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Bareilly News: सात दिन बाद आएगी रामगंगा पुल की स्टडी रिपोर्ट, उसके बाद बनेगी अप्रोच रोड
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बरेली। बदायूं के दातागंज को बरेली के फरीदपुर से जोड़ने वाले रामगंगा नदी के पुल पर आवागमन में बाधा बरकरार है। माॅडल स्टडी पूरी होने का इंतजार है। अधिकारियों ने कहा था कि एक महीने में स्टडी पूरी हो जाएगी। एक महीना पूरा होने पर कह रहे हैं कि रिपोर्ट जल्दी आएगी।
रामगंगा नदी के पुल की अप्रोच रोड नदी के बहाव बदलने की वजह से सितंबर 2023 की बाढ़ में बह गई थी। उसके बाद लोक निर्माण विभाग ने अप्रोच रोड नहीं बनवाई और न ही पुल तक लोगों को पहुंचने से रोकने के लिए कोई इंतजाम किया। नतीजा गूगल लोकेशन के सहारे उस पर चढ़े कार सवार तीन लोग 24 नवंबर को सुबह मौत का शिकार हुए। मौतें होने के बाद अभियंता चेते और नदी के बहाव का बदलता ट्रेंड समझने और भविष्य में होने वाले बदलाव पर भी नजर रखने के लिए विशेषज्ञ समिति से अध्ययन कराने की संस्तुति की।
इसके लिए 29.50 लाख रुपये मांगा। बजट आया तो रुड़की के अभियंताओं की टीम ने छह जनवरी को रामगंगा नदी के प्रवाह का अध्ययन किया। पूर्व के वर्षों में नदी का बहाव किस तरह से बदलता, उसे समझा। साथ ही बहाव की संभावनाएं देखी। आकलन और सर्वेक्षण के आधार पर अब विशेषज्ञ समिति को रिपोर्ट देनी थी। उसके बाद लोक निर्माण विभाग तय करेगा कि किस तरह से पुल की अप्रोच रोड बनाई जाय। रिपोर्ट की संस्तुति को समाहित करते हुए प्रस्तावित अप्रोच रोड का एस्टीमेट बनेगा। लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं मिली। इसलिए करीब 47 करोड़ की लागत से तैयार पुल बेकार खड़ा है। अमर उजाला ब्यूरो
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विशेषज्ञ समिति में शामिल अभियंताओं से हुई बातचीत हुई है। रिपोर्ट अंतिम दौर में है। उम्मीद है कि सात दिनों में विभाग को मिल जाएगी। रिपोर्ट मिलते ही पुल की उपयोगिता के बारे में निर्णय लिया जा सकेगा। नदी के बहाव को देखते हुए अप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा। -केके सिंह, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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रामगंगा नदी के पुल की अप्रोच रोड नदी के बहाव बदलने की वजह से सितंबर 2023 की बाढ़ में बह गई थी। उसके बाद लोक निर्माण विभाग ने अप्रोच रोड नहीं बनवाई और न ही पुल तक लोगों को पहुंचने से रोकने के लिए कोई इंतजाम किया। नतीजा गूगल लोकेशन के सहारे उस पर चढ़े कार सवार तीन लोग 24 नवंबर को सुबह मौत का शिकार हुए। मौतें होने के बाद अभियंता चेते और नदी के बहाव का बदलता ट्रेंड समझने और भविष्य में होने वाले बदलाव पर भी नजर रखने के लिए विशेषज्ञ समिति से अध्ययन कराने की संस्तुति की।
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इसके लिए 29.50 लाख रुपये मांगा। बजट आया तो रुड़की के अभियंताओं की टीम ने छह जनवरी को रामगंगा नदी के प्रवाह का अध्ययन किया। पूर्व के वर्षों में नदी का बहाव किस तरह से बदलता, उसे समझा। साथ ही बहाव की संभावनाएं देखी। आकलन और सर्वेक्षण के आधार पर अब विशेषज्ञ समिति को रिपोर्ट देनी थी। उसके बाद लोक निर्माण विभाग तय करेगा कि किस तरह से पुल की अप्रोच रोड बनाई जाय। रिपोर्ट की संस्तुति को समाहित करते हुए प्रस्तावित अप्रोच रोड का एस्टीमेट बनेगा। लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं मिली। इसलिए करीब 47 करोड़ की लागत से तैयार पुल बेकार खड़ा है। अमर उजाला ब्यूरो
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विशेषज्ञ समिति में शामिल अभियंताओं से हुई बातचीत हुई है। रिपोर्ट अंतिम दौर में है। उम्मीद है कि सात दिनों में विभाग को मिल जाएगी। रिपोर्ट मिलते ही पुल की उपयोगिता के बारे में निर्णय लिया जा सकेगा। नदी के बहाव को देखते हुए अप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा। -केके सिंह, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग