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Bareilly News: विवादित क्षेत्र की नए सिरे से होगी पैमाइश
Thu, 23 Apr 2026 01:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:25 AM IST
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नैनीताल रोड स्थित त्रिवटीनाथ मंदिर क्षेत्र की बीडीए कॉलोनी में लगे लाल निशानों को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को हुई बैठक में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने कॉलोनी को पूरी तरह वैध घोषित किया है। सर्वसम्मति से तय हुआ कि पूरे विवादित क्षेत्र की नए सिरे से पैमाइश कराई जाएगी। इसके लिए बीडीए के नक्शों का मिलान नगर निगम और तहसील के राजस्व रिकॉर्ड से किया जा चुका है।
अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय की अध्यक्षता में नगर निगम परिसर में बीडीए, नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मंथन किया। बैठक में बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने रिकॉर्ड पेश करते हुए स्पष्ट किया कि कॉलोनी नियमानुसार भूमि अधिग्रहण के बाद विकसित की गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि कॉलोनी के सभी नक्शे बीडीए द्वारा ही स्वीकृत किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अब जमीनी हकीकत परखने का निर्णय लिया है। अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय ने कहा कि बैठक में बीडीए, तहसील और नगर निगम के दस्तावेज देखे गए। अब संयुक्त टीम मौके पर जाकर पैमाइश करेगी। सर्वसम्मति से तय हुआ कि पूरे विवादित क्षेत्र की नए सिरे से पैमाइश कराई जाएगी। इसके लिए बीडीए के नक्शों का मिलान नगर निगम और तहसील के राजस्व रिकॉर्ड से किया जा चुका है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद अधिकारियों की टीम स्थानीय लोगों के साथ एक बैठक भी करेगी, जिसमें जांच की रिपोर्ट साझा कर वस्तुस्थिति स्पष्ट की जाएगी। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा, नगर निगम के मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी, अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राठी, सहायक अभियंता मुकेश शाक्य और नायब तहसीलदार विदित कुमार समेत प्रशासन व निगम के तमाम जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।
क्या है पूरा मामला
नगर निगम सीएम ग्रिड योजना के तहत नैनीताल सड़क का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कर रहा है। इस अभियान में 600 से अधिक भवनों पर लाल निशान लगाकर नोटिस जारी किए गए हैं। इसी क्रम में बीडीए की त्रिवटीनाथ मंदिर क्षेत्र की कॉलोनी के बाहरी हिस्से पर भी लाल निशान लगाए गए थे। नगर निगम 1920 के पुराने नक्शे को आधार बनाकर कार्रवाई कर रहा है, जिस पर कॉलोनीवासियों ने आपत्ति जताई है। विवाद सुलझाने के लिए ही यह संयुक्त बैठक बुलाई गई थी।
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अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय की अध्यक्षता में नगर निगम परिसर में बीडीए, नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मंथन किया। बैठक में बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने रिकॉर्ड पेश करते हुए स्पष्ट किया कि कॉलोनी नियमानुसार भूमि अधिग्रहण के बाद विकसित की गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि कॉलोनी के सभी नक्शे बीडीए द्वारा ही स्वीकृत किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अब जमीनी हकीकत परखने का निर्णय लिया है। अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय ने कहा कि बैठक में बीडीए, तहसील और नगर निगम के दस्तावेज देखे गए। अब संयुक्त टीम मौके पर जाकर पैमाइश करेगी। सर्वसम्मति से तय हुआ कि पूरे विवादित क्षेत्र की नए सिरे से पैमाइश कराई जाएगी। इसके लिए बीडीए के नक्शों का मिलान नगर निगम और तहसील के राजस्व रिकॉर्ड से किया जा चुका है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद अधिकारियों की टीम स्थानीय लोगों के साथ एक बैठक भी करेगी, जिसमें जांच की रिपोर्ट साझा कर वस्तुस्थिति स्पष्ट की जाएगी। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा, नगर निगम के मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी, अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राठी, सहायक अभियंता मुकेश शाक्य और नायब तहसीलदार विदित कुमार समेत प्रशासन व निगम के तमाम जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।
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क्या है पूरा मामला
नगर निगम सीएम ग्रिड योजना के तहत नैनीताल सड़क का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कर रहा है। इस अभियान में 600 से अधिक भवनों पर लाल निशान लगाकर नोटिस जारी किए गए हैं। इसी क्रम में बीडीए की त्रिवटीनाथ मंदिर क्षेत्र की कॉलोनी के बाहरी हिस्से पर भी लाल निशान लगाए गए थे। नगर निगम 1920 के पुराने नक्शे को आधार बनाकर कार्रवाई कर रहा है, जिस पर कॉलोनीवासियों ने आपत्ति जताई है। विवाद सुलझाने के लिए ही यह संयुक्त बैठक बुलाई गई थी।
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