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Bareilly News: टेराकोटा और मृदभांड विद्यार्थियों को कर रहे आकर्षित
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बने पांचाल संग्रहालय में रखे गए मृद भांड (मिट्टी के बर्तन) और टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी) विद्यार्थियों को आकर्षित कर रहे हैं। यहां पहुंचकर विद्यार्थी इतिहास के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
संग्रहालय में पहुंचते ही विद्यार्थी अलग ही दुनिया में पहुंच जाते हैं। यहां गुप्तकाल और शुंगकाल के समय की अधिकांश मूर्तियां महिलाओं और देवियों से जुड़ी हैं। इनका अध्ययन करके विद्यार्थियों को यह जानकारी मिलती है कि उस दौर में महिलाएं किस तरह के आभूषण पहनती थी। साधारण स्त्रियों के साथ ही यक्षिणी व पौराणिक देवियों की भी कई मूर्तियां यहां हैं।
अलग-अलग आभूषणों के अलावा महिलाओं के हेयरस्टाइल, उनके इस्तेमाल की वस्तुएं जैसे नहाने का झाबा व ब्रेसलेट आदि भी संग्रहालय में सुसज्जित हैं। संग्रहाध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया संग्रहालय में रखे टेराकोटा व मृण मूर्तियों के संग्रह में करीब 70 प्रतिशत चीजें महिलाओं की स्थिति बता रही हैं।
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यहां आने वाले परास्नातक के बच्चों की सर्वाधिक रुचि इन बर्तनों के प्रति रहती है। इन दिनों जिले के राजकीय विद्यालयों से छात्र-छात्राएं यहां भ्रमण के लिए आ रहे हैं। संवाद
इतिहास की मिलती है जानकारी
संग्रहालय में कई आकर्षक चीजें हैं। खोदाई में मिलीं वस्तुएं हमें इतिहास के बारे में जानने में मदद करती हैं। यहां रखी वस्तुओं से हम हजारों साल पुरानी सभ्यताओं के बारे में भी काफी चीजें जान लेते हैं। शिवानी, एमए इतिहास
संग्रहालय में महिलाओं से जुड़ी कई वस्तुएं हैं। तब के समय महिलाओं की स्थिति कैसी थी? इस बारे में इन वस्तुओं से जानकारी मिलती है। यहां आकर पुरातात्विक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरणा मिलती है। परिनीता, एमए इतिहास
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संग्रहालय में पहुंचते ही विद्यार्थी अलग ही दुनिया में पहुंच जाते हैं। यहां गुप्तकाल और शुंगकाल के समय की अधिकांश मूर्तियां महिलाओं और देवियों से जुड़ी हैं। इनका अध्ययन करके विद्यार्थियों को यह जानकारी मिलती है कि उस दौर में महिलाएं किस तरह के आभूषण पहनती थी। साधारण स्त्रियों के साथ ही यक्षिणी व पौराणिक देवियों की भी कई मूर्तियां यहां हैं।
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अलग-अलग आभूषणों के अलावा महिलाओं के हेयरस्टाइल, उनके इस्तेमाल की वस्तुएं जैसे नहाने का झाबा व ब्रेसलेट आदि भी संग्रहालय में सुसज्जित हैं। संग्रहाध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया संग्रहालय में रखे टेराकोटा व मृण मूर्तियों के संग्रह में करीब 70 प्रतिशत चीजें महिलाओं की स्थिति बता रही हैं।
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यहां आने वाले परास्नातक के बच्चों की सर्वाधिक रुचि इन बर्तनों के प्रति रहती है। इन दिनों जिले के राजकीय विद्यालयों से छात्र-छात्राएं यहां भ्रमण के लिए आ रहे हैं। संवाद
इतिहास की मिलती है जानकारी
संग्रहालय में कई आकर्षक चीजें हैं। खोदाई में मिलीं वस्तुएं हमें इतिहास के बारे में जानने में मदद करती हैं। यहां रखी वस्तुओं से हम हजारों साल पुरानी सभ्यताओं के बारे में भी काफी चीजें जान लेते हैं। शिवानी, एमए इतिहास
संग्रहालय में महिलाओं से जुड़ी कई वस्तुएं हैं। तब के समय महिलाओं की स्थिति कैसी थी? इस बारे में इन वस्तुओं से जानकारी मिलती है। यहां आकर पुरातात्विक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरणा मिलती है। परिनीता, एमए इतिहास