बढ़ी दर पर टैक्स निर्धारण और वसूली पर रोक
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अनुपूरक प्रस्तावों की सूची में प्रस्ताव नंबर दो पर भाजपा पार्षद दल नेता विकास शर्मा ने सदन में कर आरोपण प्रक्रिया को दोषपूर्ण बताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया से शहर में जनसामान्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। करदाताओं को एजेंसी के सर्वे पर आधारित गलत बिल भेजे जा रहे हैं। एजेंसी भवनों का मनमाना सर्वे करने के बाद कंप्यूटर पर उसकी फीडिंग कर बिल भेज देती है जबकि इसका मैनुअल रिकार्ड भी रखना चाहिए। स्वकर के नाम पर करदाताओं से फार्म भरवाकर कहा जा रहा है कि जितना मर्जी हो अपना टैक्स इसमें भरकर जमा कर दो। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रपत्रों से छेड़छाड़ और कर वसूली के नाम पर कुर्की और भवन को सील करने का अधिकार नगर निगम को नहीं है। सपा पार्षद दल के नेता राजेश अग्रवाल और भाजपा पार्षद कपिल कांत ने नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 560 का हवाला देते हुए कहा कि नगर निगम सीमा में रहने वाले किसी भी व्यक्ति के घर में नगर आयुक्त या उनके द्वारा अधिकृत सरकारी सेवारत अधिकारी या कर्मचारी ही प्रवेश के अधिकारी हैं। फिर किस आधार पर बाहरी व्यक्ति यूनुस को सर्वे का ठेका देकर नापतौल का अधिकार दे दिया गया। कपिलकांत के मुताबिक नगर आयुक्त का धारा 210 के तहत कर निर्धारण सूची का प्रमाणीकरण न कराना विधिक व्यवस्था का उल्लंघन है। कर निर्धारण प्रक्रिया पर करीब दो घंटे तक बहस हुई। पार्षद बबलू खान, शालिनी जौहरी, छंगामल मौर्य, आरिफ़ कुरैशी, अब्दुल सलीम, अकील गुड्डू आदि ने इसे दोषपूर्ण ठहराया। सदन में बहुमत से प्रस्ताव पारित होने के बाद मेयर डॉ. आईएस तोमर ने पूरी टैक्स प्रक्रिया को रोकने की घोषणा कर दी।
करदाताओं को मिलेगी 10 प्रतिशत छूट
वित्तीय वर्ष 2015-16 के शुरुआती तीन महीने यानी 31 जुलाई तक अपना टैक्स खुद जमा करने वाले करदाताओं को टैक्स में 10 प्रतिशत की छूट देने के लिए रखे गए प्रस्ताव नंबर 16 को भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी। 30 अगस्त तक टैक्स जमा करने वालों को पांच प्रतिशत छूट दी जाएगी। ये छूट ब्याज के अतिरिक्त होगी।
21 प्रस्ताव पास, दो स्थगित, दो निरस्त
नगर निगम बोर्ड की सामान्य बैठक में 11 अनुपूरक प्रस्तावों समेत कुल 25 प्रस्ताव रखे गए। बोर्ड ने 21 प्रस्ताव आपत्तियों में सुधार के साथ पारित कर दिए। अनुपूरक प्रस्ताव नियमानुसार स्वीकृत किए गए। दो प्रस्ताव स्थगित और दो निरस्त कर दिए गए।
ये प्रस्ताव पारित
1- न्यू आजाद इंटर कालेज मार्केट की दुकान नंबर 12 की नीलामी दोबारा होगी।
2- डोर टू डोर कूड़ा योजना पूरे शहर में लागू होगी।
3- नगर निगम की दुकानों के नामांतरण का प्रस्ताव आपत्तियों सहित स्वीकृत।
4- कांकर टोला में मौलाना तहसीन रजा खां की दरगाह के पास 4.48 लाख से गेट निर्माण।
5- दुग्ध संघ को मिल्क बूथ के लिए स्थान आवंटन।
6- कर्मचारियों के लिए आवास निर्माण को नदौसी गौंटिया में जमीन देने का फैसला।
7- नगर निगम में लागू उपविधियों का कार्यकाल वित्तीय वर्ष में परिवर्तित करना।
8- न्यू पालिका मार्केट में तीन दुकानों की नीलामी दोबारा की जाएगी।
ये प्रस्ताव स्थगित
1- नगर निगम की सीमा विस्तार में 87 गांव शामिल करने का प्रस्ता।
2- विज्ञापन की नई नियमावली बनाने के प्रारूप को शासन को भेजना।
ये प्रस्ताव निरस्त
1- नगर निगम की दुकानों के किराया देर से जमा करने पर विलंब शुल्क लेना।
