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आपके दरवाजे से अभी नहीं उठेगा कूड़ा
बरेली।
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:58 AM IST
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The garbage will not rise from your door
- फोटो : The garbage will not rise from your door
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जैसा सभी सोच रहे थे वैसा ही हुआ। हरी भरी एजेंसी को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाए बिना ही डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी दे दी गई है। कूड़ा उठाने का काम जो चार एजेंसियां कर रहीं थीं उनका कांट्रैक्ट 30 जून को खत्म हो चुका है। इन चाराें ने निगम को चार से पांच करोड़ का नुकसान पहुंचाया है। घराें से यूजर चार्ज वसूल कर ही नहीं दिया। निगम के जिम्मेदाराें का कहना है कि कोई विकल्प न होने पर हरी भरी को चार्ज दिया गया है। हरीभरी 10 वार्डों में कूड़ा उठाएगी लेकिन यह वार्ड कौन से होंगे यह भी तय नहीं। कुछ इलाके जरूर चिह्नित किए गए हैं जहां से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन होगा।
दो अक्तूबर 2015 से शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना शुरू हुई थी। सात एजेंसियाें को पहले 30 वार्ड दिए गए थे, बाद में इन्हें बढ़ाकर 50 से अधिक कर दिया गया। निगम ने एजेंसियाें को रिक्शा तक खुद खरीदकर दिए थे, जिस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा कूड़ा उठाने की एवज में एजेंसियों को चार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया।
एजेंसियाें को घरों से वसूला जाने वाला यूजर चार्ज निगम में जमा करना था, जिसमें वे फिसड्डी साबित हुए। पूरे अनुबंध के दौरान मात्र एक करोड़ रुपये ही उन्होंने घराें से वसूला। निगम ने यूजर चार्ज जमा न करने पर एजेंसियों का भुगतान भी रोका था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने भुगतान की रकम जारी कर दी। अब चारों एजेंसियाें का अनुबंध खत्म हो चुका है। निगम को इन्हें नौ माह का भुगतान करना है, जबकि एजेंसियाें को यूजर चार्ज।
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25 रुपये से 1000 रुपये वसूलने थे
सात एजेंसियों को घराें से कूड़ा उठाने पर 25 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक यूजर चार्ज वसूलना था। इसकी रसीद घराें में दी जानी थी। एक हजार रुपये अस्पतालाें से कचरा उठाने पर लिया जाना था, लेकिन कुछ समय बाद यह काम ठप हो गया। जब घराें से कूड़ा उठना बंद हो गया तो लोगाें ने पैसा नहीं दिया। जहां कूड़ा उठाया गया वहां भी पैसे देने को लोग राजी नहीं हुए। जहां का पैसा मिला उसे बाद में एजेंसी के लोगाें ने निगम में जमा ही नहीं किया।
अब हरी भरी चलाएगी योजना
बोर्ड से लेकर कार्यकारिणी में मेयर द्वारा यह कहा गया कि हरी भरी एजेंसी को डोर टू डोर योजना तब दी जाएगी जब वह प्लांट चला देगी, लेकिन एक जुलाई से उसे कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी दे दी गई। दस वार्र्डों में हरी भरी एजेंसी यह काम करेगी और यूजर चार्ज देगी।
इन इलाकों में उठेगा कूड़ा
राजेंद्रनगर, भूड़, शास्त्रीनगर, मेकेनियर रोड, जनकपुरी, डीडी पुरम और मॉडल टाउन इलाके में कूड़ा उठाया जाएगा।
पहले आई थीं सात एजेंसियां, कई भागीं
ठेकेदार अमन साहू की एएनसी कांट्रैक्टर, रकम सिंह भाटी की गीता जनकल्याण समिति, नईम शास्त्री की एसएस कांट्रैक्टर और ऐनी जैनी, आतिफ खान की खान कांट्रैक्टर, मकसूद खान की स्टार कांट्रैक्टर और रिजवाना खान की रिज कांट्रैक्टर को कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में सिर्फ ऐनी जैनी, एसएस कांट्रैक्टर, गीता जनकल्याण व एएनसी बची थीं। इनको 1950 रुपये प्रति मीट्रिक टन के हिसाब से कूड़ा उठाने के लिए कहा गया था, बाद में विवाद के बाद इसे 11 सौ रुपये प्रति मीट्रिक टन कर दिया गया। एजेंसियाें का दावा है कि उन्होंने 90 टन प्रति टन कूड़ा उठाया।
ऑडिट टीम ने जताई थी आपत्ति
ऑडिट टीम ने नगर निगम डोर टू डोर को सवालाें में खड़ा किया था। इसमें 4.77 करोड़ रुपये भुगतान की बात सामने आई थी, जिसमें 1.12 करोड़ रुपये अधिक भुगतान होने पर आपत्ति जताई गई थी। निगम ने इस पर काफी खर्च किया था। वर्ष 2015- 16 में 9 करोड़ और वर्ष 2016- 17 में छह करोड़ डोर टू डोर के लिए तय किये गए थे।
डोर टू डोर का जिम्मा हरी भरी को दिया गया है। यह बात सही है कि प्लांट चलाने पर ही इनको कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी देनी थी लेकिन पुरानी एजेंसी भाग गई इसलिए हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। दस वार्डों में कूड़ा एजेंसी उठाएगी।
- डॉ. आईएस तोमर, मेयर
मैने भरी सदन में कहा था कि हरी भरी एजेंसी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने नहीं बल्कि डोर टू डोर का काम हथियाने आई है और यही हुआ। बड़ी चालाकी से हरी भरी को काम सौंप दिया गया है। अब इसमें भी निगम का भट्ठा बैठेगा। न प्लांट चलेगा और न कूड़ा ठीक से उठेगा।
- राजेश अग्रवाल, पार्षद दल नेता सपा
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दो अक्तूबर 2015 से शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना शुरू हुई थी। सात एजेंसियाें को पहले 30 वार्ड दिए गए थे, बाद में इन्हें बढ़ाकर 50 से अधिक कर दिया गया। निगम ने एजेंसियाें को रिक्शा तक खुद खरीदकर दिए थे, जिस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा कूड़ा उठाने की एवज में एजेंसियों को चार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया।
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एजेंसियाें को घरों से वसूला जाने वाला यूजर चार्ज निगम में जमा करना था, जिसमें वे फिसड्डी साबित हुए। पूरे अनुबंध के दौरान मात्र एक करोड़ रुपये ही उन्होंने घराें से वसूला। निगम ने यूजर चार्ज जमा न करने पर एजेंसियों का भुगतान भी रोका था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने भुगतान की रकम जारी कर दी। अब चारों एजेंसियाें का अनुबंध खत्म हो चुका है। निगम को इन्हें नौ माह का भुगतान करना है, जबकि एजेंसियाें को यूजर चार्ज।
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25 रुपये से 1000 रुपये वसूलने थे
सात एजेंसियों को घराें से कूड़ा उठाने पर 25 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक यूजर चार्ज वसूलना था। इसकी रसीद घराें में दी जानी थी। एक हजार रुपये अस्पतालाें से कचरा उठाने पर लिया जाना था, लेकिन कुछ समय बाद यह काम ठप हो गया। जब घराें से कूड़ा उठना बंद हो गया तो लोगाें ने पैसा नहीं दिया। जहां कूड़ा उठाया गया वहां भी पैसे देने को लोग राजी नहीं हुए। जहां का पैसा मिला उसे बाद में एजेंसी के लोगाें ने निगम में जमा ही नहीं किया।
अब हरी भरी चलाएगी योजना
बोर्ड से लेकर कार्यकारिणी में मेयर द्वारा यह कहा गया कि हरी भरी एजेंसी को डोर टू डोर योजना तब दी जाएगी जब वह प्लांट चला देगी, लेकिन एक जुलाई से उसे कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी दे दी गई। दस वार्र्डों में हरी भरी एजेंसी यह काम करेगी और यूजर चार्ज देगी।
इन इलाकों में उठेगा कूड़ा
राजेंद्रनगर, भूड़, शास्त्रीनगर, मेकेनियर रोड, जनकपुरी, डीडी पुरम और मॉडल टाउन इलाके में कूड़ा उठाया जाएगा।
पहले आई थीं सात एजेंसियां, कई भागीं
ठेकेदार अमन साहू की एएनसी कांट्रैक्टर, रकम सिंह भाटी की गीता जनकल्याण समिति, नईम शास्त्री की एसएस कांट्रैक्टर और ऐनी जैनी, आतिफ खान की खान कांट्रैक्टर, मकसूद खान की स्टार कांट्रैक्टर और रिजवाना खान की रिज कांट्रैक्टर को कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में सिर्फ ऐनी जैनी, एसएस कांट्रैक्टर, गीता जनकल्याण व एएनसी बची थीं। इनको 1950 रुपये प्रति मीट्रिक टन के हिसाब से कूड़ा उठाने के लिए कहा गया था, बाद में विवाद के बाद इसे 11 सौ रुपये प्रति मीट्रिक टन कर दिया गया। एजेंसियाें का दावा है कि उन्होंने 90 टन प्रति टन कूड़ा उठाया।
ऑडिट टीम ने जताई थी आपत्ति
ऑडिट टीम ने नगर निगम डोर टू डोर को सवालाें में खड़ा किया था। इसमें 4.77 करोड़ रुपये भुगतान की बात सामने आई थी, जिसमें 1.12 करोड़ रुपये अधिक भुगतान होने पर आपत्ति जताई गई थी। निगम ने इस पर काफी खर्च किया था। वर्ष 2015- 16 में 9 करोड़ और वर्ष 2016- 17 में छह करोड़ डोर टू डोर के लिए तय किये गए थे।
डोर टू डोर का जिम्मा हरी भरी को दिया गया है। यह बात सही है कि प्लांट चलाने पर ही इनको कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी देनी थी लेकिन पुरानी एजेंसी भाग गई इसलिए हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। दस वार्डों में कूड़ा एजेंसी उठाएगी।
- डॉ. आईएस तोमर, मेयर
मैने भरी सदन में कहा था कि हरी भरी एजेंसी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चलाने नहीं बल्कि डोर टू डोर का काम हथियाने आई है और यही हुआ। बड़ी चालाकी से हरी भरी को काम सौंप दिया गया है। अब इसमें भी निगम का भट्ठा बैठेगा। न प्लांट चलेगा और न कूड़ा ठीक से उठेगा।
- राजेश अग्रवाल, पार्षद दल नेता सपा