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Bareilly News: मृतका के परिजन बयान से मुकरे, आरोपी पति बरी

Tue, 08 Sep 2026 02:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 02:32 AM IST
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The family of the deceased retracted their statement, the accused husband was acquitted.
बरेली। दहेज हत्या के मामले में मृतका के परिजनों के बयान से मुकरने पर अदालत ने आरोपी पति को बरी कर दिया। कोर्ट ने बयान से मुकरने पर मृतका के दो भाइयों और मां पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
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मठ लक्ष्मीपुर निवासी नसीम अहमद ने इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बहन सीमा को पति अली अहमद, सास नाजिरा, जेठ सईद अहमद, रईस अहमद, वली अहमद, देवर मुन्ना और ननद रेशमा दहेज में कार और तीन लाख रुपयों के लिए प्रताड़ित करते थे। 25 अगस्त 2020 को बहन ने कॉल कर बताया कि ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। जहर देकर या फंदे से लटकाकर मारने की धमकी दे रहे हैं।
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अगली सुबह जब वह बहन की ससुराल गए तो पता चला कि ससुराल वालों ने उसे जहर दे दिया है। ससुराल वालों ने पुलिस के डर से सीमा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। हालत बिगड़ने पर भोजीपुरा स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। इज्जतनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। एक सितंबर 2020 को इलाज के दौरान सीमा की मौत हो गई। इसके बाद मुकदमे को दहेज हत्या में बदला गया।
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पुलिस ने अली अहमद के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष ने दस गवाह पेश किए। मृतका के भाई व मुकदमे के वादी नसीम अहमद, गवाह मृतका का दूसरा भाई वसीम अहमद, मृतका की मां चंदा बी तीनों बयानों से मुकर गए। अभियोजन पक्ष ने तीनों को पक्षद्रोही घोषित कर दिया। अदालत ने संदेह का लाभ देकर अली अहमद को बरी कर दिया। बयानों से मुकरने पर नसीम अहमद, वसीम अहमद और चंदा बी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

छिनैती गिरोह के सरगना की जमानत याचिका खारिज
बरेली। छिनैती गिरोह के सरगना की जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी। बारादरी पुलिस ने 19 जून को लूट, चोरी और छिनैती करने के आरोपी अजय साहू के गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। अजय साहू को गैंग लीडर बनाया था। वह जेल में बंद है। उसकी तरफ से न्यायालय में जमानत याचिका प्रस्तुत की गई थी। गैंगस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।
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