2- फूड कार्ट निशुल्क प्राप्त करने का प्रस्ताव।
पूरे शहर में लागू होगी डोर टू डोर कूड़ा योजना
नगर निगम बोर्ड ने फरवरी 2014 को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना को मंजूरी दी थी। इसमें नगर निगम को किसी एजेंसी से निविदा नहीं मिली। यूजर चार्ज जमा करने पर फर्मों ने घाटे की आशंका जताई। इस पर काफी समय तक योजना लटकी रही। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने बताया कि लखनऊ की एक एजेंसी से ट्रायल के तौर पर जनकपुरी, रामपुर गार्डन और एजाजनगर गौंटिया में डोर टू डोर कूड़ा उठवाया जा रहा है। जनसामान्य से इन इलाकों में यह योजना सफल होने का फीडबैक मिलने के बाद इसे पूरे शहर में लागू कर दिया गया। इसे नए संशोधन के साथ बोर्ड में प्रस्ताव नंबर पांच प्रस्तुत में किया गया। यूजर चार्ज लेने न लेने पर पार्षदों में मतभेद दिखे। तय किया गया कि निश्चित यूजर चार्ज के बदले योजना पूरे शहर में लागू की जाएगी। एजेंसी के कर्मचारी प्रत्येक घर से कूड़ा वजन कराकर लेंगे। उसी हिसाब से यूजर चार्ज तय होगा। यूजर चार्ज तय करने के लिए सात सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। ये कमेटी पब्लिक रिएक्शन के साथ शहर को छह जोन में बांटने और एजेंसी के काम के गुण दोष का अध्ययन करने के बाद रिपोर्ट सौंपेगी।
नगर निगम बोर्ड की खबर में वर्जन
‘टैक्स की प्रक्रिया दोषपूर्ण नहीं है। बोर्ड ने कुछ रोकने का निर्देश नहीं दिया है। कर वसूली चलती रहेगी।’ सच्चिदानंद सिंह, अपर नगर आयुक्त
‘बोर्ड ने जिस टैक्स प्रक्रिया रोकने का निर्णय लिया है, नगर निगम प्रशासन को उसका पालन करना चाहिए।’ डा. आईएस तोमर, मेयर
मंत्री की सिफारिश पर रोका कर्मचारी का ट्रांसफर
ये भी मुद्दे उठे बोर्ड की बैठक में
- आधे घंटे के प्रश्नकाल में पार्षद अब्दुल सलीम ने सफाई कर्मचारी मीना के स्थानांतरण पर सवाल उठाए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अभी तक सफाई इंस्पेक्टर मौखिक ट्रांसफर करते थे। अब इस पर रोक लगी है। इंस्पेक्टरों को वार्डों में भेजकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है।
- मोहम्मद असलम ने सफाई कर्मचारी के दो साल से लापता होने की बात उठाई। इस पर नगर आयुक्त ने इंस्पेक्टर दीपक कुमार को एडवर्स एंट्री देने और सफाई नायक को निलंबित करने के निर्देश दिए।
- राजेश अग्रवाल ने प्रकाश, स्वास्थ्य और जलकल का प्रतिदिन खर्च का ब्योरा मांगा। लेखाधिकारी आरके गौतम ने प्रतिदिन का ब्योरा देने में असमर्थता जाहिर की।
- विकास शर्मा के एक प्रश्न के दो उत्तर दे दिए गए। कौन सा उत्तर सही है के जवाब में एक्सईएन गयूर अहमद ने कहा कि दोनों उत्तर सही हैं। इस पर सदन में खूब ठहाके लगे।
- भाजपा पार्षद विपुल लाला ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट न चलने का मामला उठाया। ट्रंचिंग ग्राउंड फुल होने पर कूड़ा ले जाने के बारे में जानकारी मांगी।
- पार्षद रंजीत रस्तोगी ने गोकुल नगरी बसाने की तारीख पूछी। इस पर मेयर ने कहा-अफसरों ने जमीन देख ली है। इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
- महिला पार्षद ने पूछा कि जलकल कर्मचारी चंद्रप्रकाश का ट्रांसफर क्यों रुका। इस पर महाप्रबंधक एमएल मौर्य ने कहा कि मंत्री की सिफारिश थी। नगर आयुक्त ने समस्या समाधान का आश्वासन देकर मामला टाला।
- पीपीपी मॉडल पर चौराहों के सौंदर्यीकरण केप्रस्ताव पर पार्षदों ने सवाल उठाए। इस पर पार्षदों की कमेटी बनाकर आर्किटेक्ट की मदद से सौंदर्यीकरण का डिजाइन तैयार करने को कहा गया।