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गन्ने का भुगतान मिला नहीं, धान बिक नहीं रहा... कहां जाएं किसान
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प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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किसान यूनियन ने कलक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, बोले- 11-12 सौ रुपये में बेचना पड़ रहा धान
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बरेली। किसानों की दशा सुधारने के सरकारी तंत्र के सारे दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। अब तक गन्ने का भुगतान पाने को जूझ रहे किसानों का धान भी लचर सिस्टम की वजह से सरकारी केंद्रों पर नहीं बिक पा रहा है। मजबूरन उन्हें औने पौने दामों में धान बेचना पड़ रहा है। बुधवार को किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर विरोध जताते हुए ज्ञापन दिया। कहा कि क्रय केंद्रों पर मनमानी चल रही है। इस पर एडीएम प्रशासन ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले केन्द्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किसान यूनियन (अराजनैतिक) से जुड़े लोग दोपहर को कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी करते हुए माइक लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट गेट पर उन्होंने नारेबाजी की। जिसके बाद एसीएम प्रथम रोहित यादव ज्ञापन लेने पहुंचे मगर लेकिन यूनियन के पदाधिकारियों ने उन्हें ज्ञापन नहीं दिया। उनका कहना था कि एडीएम प्रशासन को ही ज्ञापन देंगे। इस पर एडीएम प्रशासन वीके सिंह ने गेट पर आकर ज्ञापन लिया। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारियों का कहना था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 होने के बावजूद भी किसान 11-12 सौ रुपये में धान बेचने को मजबूर है। कई जगह क्रय केंद्र शुरू नहीं हुए हैं। जिन केंद्रों पर खरीद हो भी रही है, नमी बताकर धान लौटाया जा रहा है। एडीएम प्रशासन ने कहा कि अगर किसी केन्द्र पर किसान को परेशान करने की शिकायत आई तो उस केन्द्र प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा चीनी मिलों से किसानों का बकाया भुगतान कराने, आवारा पशुओं को पकड़कर पशुशाला में छुड़वाने आदि की भी मांग की। ज्ञापन देने वालों में किसान यूनियन अराजनैतिक के प्रदेश सचिव शिशुपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह, पूर्व जिला प्रभारी पप्पू गंगवार, अवनीश सिंह, सुधीर बालियान, चौधरी सोमवीर सिंह शामिल थे।
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किसान यूनियन (अराजनैतिक) से जुड़े लोग दोपहर को कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी करते हुए माइक लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट गेट पर उन्होंने नारेबाजी की। जिसके बाद एसीएम प्रथम रोहित यादव ज्ञापन लेने पहुंचे मगर लेकिन यूनियन के पदाधिकारियों ने उन्हें ज्ञापन नहीं दिया। उनका कहना था कि एडीएम प्रशासन को ही ज्ञापन देंगे। इस पर एडीएम प्रशासन वीके सिंह ने गेट पर आकर ज्ञापन लिया। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारियों का कहना था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य 1868 होने के बावजूद भी किसान 11-12 सौ रुपये में धान बेचने को मजबूर है। कई जगह क्रय केंद्र शुरू नहीं हुए हैं। जिन केंद्रों पर खरीद हो भी रही है, नमी बताकर धान लौटाया जा रहा है। एडीएम प्रशासन ने कहा कि अगर किसी केन्द्र पर किसान को परेशान करने की शिकायत आई तो उस केन्द्र प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा चीनी मिलों से किसानों का बकाया भुगतान कराने, आवारा पशुओं को पकड़कर पशुशाला में छुड़वाने आदि की भी मांग की। ज्ञापन देने वालों में किसान यूनियन अराजनैतिक के प्रदेश सचिव शिशुपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह, पूर्व जिला प्रभारी पप्पू गंगवार, अवनीश सिंह, सुधीर बालियान, चौधरी सोमवीर सिंह शामिल थे।
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अब संग्रह अमीन भी करेंगे धान सेंटरों का निरीक्षण
बरेली। धान खरीद में सुधार लाने के लिए अब सेंटरों पर संग्रह अमीनों की भी ड्यूटी लगाई गई है। उप जिलाधिकारी सदर विशु राजा ने कमेटी का गठन किया है। कमेटी सप्ताह में कम से कम एक बार धान क्रय केंद्रों की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही संग्रह अमीनों को रोजाना क्रय केंद्रों का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं।
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