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इज्जत नगर मंडल के डीआरएम नौ को कोर्ट में तलब
बरेली
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:45 AM IST
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वर्ष 2007 से न्यायालय में लंबित उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के मामले में आख्या न भेजने को लेकर कोर्ट ने इज्जत नगर मंडल के डीआरएम को नौ जनवरी को सुबह 10.30 बजे तलब किया है।
सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) शक्ति सिंह ने आदेश में लिखा है कि मृतक सफाई कर्मचारी प्रेमा देवी के देय के संबंध में बिना किसी विधिपूर्ण कारण के 20 अप्रैल, 2016 से अब तक डीआरएम आख्या प्रस्तुत करने में असफल रहे हैं। वह नौ जनवरी को न्यायालय में उपस्थित स्पष्ट करें कि आख्या क्यों नहीं भेजी गई।
एनईआर के इज्जत नगर मंडल के रेल प्रबंधक के अधीन कार्यरत रहीं सफाई कर्मचारी प्रेमा देवी की वर्ष 2001 में मृत्यु हो गई थी। प्रेमा देवी के वारिस भतीजे मोहल्ला नेकपुर निवासी सुखलाल ने कई चक्कर काटे, लेकिन प्रेमादेवी के देय का भुगतान नहीं हुआ। इस पर वर्ष 2007 में सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) के न्यायालय मेें वाद दायर किया। औपचारिकता पूरी होने के बाद भी एनईआर मंडल कार्यालय से देय के संबंध में आख्या नहीं भेजी गई। इस पर सुखलाल उच्च न्यायालय चले गए। वहां से वाद का निस्तारण शीघ्र करने के आदेश दिए गए। इस पर फिर से विभागीय आख्या मांगी गई थी कि मृतका के भविष्य निधि, बीमा, अवकाश नकदीकरण, मृत्यु उप धन, डीएलआई के मद में कुल कितना देय है, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) शक्ति सिंह ने आदेश में लिखा है कि मृतक सफाई कर्मचारी प्रेमा देवी के देय के संबंध में बिना किसी विधिपूर्ण कारण के 20 अप्रैल, 2016 से अब तक डीआरएम आख्या प्रस्तुत करने में असफल रहे हैं। वह नौ जनवरी को न्यायालय में उपस्थित स्पष्ट करें कि आख्या क्यों नहीं भेजी गई।
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एनईआर के इज्जत नगर मंडल के रेल प्रबंधक के अधीन कार्यरत रहीं सफाई कर्मचारी प्रेमा देवी की वर्ष 2001 में मृत्यु हो गई थी। प्रेमा देवी के वारिस भतीजे मोहल्ला नेकपुर निवासी सुखलाल ने कई चक्कर काटे, लेकिन प्रेमादेवी के देय का भुगतान नहीं हुआ। इस पर वर्ष 2007 में सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) के न्यायालय मेें वाद दायर किया। औपचारिकता पूरी होने के बाद भी एनईआर मंडल कार्यालय से देय के संबंध में आख्या नहीं भेजी गई। इस पर सुखलाल उच्च न्यायालय चले गए। वहां से वाद का निस्तारण शीघ्र करने के आदेश दिए गए। इस पर फिर से विभागीय आख्या मांगी गई थी कि मृतका के भविष्य निधि, बीमा, अवकाश नकदीकरण, मृत्यु उप धन, डीएलआई के मद में कुल कितना देय है, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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