Israel-Iran War: ईरान-इराक और बहरीन में फंसे बरेली के 10 लोग, हमले के बाद परिजनों की उड़ी नींद
Israel Iran War: बरेली जिले के 10 लोग ईरान, इराक और बहरीन में फंसे हुए हैं। इनमें छात्र भी शामिल हैं। इनके परिजन सुरक्षित वतन वापसी के लिए दुआ कर रहे हैं। वहां फंसे लोगों से सोशल मीडिया और फोन के जरिए संपर्क कर रहे हैं।
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ईरान पर अमेरिका-इस्राइल के हमले ने बरेली के लोगों की भी नींद उड़ा दी है। ईरान, इराक व बहरीन में बरेली के नौ छात्रों समेत 10 लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। इनके परिजन सुरक्षित वतन वापसी के लिए दुआ कर रहे हैं। सरकारी से भी मदद की अपील की है। सेंथल कस्बे ले नौ छात्र ईरान और इराक में शिक्षा ग्रहण करने गए हैं। उनके परिवार भी चिंता में हैं।
अमरिया के गांव सुकटिया निवासी जुल्फिकार बहरीन में फंसे हुए हैं। जुल्फिकार के परिवार के लोगों ने व्हाट्सएप कॉल कर उनका हाल जाना। जुल्फिकार ने बताया कि वह फिलहाल सुरक्षित हैं। उनकी पत्नी साइमा अपने नौ वर्षीय बेटे अब्दुल्ला के साथ बरेली के आकाशदीप नगर में रहती हैं। परिवार के अन्य सदस्य गांव में रहते हैं। ईरान ने जब बहरीन पर हमला किया तो साइमा सहित अन्य परिजन चिंतित हो उठे। तत्काल जुल्फिकार को कॉल करके हालचाल लिया। जुल्फिकार ने परिजनों को बताया कि सुबह करीब 11 बजे धमाका हुआ था। सभी लोग बंकर में चले गए थे। बाद में हालात सामान्य हो गए हैं। जुल्फिकार ने धमाके के फोटो और वीडियो भी परिजनों को भेजे।
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ईरान में फंसे हैं सेंथल के युवा
सेंथल प्रतिनिधि के अनुसार, वहां के नौ छात्र ईरान व इराक में पढ़ाई के लिए गए हैं। इसमें गाजी अब्बास और सलीम हुसैन ईरान के कुम शहर में हैं। उनसे बात नहीं हो पाई है। ईरान के नजफ शहर में सेंथल के सात युवा रह रहे हैं। इसमें अरमान हुसैन, अमान हुसैन, शामिर जैदी, जाफर, वसीम, कासिफ अली और अजीम हैं। यह सभी वहां पर मौलवियत की पढ़ाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे सुरक्षित हैं।
ईरान में जंग के हालात के साथ अफवाहें बहुत थीं
बरेली से 15 लोगों का काफिला 13 जनवरी को ईरान-इराक जियारत के लिए गया था, जो चार फरवरी को लौट आया। काफिला ले जाने वाली मुजीब जहरा ने बताया कि जब वह गईं थीं तब जन जीवन तो सामान्य था लेकिन जंग के हालात बने हुए थे। अफवाहें तैर रही थीं, मगर वहां के लोग बेफिक्र और बेखौफ थे। उस दौरान उन्होंने जायरीन के साथ कुम, मशहद, नजफ और कर्बला में भी जियारत की थी।