फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The crippled system could not provide treatment to the voiceless, Haryana's ambulance took the cow.

Bareilly News: बेजुबान को इलाज न दे सकी पंगु व्यवस्था, गाय को ले गई हरियाणा की एंबुलेंस

Tue, 24 Oct 2023 02:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 24 Oct 2023 02:01 AM IST
विज्ञापन
The crippled system could not provide treatment to the voiceless, Haryana's ambulance took the cow.
फतेहगंज पूर्वी (बरेली)। सरकार की ओर से तमाम योजनाएं संचालित के बावजूद हादसे में घायल एक गाय को स्थानीय स्तर पर उपचार नहीं मिला। बेजुबान की ओर से गोरक्षकों ने गुहार लगाई पर गूंगी-बहरी व्यवस्था में वह भी दबकर रह गई। थक-हारकर गोरक्षकों ने हरियाणा के झज्जर स्थित गो चिकित्सालय में संपर्क किया तो वहां से एंबुलेंस आई और गाय को उपचार के लिए ले गई।
विज्ञापन

नेशनल हाईवे पर स्थित उचसिया मोड़ से पहले रविवार रात गाय और उसके बछड़े को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में बछड़ा मर गया और गाय घायल हो गई। गाय के इलाज के लिए स्थानीय लोगों ने गोरक्षकों को सूचना दी। गोरक्षकों का आरोप है कि फतेहगंज पूर्वी के पशु अस्पताल की डॉक्टर को बताया तो उन्होंने एक बार बात करने के बाद उनका मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया।
विज्ञापन

इसके बाद गोरक्षक पवन प्रजापति ने प्रदेश सरकार की ओर से संचालित पशु चिकित्सा एंबुलेंस सेेवा के नंबर 1962 पर संपर्क किया। उधर से यह कहकर पल्ला झाड़ लिया गया कि यह सेवा सिर्फ पालतू पशुओं के इलाज के लिए है। रातभर गाय तड़पती रही। सोमवार सुबह गोरक्षकों ने हरियाणा के झज्जर स्थित गो-चिकित्सालय से संपर्क साधा। शाम चार बजे हरियाणा की एंबुलेंस यहां आई और गाय को ले गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोरक्षक विनोद राठौर ने बताया कि प्रदेश सरकार भले ही गायों के संरक्षण के लिए तमाम सुविधाओं और संसाधनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर बहुत बुरा हाल है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता से सरकार की योजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही हैं।

वर्जन
घायल गाय का उपचार करा दिया है। हमें नहीं पता कि किसने फोन किया था। यह मेरा व्यक्तिगत नंबर है, किसी को भी ब्लैकलिस्ट में डाल सकती हूं। गाय को हरियाणा भेजे जाने की जानकारी नहीं है। -डॉ. खुशबू सिंह, चिकित्सक, पशु अस्पताल, फतेहगंज पूर्वी

1962 एंबुलेंस सेवा केवल पालतू पशुओं के लिए है। रात में पशुओं के उपचार के लिए मेरे पास कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पतालों में सिर्फ दिन में ही ओपीडी संचालित होती है। आईवीआरआई में ही मेजर ट्रीटमेंट की व्यवस्था है। - डॉ. मेघश्याम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed