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Bareilly News: ई-वाहनों का बढ़ रहा कारोबार, पर्यावरण की सेहत में लाएगा सुधार

Sun, 24 Sep 2023 02:30 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 24 Sep 2023 02:30 AM IST
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The growing business of e-vehicles will improve the health of the environment.
बरेली। इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहन) की बिक्री में लगातार इजाफा हो रहा है। दो साल में इनकी बिक्री में तीन गुना तक इजाफा हुआ है। बाजार में ई-रिक्शा के बाद सर्वाधिक मांग स्कूटी की है। टाटा, हुंडई जैसी कई बड़ी कार निर्माता कंपनियों ने बाजार में इलेक्ट्रिक कारें भी उतार दी हैं। जिले में इस वर्ष अब तक 52 इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण हो चुका है। इससे पर्यावरण की सेहत में भी सुधार आएगा।
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छात्राओं, महिलाओं और बुजुर्गों में ई-स्कूटी का क्रेज बढ़ रहा है। इसका वजन कम होता है। लो स्पीड ई-स्कूटी के लिए पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस की भी जरूरत नहीं होती। ई-स्कूटी की बिक्री बढ़ने के साथ पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी की बिक्री में कमी भी आ रही है। 250 वाट के मोटर और 25 सीसी इंजन वाली ई-स्कूटी 50 से 70 हजार रुपये में मिल जाती है। एक बार चार्जिंग के बाद स्कूटी 80 किमी तक चलती है। इससे अधिक क्षमता वाली ई-स्कूटी का रजिस्ट्रेशन कराना होता है। ऐसे में लो स्पीड स्कूटी की मांग तेजी से बढ़ रही है। वहीं, पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी को खरीदने और रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस आदि में करीब एक लाख रुपये खर्च होते हैं।
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कुछ कंपनियां सब्सिडी के नाम पर लगा रहीं चूना
ई-वाहनों की खरीद पर केंद्र और राज्य सरकार सब्सिडी देती हैं, लेकिन कई लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। दरअसल, इसके लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है। बाजार में 12 से ज्यादा कंपनियों की ई-स्कूटी उपलब्ध हैं। इनमें कई कंपनियां चीन से पुर्जे मंगाकर यहां स्कूटी को असेंबल करती हैं। ई-वाहन डीलर प्रशांत ने बताया कि सब्सिडी के लिए नियमानुसार कम से कम 70 फीसदी सामान स्वदेशी होना चाहिए। कई कंपनियां बैट्री और बॉडी तक आयात करती हैं। ऐसे में खरीदारों को सब्सिडी नहीं मिल पाती। बाजार में इलेक्ट्रिक कार की कीमत सात लाख रुपये और स्कूटी की कीमत 50 हजार रुपये से शुरू होती है।
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चलाने का खर्च कम होने से बढ़ रही मांग
ई-वाहनों का परिचालन खर्च कम है। ये प्रदूषण भी कम फैलाते हैं। सब्सिडी मिलने के कारण वाहन की कीमत भी कम ही है। चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी बढ़ रही है। पहले लंबी दूरी की यात्रा के लिए ये वाहन उपयुक्त नहीं माने जाते थे, लेकिन नई तकनीक और सुविधाएं बढ़ने के साथ-साथ बैट्री की कीमत कम होने से इनकी मांग बढ़ी है। वहीं, पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ने से भी लोग ई-वाहन खरीद रहे हैं।
महिलाओं-छात्राओं में ई-स्कूटी ज्यादा लोकप्रिय
ई-वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। लो स्पीड ई-वाहनों को छोड़कर अन्य पर सरकार सब्सिडी भी देती है। महिलाओं और छात्राओं में ई-स्कूटी ज्यादा लोकप्रिय है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस की भी जरूरत नहीं होती। - सज्जाद अंसारी, ई-वाहन डीलर

ई-स्कूटी की मांग बढ़ी है। 2021 के मुकाबले इस वर्ष स्कूटी की बिक्री में तीन गुना तक इजाफा हुआ है। अनुमान के अनुसार जिले में रजिस्टर्ड स्कूटी से ज्यादा संख्या अन रजिस्टर्ड स्कूटी की है। इसके लिए लाइसेंस भी जरूरी नहीं होता। - आशीष अग्रवाल, ई-वाहन डीलर
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