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बीएसए को देना होगा प्रमाण... जर्जर स्कूलों में नहीं हो रही पढ़ाई
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बरेली। जर्जर स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने पर शासन हरकत में आ गया है। शुक्रवार को महानिदेशक बेसिक शिक्षा विजय किरन आनंद ने प्रदेश भर के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से जर्जर स्कूलों में पढ़ाई न होने का प्रमाण देने को कहा है। उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि जिन स्कूलों की हालत जर्जर है, उनके प्रधानाध्यापकों से इस बात का प्रमाण दिलाएं कि उन स्कूलों में पढ़ाई नहीं कराई जा रही है। हाल ही में अमर उजाला ने जर्जर स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की जिंदगी दांव पर लगे होने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद शासन स्तर से जर्जर स्कूलों की स्थिति की जांच की जा रही है।
शासन स्तर से कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि जर्जर स्कूलों में पढ़ाई न कराई जाए। इसके बाद भी लगातार कई सालों से गिरताऊ स्कूल भवनों में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। हाल ही में शासन स्तर से जर्जर स्कूलों को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद आठ से 11 अक्तूबर के बीच हुई भारी बारिश के दौरान भी जर्जर स्कूलों में कक्षाएं लगने पर सवाल उठे थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
93 स्कूल भवन हैं जर्जर
बेसिक शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में 124 स्कूल जर्जर अवस्था में थे। इनमें से अब तक 31 भवन ध्वस्त किए जा चुके हैं। बाकी 93 स्कूलों की स्थिति में अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। इनमें से 19 किराये के भवन हैं। अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया तो विभाग ने जल्द ही 24 स्कूल भवनों को ध्वस्त करने का दावा किया। कहा गया कि किराये पर 19 जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों को अन्य भवनों में शिफ्ट किया जाएगा, लेकिन अब तक इन्हें शिफ्ट नहीं किया गया है। इन सभी 93 स्कूलों में अब भी कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जबकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जर्जर स्कूलों में कक्षाएं नहीं लग रही हैं।
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शिक्षा विभाग से जर्जर स्कूलों की स्थिति जानी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - जग प्रवेश, सीडीओ
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शासन स्तर से कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि जर्जर स्कूलों में पढ़ाई न कराई जाए। इसके बाद भी लगातार कई सालों से गिरताऊ स्कूल भवनों में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। हाल ही में शासन स्तर से जर्जर स्कूलों को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद आठ से 11 अक्तूबर के बीच हुई भारी बारिश के दौरान भी जर्जर स्कूलों में कक्षाएं लगने पर सवाल उठे थे। इसके बावजूद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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93 स्कूल भवन हैं जर्जर
बेसिक शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में 124 स्कूल जर्जर अवस्था में थे। इनमें से अब तक 31 भवन ध्वस्त किए जा चुके हैं। बाकी 93 स्कूलों की स्थिति में अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। इनमें से 19 किराये के भवन हैं। अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया तो विभाग ने जल्द ही 24 स्कूल भवनों को ध्वस्त करने का दावा किया। कहा गया कि किराये पर 19 जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों को अन्य भवनों में शिफ्ट किया जाएगा, लेकिन अब तक इन्हें शिफ्ट नहीं किया गया है। इन सभी 93 स्कूलों में अब भी कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जबकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जर्जर स्कूलों में कक्षाएं नहीं लग रही हैं।
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शिक्षा विभाग से जर्जर स्कूलों की स्थिति जानी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - जग प्रवेश, सीडीओ