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Bareilly News: स्वनिधि योजना बदल रहा रेहड़ी पटरी विक्रेताओं का जीवन
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लक्ष्य के सापेक्ष बैंकों में अधिक पहुंच रहे ऋण के लिए आवेदन
बरेली। पथ विक्रेताओं को स्वरोजगार देने के लिए चलाई गई प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना कोरोना काल से ही लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं। कम ब्याज दर पर पथ विक्रेताओं (रेहड़ी पटरी वाले दुकानदार) को बैंक ऋण दे रही है। आलम ये ही कि जिले को मिले लक्ष्य के सापेक्ष कई गुना अधिक आवेदन डूडा कार्यालय व बैंक को प्राप्त हो रहे है। ऋण की इस रकम से लोग स्वरोजगार का सपना पूरा कर रहे हैं।
लीड बैंक मैनेजर वीके अरोरा बताते है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरूआत 1 जून 2020 को की थी। तब से कई लाख लोग इस योजना का लाभ उठा चुके है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में 66,383 लोगों को योजना के तहत ऋण देने का लक्ष्य रखा गया था, इसके सापेक्ष अब 69,053 आवेदन को मंजूरी मिली, जिसमें से बैंक ने 68,031 विक्रेताओं को ऋण दिया। जिससे जिले में लक्ष्य के सापेक्ष करीब 17 प्रतिशत अधिक वितरण हुआ है। संवाद
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तीन श्रेणी में मिलता है ऋण
- स्टेट बैंक स्टाफ यूनियन के उप महामंत्री नवींद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत डूडा कार्यालय में आवेदन करना होता है। पहली बार में 15 हजार रुपये का ऋण दिया जाता है, अगर ऋण धारक ऋण को सही समय पर चुका देता है तो उसके बाद उसे 25 हजार और इसके बाद 50 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है। अधिकतर रेडी पटरी पर सामान बेचने वाले विक्रेता इसका लाभ उठा रहे है। गांधी उद्यान के पास चाय का ठेला लगाने वाले नीरज राठौर ने बताया कि इस योजना के तहत उन्होंने पहले 15 हजार का ऋण लिया, साल भर में लोन पूरा देने के बाद उन्हें 25 हजार रुपये का लोन लिया और उसके बाद अब 50 हजार लोन के लिए आवेदन करा है। सेटेलाइट के पास फल का ठेला लगाने वाले आरिफ ने बताया कि उन्होंने इसी योजना के तहत 15 हजार रुपये से फल का काम शुरू किया था जो अब अच्छा चल रहा है।
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बरेली। पथ विक्रेताओं को स्वरोजगार देने के लिए चलाई गई प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना कोरोना काल से ही लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं। कम ब्याज दर पर पथ विक्रेताओं (रेहड़ी पटरी वाले दुकानदार) को बैंक ऋण दे रही है। आलम ये ही कि जिले को मिले लक्ष्य के सापेक्ष कई गुना अधिक आवेदन डूडा कार्यालय व बैंक को प्राप्त हो रहे है। ऋण की इस रकम से लोग स्वरोजगार का सपना पूरा कर रहे हैं।
लीड बैंक मैनेजर वीके अरोरा बताते है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरूआत 1 जून 2020 को की थी। तब से कई लाख लोग इस योजना का लाभ उठा चुके है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में 66,383 लोगों को योजना के तहत ऋण देने का लक्ष्य रखा गया था, इसके सापेक्ष अब 69,053 आवेदन को मंजूरी मिली, जिसमें से बैंक ने 68,031 विक्रेताओं को ऋण दिया। जिससे जिले में लक्ष्य के सापेक्ष करीब 17 प्रतिशत अधिक वितरण हुआ है। संवाद
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तीन श्रेणी में मिलता है ऋण
- स्टेट बैंक स्टाफ यूनियन के उप महामंत्री नवींद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत डूडा कार्यालय में आवेदन करना होता है। पहली बार में 15 हजार रुपये का ऋण दिया जाता है, अगर ऋण धारक ऋण को सही समय पर चुका देता है तो उसके बाद उसे 25 हजार और इसके बाद 50 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है। अधिकतर रेडी पटरी पर सामान बेचने वाले विक्रेता इसका लाभ उठा रहे है। गांधी उद्यान के पास चाय का ठेला लगाने वाले नीरज राठौर ने बताया कि इस योजना के तहत उन्होंने पहले 15 हजार का ऋण लिया, साल भर में लोन पूरा देने के बाद उन्हें 25 हजार रुपये का लोन लिया और उसके बाद अब 50 हजार लोन के लिए आवेदन करा है। सेटेलाइट के पास फल का ठेला लगाने वाले आरिफ ने बताया कि उन्होंने इसी योजना के तहत 15 हजार रुपये से फल का काम शुरू किया था जो अब अच्छा चल रहा है।
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