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Bareilly News: पक्की छत का सपना नहीं हुआ पूरा
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झोपड़ी में रह रहा परिवार
- फोटो : mathura
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शाही। प्रधानमंत्री आवास योजना के इंतजार में जरूरतमंद परेशान हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी से ग्रामीण झोंपड़ी में रहने को मजबूर हैं। अगले महीने बारिश के मौसम को देखते हुए लोग अपनी झोंपड़ी को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।
थाना क्षेत्र के फिरोजपुर गांव में दर्जनों ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास पाने का सपना देखते हुए आवेदन किया था। पक्की छत की आस में बरसात का एक सीजन भी गुजर गया, लेकिन सिर से झोंपड़ी नहीं हट सकी है। गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की निर्मला और उर्मिला देवी वर्षों से प्रधानमंत्री आवास का सपना देख रही हैं। आवास पाने के लिए उन्होंने औपचारिकताएं भी पूरी कीं, लेकिन उनको आवास नहीं मिला। यही हाल गांव की ही पार्वती, निर्मला, नेहा, नजमा, नसरीन, फरीन व नसीम जहां का भी है।
नामित सचिव के द्वारा आवेदनों का सर्वे न किए जाने पर आवेदकों ने शिकायत मुख्यमंत्री को आईजीआरएस पर भी की थी। सर्वे का स्पष्ट आदेश होने के बावजूद जिम्मेदारों ने कोई प्रयास नहीं किया। एक वर्ष पूर्व 2024 जनवरी को गांव की ही नसरीन का नाम खंड विकास अधिकारी की रिपोर्ट में पात्रता सूची में दर्ज हो गया था। बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सका है। एक महीने बाद बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा। लोग फिर अपनी पन्नी व फूंस की बनी झोंपड़ी को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। संवाद
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थाना क्षेत्र के फिरोजपुर गांव में दर्जनों ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास पाने का सपना देखते हुए आवेदन किया था। पक्की छत की आस में बरसात का एक सीजन भी गुजर गया, लेकिन सिर से झोंपड़ी नहीं हट सकी है। गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की निर्मला और उर्मिला देवी वर्षों से प्रधानमंत्री आवास का सपना देख रही हैं। आवास पाने के लिए उन्होंने औपचारिकताएं भी पूरी कीं, लेकिन उनको आवास नहीं मिला। यही हाल गांव की ही पार्वती, निर्मला, नेहा, नजमा, नसरीन, फरीन व नसीम जहां का भी है।
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नामित सचिव के द्वारा आवेदनों का सर्वे न किए जाने पर आवेदकों ने शिकायत मुख्यमंत्री को आईजीआरएस पर भी की थी। सर्वे का स्पष्ट आदेश होने के बावजूद जिम्मेदारों ने कोई प्रयास नहीं किया। एक वर्ष पूर्व 2024 जनवरी को गांव की ही नसरीन का नाम खंड विकास अधिकारी की रिपोर्ट में पात्रता सूची में दर्ज हो गया था। बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सका है। एक महीने बाद बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा। लोग फिर अपनी पन्नी व फूंस की बनी झोंपड़ी को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। संवाद
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