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मैला ढोने वालों का दोबारा सर्वे होगा
बरेली
Updated Sat, 31 Jan 2015 01:24 AM IST
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राज्य सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष जुगल किशोर वाल्मीकि ने कहा कि सिर पर मैला ढोने और ढुलाना शर्मनाक और संज्ञेय अपराध है। ऐसे प्रकरणों में गंभीरता से कार्रवाई करने की जरूरत है। अफसरों से शहर और गांवों में दोबारा सर्वे करने को कहा गया है। मुस्लिम बहुल इलाकों में यह काम सघनता से किया जाएगा। वह शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सफाई कर्मियों संबंधी शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत एक लाख आठ हजार 848 ऐसे कर्मियों को नियमित किया है और 65 हजार संविदा कर्मियों का मानदेय 14 हजार रुपये, आउटसोर्सिंग वाले ऐसे कर्मियों का मानदेय साढ़े सात हजार रुपये कर दिया गया है। इन कर्मियों की बेटी की शादी में 20 हजार रुपये की मदद मिलेगी। साथ ही सीटर और गटर में विषैली गैस होने के बाद भी सफाई में जुटने वाले कर्मियों का 10 लाख रुपये का बीमा निर्धारित हुआ है। ऐसे काम में मौत की दशा में आश्रित को अलग से 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद का प्राविधान है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और रिहायशी क्षेत्र के चलते घर-घर सीवर टैंकों से सफाई का काम बढ़ा है और इसे सफाई कर्मियों के लिए स्वरोजगार का विकल्प भी तैयार हुआ है। तीन चार लोगों का समूह बनाकर 25 लाख रुपये की लागत वाली टैंक से सीवर खींचने वाली मशीन लोन या अनुदान पर मुहैया कराने की तैयारी है। यह समूह एक तय रेट पर सीवर टैंक सफाई करेगा। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार, नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव, डीपीआरओ टीसी पांडेय, सदर तहसीलदार खालिद अंजुम खान आदि मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत एक लाख आठ हजार 848 ऐसे कर्मियों को नियमित किया है और 65 हजार संविदा कर्मियों का मानदेय 14 हजार रुपये, आउटसोर्सिंग वाले ऐसे कर्मियों का मानदेय साढ़े सात हजार रुपये कर दिया गया है। इन कर्मियों की बेटी की शादी में 20 हजार रुपये की मदद मिलेगी। साथ ही सीटर और गटर में विषैली गैस होने के बाद भी सफाई में जुटने वाले कर्मियों का 10 लाख रुपये का बीमा निर्धारित हुआ है। ऐसे काम में मौत की दशा में आश्रित को अलग से 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद का प्राविधान है।
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उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और रिहायशी क्षेत्र के चलते घर-घर सीवर टैंकों से सफाई का काम बढ़ा है और इसे सफाई कर्मियों के लिए स्वरोजगार का विकल्प भी तैयार हुआ है। तीन चार लोगों का समूह बनाकर 25 लाख रुपये की लागत वाली टैंक से सीवर खींचने वाली मशीन लोन या अनुदान पर मुहैया कराने की तैयारी है। यह समूह एक तय रेट पर सीवर टैंक सफाई करेगा। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार, नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव, डीपीआरओ टीसी पांडेय, सदर तहसीलदार खालिद अंजुम खान आदि मौजूद थे।
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