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पीएचडी की डिग्री पाने के लिए छात्रों को अब भटकना नहीं पड़ेगा
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MJP Rohilkhand university
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विश्वविद्यालय ने तीन से चार महीने में प्रक्रिया पूरी करने के दिए निर्देश
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पीएचडी की डिग्री पाने के लिए छात्रों को अब ज्यादा दौड़धूप नहीं करनी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं कि थिसिस जमा करने के तीन से चार महीने के अंदर छात्रों को डिग्री दे दी जाएगी। इस सख्ती के बाद शोध विभाग ने कुछ छात्रों की प्रक्रिया पूरी करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
विश्वविद्यालय में तमाम छात्रों को डिग्री जारी होने में काफी देर हो रही है। थिसिस जमा होने के डेढ़ से दो साल बाद भी छात्र डिग्री पाने के लिए भटक रहे हैं। हालांकि कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद सबसे ज्यादा फोकस शोध कार्य को आगे बढ़ाने पर ही रखा है। पीएचडी के छात्रों को अपने विभिन्न चरण के काम को पूरा करने के लिए इधर से उधर न भटकना पड़े, इसके लिए उन्होंने एक समन्वयक समिति भी गठित की थी। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कड़े निर्देश दिए हैं कि पीएचडी के छात्रों के थिसिस जमा होने के तीन से चार महीने में डिग्री देनी होगी। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह का कहना है कि पीएचडी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। कुछ दिन पहले थिसिस जमा करने की पूर्व की प्रक्रिया को पूरा किया गया है।
विश्वविद्यालय में तमाम छात्रों को डिग्री जारी होने में काफी देर हो रही है। थिसिस जमा होने के डेढ़ से दो साल बाद भी छात्र डिग्री पाने के लिए भटक रहे हैं। हालांकि कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद सबसे ज्यादा फोकस शोध कार्य को आगे बढ़ाने पर ही रखा है। पीएचडी के छात्रों को अपने विभिन्न चरण के काम को पूरा करने के लिए इधर से उधर न भटकना पड़े, इसके लिए उन्होंने एक समन्वयक समिति भी गठित की थी। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कड़े निर्देश दिए हैं कि पीएचडी के छात्रों के थिसिस जमा होने के तीन से चार महीने में डिग्री देनी होगी। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह का कहना है कि पीएचडी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। कुछ दिन पहले थिसिस जमा करने की पूर्व की प्रक्रिया को पूरा किया गया है।
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