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Bareilly News: भ्रामक तथ्य से दबाव बनाने के लिए दंपती ने उठाया था आत्मघाती कदम
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बरेली। कलक्ट्रेट गेट पर मंगलवार को आत्मदाह का प्रयास करने वाले दंपती के आरोप प्रशासनिक जांच में खारिज हो गए। जांच में पता चला कि दंपती का जमीन विवाद से कोई संबंध नहीं है। आत्मघाती कदम अफसरों पर दबाव बनाने की साजिश थी। इससे शासन की छवि धूमिल हुई।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह के मुताबिक घटनाक्रम की जानकारी पर तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। पता चला चंदपुर बिचपुरी निवासी नरेश पाल का जमीन विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था। नरेश के पास से एसडीएम को संबंधित मिले प्रार्थना पत्र में आरोप था बिशारतगंज निवासी टीकाराम से चंदपुर बिचपुरी की तीन सौ वर्गगज जमीन 6.70 लाख रुपये में तय हुई। इसके बदले दो लाख रुपये में एग्रीमेंट किया था। दस्तावेजों की जांच में दावा फर्जी मिला। नरेश पाल ने एग्रीमेंट टीकाराम से नहीं कराया था बल्कि 27 जून 2017 को चंदपुर बिचपुरी की शकुंतला देवी ने अपंजीकृत इकरारनामा स्टांप पेपर पर टीकाराम मौर्या से किया था, नरेश पाल ने गवाही दी थी। नरेश पाल और शकुंतला में रक्त संबंध नहीं है। कथित अपंजीकृत इकरारनामे के आधार पर थाना इज्जतनगर में 16 मई 2019 को शकुंतला की तहरीर पर टीकाराम मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट हुई। विवेचना के बाद 10 जुलाई 2020 को आरोप पत्र कोर्ट भेजा जा चुका है। फिलहाल प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है। अंतिम निर्णय कोर्ट से होगा।
सुरक्षाकर्मियों की तत्परता पर डीएम ने किया सम्मानित
जिलाधिकारी ने कहा कि नरेश पाल और उनकी पत्नी गुड्डी ने भ्रामक तथ्यों पर आत्मदाह की धमकी देने, लोक सेवक पर अनैतिक दबाव बनाने और प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का अनैतिक और विधि विरोधी कार्य किया है। हालांकि, मामले में घटनाक्रम के दौरान सजगता, कर्तव्यनिष्ठा, साहसिक कार्य के लिए उपनिरीक्षक (अभिसूचना) ओमपाल सिंह, मुख्य आरक्षी अमित सिंह, होमगार्ड संदीप सिंह ने केन छीनकर दोनों को सुरक्षित पकड़ा था। साहसिक कार्य के लिए इन लोगों के साथ आठ सुरक्षा कर्मियों को सम्मानित किया गया।
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जिलाधिकारी अविनाश सिंह के मुताबिक घटनाक्रम की जानकारी पर तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। पता चला चंदपुर बिचपुरी निवासी नरेश पाल का जमीन विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था। नरेश के पास से एसडीएम को संबंधित मिले प्रार्थना पत्र में आरोप था बिशारतगंज निवासी टीकाराम से चंदपुर बिचपुरी की तीन सौ वर्गगज जमीन 6.70 लाख रुपये में तय हुई। इसके बदले दो लाख रुपये में एग्रीमेंट किया था। दस्तावेजों की जांच में दावा फर्जी मिला। नरेश पाल ने एग्रीमेंट टीकाराम से नहीं कराया था बल्कि 27 जून 2017 को चंदपुर बिचपुरी की शकुंतला देवी ने अपंजीकृत इकरारनामा स्टांप पेपर पर टीकाराम मौर्या से किया था, नरेश पाल ने गवाही दी थी। नरेश पाल और शकुंतला में रक्त संबंध नहीं है। कथित अपंजीकृत इकरारनामे के आधार पर थाना इज्जतनगर में 16 मई 2019 को शकुंतला की तहरीर पर टीकाराम मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट हुई। विवेचना के बाद 10 जुलाई 2020 को आरोप पत्र कोर्ट भेजा जा चुका है। फिलहाल प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है। अंतिम निर्णय कोर्ट से होगा।
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सुरक्षाकर्मियों की तत्परता पर डीएम ने किया सम्मानित
जिलाधिकारी ने कहा कि नरेश पाल और उनकी पत्नी गुड्डी ने भ्रामक तथ्यों पर आत्मदाह की धमकी देने, लोक सेवक पर अनैतिक दबाव बनाने और प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का अनैतिक और विधि विरोधी कार्य किया है। हालांकि, मामले में घटनाक्रम के दौरान सजगता, कर्तव्यनिष्ठा, साहसिक कार्य के लिए उपनिरीक्षक (अभिसूचना) ओमपाल सिंह, मुख्य आरक्षी अमित सिंह, होमगार्ड संदीप सिंह ने केन छीनकर दोनों को सुरक्षित पकड़ा था। साहसिक कार्य के लिए इन लोगों के साथ आठ सुरक्षा कर्मियों को सम्मानित किया गया।
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