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घंटों अस्पताल के बाहर पड़ा रहा संक्रमित मृतक का शव
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अस्पताल के बाहर रखा शव।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बिलखते रहे परिजन, सुनवाई न होने पर वीडियो वायरल कर सीएमओ से लगाई मदद की गुहार
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बरेली। संक्रमित के इलाज के नाम पर लाखों रुपये का बिल बनाकर परिजन से वसूली के बाद भी शव को अस्पताल के बाहर छोड़ दिया गया। यह घटना रविवार को डीडीपुरम स्थित अस्पताल में संक्रमित की मौत के बाद हुई। घंटे भर तक इंतजार करने के बाद भी जब अस्पताल का कोई कर्मचारी शव को एंबुलेंस में रखने को तैयार नहीं हुआ तो परिवार वालों ने इसका वीडियो वायरल कर सीएमओ से मदद की गुहार लगाई।
रविवार को चाहबाई निवासी 54 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई। वह डीडीपुरम स्थित एक पेड कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती थे। वायरल वीडियो में परिवार ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों ने एंबुलेंस में रखने से इनकार कर शव को अस्पताल के बाहर गैलरी में लाकर रख दिया। करीब घंटे भर तक वह अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाते रहे मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने वीडियो बनाया और स्वास्थ्य विभाग के ग्रुप समेत अन्य अफसरों को भेज दिया। इसके बाद अफसरों ने सख्ती दिखाई तो अस्पताल प्रशासन ने शव को अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचवाया। परिवार वालों के मुताबिक सुबह मौत होने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे शव उनको सौंपा गया। करीब चार लाख रुपये का भुगतान करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने उन लोगों से खराब व्यवहार किया है, वे शासन में इसकी शिकायत करके कार्रवाई की मांग करेंगे।
रविवार को चाहबाई निवासी 54 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई। वह डीडीपुरम स्थित एक पेड कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती थे। वायरल वीडियो में परिवार ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों ने एंबुलेंस में रखने से इनकार कर शव को अस्पताल के बाहर गैलरी में लाकर रख दिया। करीब घंटे भर तक वह अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाते रहे मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने वीडियो बनाया और स्वास्थ्य विभाग के ग्रुप समेत अन्य अफसरों को भेज दिया। इसके बाद अफसरों ने सख्ती दिखाई तो अस्पताल प्रशासन ने शव को अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचवाया। परिवार वालों के मुताबिक सुबह मौत होने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे शव उनको सौंपा गया। करीब चार लाख रुपये का भुगतान करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने उन लोगों से खराब व्यवहार किया है, वे शासन में इसकी शिकायत करके कार्रवाई की मांग करेंगे।
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