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स्वाइन फ्लू : विदेश से आने वालों का एयरपोर्ट पर दर्ज हो रहा रिकॉर्ड
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बरेली। स्वाइन फ्लू के अलर्ट के बीच विदेश से लौटने वाले यात्रियों की भी निगरानी होने लगी है। एयरपोर्ट पर ऐसे यात्रियों का रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है, ताकि उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है।
राजेंद्रनगर निवासी कारोबारी दुर्गेश के मुताबिक, पिछले माह वह परिवार के साथ बेटी से मिलने सिंगापुर गए थे। वहां से दिल्ली एयरपोर्ट लौटने पर सभी यात्रियों को एक-एक फॉर्म देकर बताया कि अमेरिका, यूरोप, एशिया, साउथ अफ्रीका के कई देशों में स्वाइन फ्लू के कई केस हैं। विदेश यात्रा से लौटने वालों की जानकारी दर्ज की जा रही है, ताकि 21 दिन तक सेहत संबंधी निगरानी की जा सके। फॉर्म में नाम, पता, यात्रा विवरण, परिजन के ईमेल, फोन नंबर, बायोमीट्रिक डिटेल्स भी लिए। संदिग्ध लक्षण मिलने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचना देने के लिए कहा।
एयरपोर्ट डायरेक्टर अवधेश अग्रवाल के मुताबिक, इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ी है क्योंकि स्वाइन फ्लू वायरस विदेशी स्ट्रेन है। डोमेस्टिक एयरपोर्ट के लिए अभी कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है।
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दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी, इसलिए ज्यादा सतर्कता
बरेली, दिल्ली के नजदीक है और दोनों शहरों के बीच बड़ी संख्या में लोगों का रोजाना आवागमन होता है। इसके अलावा दिल्ली एयरपोर्ट के जरिये विदेश से आने वाले लोग भी बड़ी संख्या में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंचते हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। मॉडल टाउन निवासी एक महिला समेत चार अन्य लोग स्वाइन फ्लू पीड़ित मिले हैं।
स्वाइन फ्लू के अलर्ट के बाद इन्फ्लुएंजा वैक्सीन में लोगों की रुचि बढ़ी है। निजी अस्पताल समेत मेडिकल स्टोर संचालकों से भी लोग वैक्सीन की उपलब्धता और लगवाने के समय को लेकर जानकारी ले रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अंकित मौर्य ने कहा, इन्फ्लुएंजा वैक्सीन फ्लू से बचाव में मदद करती है, पर सौ फीसदी सुरक्षा के रूप में नहीं देखना चाहिए।
आईएमए यूपी के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल के मुताबिक, चिकित्सकीय परामर्श के बिना कोई वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, कुछ गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को नए स्ट्रेन की ही वैक्सीन लगवाना चाहिए। परामर्श में व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर सुझाव दिया जाता है।
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राजेंद्रनगर निवासी कारोबारी दुर्गेश के मुताबिक, पिछले माह वह परिवार के साथ बेटी से मिलने सिंगापुर गए थे। वहां से दिल्ली एयरपोर्ट लौटने पर सभी यात्रियों को एक-एक फॉर्म देकर बताया कि अमेरिका, यूरोप, एशिया, साउथ अफ्रीका के कई देशों में स्वाइन फ्लू के कई केस हैं। विदेश यात्रा से लौटने वालों की जानकारी दर्ज की जा रही है, ताकि 21 दिन तक सेहत संबंधी निगरानी की जा सके। फॉर्म में नाम, पता, यात्रा विवरण, परिजन के ईमेल, फोन नंबर, बायोमीट्रिक डिटेल्स भी लिए। संदिग्ध लक्षण मिलने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचना देने के लिए कहा।
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एयरपोर्ट डायरेक्टर अवधेश अग्रवाल के मुताबिक, इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ी है क्योंकि स्वाइन फ्लू वायरस विदेशी स्ट्रेन है। डोमेस्टिक एयरपोर्ट के लिए अभी कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है।
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दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी, इसलिए ज्यादा सतर्कता
बरेली, दिल्ली के नजदीक है और दोनों शहरों के बीच बड़ी संख्या में लोगों का रोजाना आवागमन होता है। इसके अलावा दिल्ली एयरपोर्ट के जरिये विदेश से आने वाले लोग भी बड़ी संख्या में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंचते हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। मॉडल टाउन निवासी एक महिला समेत चार अन्य लोग स्वाइन फ्लू पीड़ित मिले हैं।
स्वाइन फ्लू के अलर्ट के बाद इन्फ्लुएंजा वैक्सीन में लोगों की रुचि बढ़ी है। निजी अस्पताल समेत मेडिकल स्टोर संचालकों से भी लोग वैक्सीन की उपलब्धता और लगवाने के समय को लेकर जानकारी ले रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अंकित मौर्य ने कहा, इन्फ्लुएंजा वैक्सीन फ्लू से बचाव में मदद करती है, पर सौ फीसदी सुरक्षा के रूप में नहीं देखना चाहिए।
आईएमए यूपी के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल के मुताबिक, चिकित्सकीय परामर्श के बिना कोई वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, कुछ गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को नए स्ट्रेन की ही वैक्सीन लगवाना चाहिए। परामर्श में व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर सुझाव दिया जाता है।