{"_id":"614e36928ebc3effe35c862e","slug":"the-audience-danced-on-the-performances-of-kathak-bareilly-news-bly460706930","type":"story","status":"publish","title_hn":"कथक की प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कथक की प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक
विज्ञापन
प्रस्तुति देते कलाकार।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिद्धिमा सभागार में हुआ भक्ति रस पर आधारित कार्यक्रम
विज्ञापन
बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा में शुक्रवार को कथक नृत्य का कार्यक्रम हुआ जिसमें गुरुओं और शिष्यों ने एक साथ मंच पर प्रस्तुति दी।
नवोदित नर्तकों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीला को कथक शैली में प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गुरु देवज्योति ने विशेष प्रस्तुति दी। उन्होंने भारतीय संगीत की प्रमुख ‘धामर ताल’ पर तबले और घुंघरुओं की जुगलबंदी के साथ प्रस्तुत की। द्रौपदी चीरहरण पर आधारित प्रस्तुति भी दी। अन्य शिष्यों ने ठुमरी पर कथक की प्रस्तुति दी।
मंच पर इन प्रस्तुतियों के दौरान तबले पर दीपक सहाय व शिव शंभू कपूर, सारंगी पर उमेश मिश्रा व अनीश मिश्रा, हारमोनियम पर जनार्दन भारद्वाज, सितार पर कुंवरपाल, वायलिन पर सूर्यकांत चौधरी, बांसुरी पर डॉ. पवन राज चौधरी और गिटार पर ऑगस्टीन फ्रेडरिक ने संगत की। स्नेहाशीष दुबे और शिवांगी मिश्रा ने आवाज दी।
नवोदित नर्तकों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीला को कथक शैली में प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गुरु देवज्योति ने विशेष प्रस्तुति दी। उन्होंने भारतीय संगीत की प्रमुख ‘धामर ताल’ पर तबले और घुंघरुओं की जुगलबंदी के साथ प्रस्तुत की। द्रौपदी चीरहरण पर आधारित प्रस्तुति भी दी। अन्य शिष्यों ने ठुमरी पर कथक की प्रस्तुति दी।
मंच पर इन प्रस्तुतियों के दौरान तबले पर दीपक सहाय व शिव शंभू कपूर, सारंगी पर उमेश मिश्रा व अनीश मिश्रा, हारमोनियम पर जनार्दन भारद्वाज, सितार पर कुंवरपाल, वायलिन पर सूर्यकांत चौधरी, बांसुरी पर डॉ. पवन राज चौधरी और गिटार पर ऑगस्टीन फ्रेडरिक ने संगत की। स्नेहाशीष दुबे और शिवांगी मिश्रा ने आवाज दी।
विज्ञापन