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Bareilly News: चित्रकारों की कूंची से उभरी संवेदना, मां की पीड़ा को दी कैनवास पर जगह
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बरेली। यामिनी आर्ट गैलरी कैंट में विश्व कला दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी में जहां रचनात्मकता और रंगों की छटा बिखरी, वहीं कुछ कृतियों ने दर्शकों को भीतर तक झकझोर दिया। ऐसी ही एक कलाकृति थी गर्भवती स्त्री का चित्र, जो मातृत्व, पीड़ा और आत्मबल की त्रिवेणी को दर्शाता है।
कलाकार डॉ. अजय रघुवंशी की इस पेंटिंग में दर्शाती काली पृष्ठभूमि में उदास चेहरा, सफेद उड़ती मछली और उजाले की हल्की किरणों के बीच खड़ी यह महिला सिर्फ एक चित्र नहीं, बल्कि स्त्री के संघर्ष और सृजनशक्ति की गूंज बनकर सामने आई। यह चित्र देखने वालों को रुककर सोचने पर मजबूर करता है कि स्त्री सिर्फ जीवनदायिनी नहीं, बल्कि हर पीड़ा को झेलकर भी सृजन का पर्व रचती है।
कार्यक्रम का उद्घाटन बरेली के सांसद छत्रपाल गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कलाकारों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और बरेली में एक नई आर्ट गैलरी के निर्माण का सुझाव भी दिया। कला के प्रचार-प्रसार और सृजनशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए बरेली के गुरचरण सिंह और बनारस की स्नेहा रानी को लियोनार्डो दि विंची अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी में पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से आए कलाकारों की कुल 55 कृतियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें पारंपरिक और भावप्रधान चित्रों का सुंदर मिश्रण था। वरिष्ठ चित्रकार डॉ. महेंद्र सक्सेना और गीता अग्रवाल ने कलाकारों को विषयवस्तु और तकनीक को लेकर उपयोगी सुझाव दिए। संवाद
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कलाकार डॉ. अजय रघुवंशी की इस पेंटिंग में दर्शाती काली पृष्ठभूमि में उदास चेहरा, सफेद उड़ती मछली और उजाले की हल्की किरणों के बीच खड़ी यह महिला सिर्फ एक चित्र नहीं, बल्कि स्त्री के संघर्ष और सृजनशक्ति की गूंज बनकर सामने आई। यह चित्र देखने वालों को रुककर सोचने पर मजबूर करता है कि स्त्री सिर्फ जीवनदायिनी नहीं, बल्कि हर पीड़ा को झेलकर भी सृजन का पर्व रचती है।
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कार्यक्रम का उद्घाटन बरेली के सांसद छत्रपाल गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कलाकारों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और बरेली में एक नई आर्ट गैलरी के निर्माण का सुझाव भी दिया। कला के प्रचार-प्रसार और सृजनशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए बरेली के गुरचरण सिंह और बनारस की स्नेहा रानी को लियोनार्डो दि विंची अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी में पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से आए कलाकारों की कुल 55 कृतियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें पारंपरिक और भावप्रधान चित्रों का सुंदर मिश्रण था। वरिष्ठ चित्रकार डॉ. महेंद्र सक्सेना और गीता अग्रवाल ने कलाकारों को विषयवस्तु और तकनीक को लेकर उपयोगी सुझाव दिए। संवाद
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