब सिपाही करेंगे बाबुओं की मदद
पुलिस के बाहरी तत्वों को खदेड़ने के बाद आरटीओ आरआर सोनी ने एआरटीओ को अपने दफ्तर बुलाकर नई व्यवस्था लागू की। उन्होंने प्रवर्तन दलों में शामिल सिपाहियों को बुलाया तो पता चला कि प्रवीन शर्मा नाम का सिपाही एक महीने से ड्यूटी पर नहीं आ रहा है। दो सिपाही इतने मनमौजी हैं कि कभी-कभार ही दफ्तर आते हैं। इस पर आरटीओ ने लापरवाह सिपाहियों की एआरटीओ उदयवीर सिंह से रिपोर्ट मांगी। उन्होंने बाहरी लोगों की मदद से दफ्तर में काम होने की बात भी स्वीकार की। कहा, दफ्तर में 13 बाबू, चार चपरासी हैं। इनमें से कुछ बाबू ही कंप्यूटर चलाना जानते हैं। इसकी वजह से दफ्तर में सेवाएं देने में दिक्कतें आ रही हैं। इस पर बाबुओं की मदद के लिए सिपाहियों को लगाने को कहा गया। अब सिपाही ही बाबुओं की उनके काम में मदद करेंगे।
शासन सेे चार कंप्यूटर ऑपरेटर मांगे
आरटीओ आरआर सोनी ने बताया कि लाइसेंस फीस, कैश काउंटर, रजिस्ट्रेशन फीस और टैक्स काउंटर के लिए शासन से चार कंप्यूटर आपरेटर की मांग की है। कंप्यूटर आपरेटर मिलने पर ही दफ्तर का काम ठीक ढंग से चल पाएगा।
‘उठा ले जा सामान, वरना भर ले जाऊंगा’
पुलिस के अचानक छापामारी से आरटीओ दफ्तर के बाहर दलाली करने वालों में हड़कंप मच गया। आरटीओ दफ्तर की ही एक गैलरी पर कब्जा करके बैठे दलाल गैलरी खाली करके खिसक लिए। चौकी इंचार्ज ने उनकी मेजों की दराजों में रखे कागजात निकाल लिए। इस दौैरान मौके पर लगी भीड़ को दरोगा ने चेतावनी देकर कहा कि अब दलाली नहीं चलेगी। गैलरी में जिसकी कुर्सी और मेजें पड़ी हैं, वे खुद ही उठा लें तो अच्छा है, वर्ना वह सामान उठा ले जाएंगे। सादे कपड़ों में दो महिला सिपाही भी उस समय अपने किसी काम से आई थीं, उन्हें भी बैैरंग लौटना पड़ा।
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दफ्तर में ही बंद हो गए लोग
आरटीओ दफ्तर के एक हिस्से में गेट लगे परिसर में दफ्तर में काम कराने वाले लोग बैठते हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर जैसे ही पुलिस ने आरटीओ दफ्तर में छापामारी की, तो कुछ लोगों ने गेट बंद कर लिया। दो महिला सिपाहियों को भी साथ में बंद देखकर लोग घबरा गए, लेकिन जब उन्होंने बताया कि वे अपने काम से आई हैं, तब गेट खोलकर उन्हें निकाला गया।
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नई व्यवस्था
अब सिपाही करेंगे बाबुओं की मदद
पुलिस के बाहरी तत्वों को खदेड़ने के बाद आरटीओ आरआर सोनी ने एआरटीओ को अपने दफ्तर बुलाकर नई व्यवस्था लागू की। उन्होंने प्रवर्तन दलों में शामिल सिपाहियों को बुलाया तो पता चला कि प्रवीन शर्मा नाम का सिपाही एक महीने से ड्यूटी पर नहीं आ रहा है। दो सिपाही इतने मनमौजी हैं कि कभी-कभार ही दफ्तर आते हैं। इस पर आरटीओ ने लापरवाह सिपाहियों की एआरटीओ उदयवीर सिंह से रिपोर्ट मांगी। उन्होंने बाहरी लोगों की मदद से दफ्तर में काम होने की बात भी स्वीकार की। कहा, दफ्तर में 13 बाबू, चार चपरासी हैं। इनमें से कुछ बाबू ही कंप्यूटर चलाना जानते हैं। इसकी वजह से दफ्तर में सेवाएं देने में दिक्कतें आ रही हैं। इस पर बाबुओं की मदद के लिए सिपाहियों को लगाने को कहा गया। अब सिपाही ही बाबुओं की उनके काम में मदद करेंगे।
शासन सेे चार कंप्यूटर ऑपरेटर मांगे
आरटीओ आरआर सोनी ने बताया कि लाइसेंस फीस, कैश काउंटर, रजिस्ट्रेशन फीस और टैक्स काउंटर के लिए शासन से चार कंप्यूटर आपरेटर की मांग की है। कंप्यूटर आपरेटर मिलने पर ही दफ्तर का काम ठीक ढंग से चल पाएगा।