फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   student died injured from tractor trolly

एक पैर काट दिया, 26 ऑपरेशन किए, फिर भी नहीं बचा पार्थ

Mon, 17 Oct 2022 02:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2022 02:36 AM IST
विज्ञापन
student died injured from tractor trolly
बरेली। पार्थ ने करीब महीने तक मौत से जमकर संघर्ष किया। इस दौरान एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए एक पैर काटने के अलावा करीब 26 ऑपरेशन किए लेकिन फिर भी उसकी जिंदगी नहीं बच पाई। शनिवार रात उसने दम तोड़ दिया। महीना भर पहले पिता के साथ स्कूटी पर स्कूल जाते समय अवैध खनन के रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली ने उसे कुचल दिया था।
विज्ञापन

आलमगीरीगंज में रहने वाला चौदह वर्षीय पार्थ जीपीएम स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ता था। पार्थ के पिता गोपाल शर्मा की कुतुबखाना पर सुपारी की दुकान है। 14 सितंबर की सुबह वह उसे स्कूटी पर अपने साथ बैठाकर स्कूल छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान गट्टूमल की दुकान के पास गुरु कृपा ट्रेडर्स की रेत-बजरी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने तेज रफ्तार से गुजरते हुए गोपाल की स्कूटी को टक्कर मार दी। पार्थ सड़क पर गिरा तो ट्रैक्टर-ट्रॉली का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया।
विज्ञापन

गंभीर घायल हुए पार्थ को पहले शहर के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से डॉक्टरों ने उसे एम्स दिल्ली रेफर कर दिया। पिता गोपाल शर्मा ने बताया कि एम्स के डॉक्टरों ने सेप्टिक फैलने की वजह से शुरू में ही पार्थ का एक पैर काट दिया। उसकी कमर के पास कई हड्डियां टूट गई थीं। इसके लिए एक-एक कर उसके 26 ऑपरेशन किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

पार्थ ने करीब महीने भर तक एम्स में मौत से जमकर संघर्ष किया लेकिन इसके बावजूद उसकी जिंदगी नहीं बच पाई। शनिवार देर रात पार्थ ने दम तोड़ दिया। रविवार होने के कारण पार्थ को शव नहीं मिल सका। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस पार्थ का शव परिवार के सुपुर्द करेगी।
बिना इंश्योरेंस के चल रहा था ट्रैक्टर
पार्थ को कुचलने वाली रेत-बजरी से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली चला रहे हाफिजगंज निवासी रूकम सिंह को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं निकला था लेकिन सात साल सेे कम सजा का प्रावधान होने के कारण उसे थाने से ही जमानत दे दी गई थी। कोतवाली पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को भी सीज किया था। पार्थ के पिता गोपाल शर्मा का कहना है कि जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली से पार्थ हादसे का शिकार हुआ है, उसका इंश्योरेंस भी नहीं है।

अवैध खनन : रात भर सड़कों पर दौड़ती हैं रेत भरी ट्रॉलियां
पुलिस की सांठगांठ से शहर की सड़कों पर रेत से भरी ट्रॉलियां पूरी रात दौड़ती हैं। अक्सर सुबह होने के बाद भी ठिकानों पर पहुंचती हैं। सर्वाधिक अवैध खनन रामगंगा के आसपास के इलाकों में होता है। रात करीब 12 बजे लाल फाटक रोड से रेत भरी ट्रॉलियों का शहर में आना शुरू होता है और फिर सुबह तक जारी रहता है। खनन करने वालों से पुलिस की किस हद तक सांठगांठ है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रामगंगा की ओर से आने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कई थाना क्षेत्रों से गुजरते हुए शहर पहुंचती हैं लेकिन फिर भी कहीं कोई रोकटोक नहीं होती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed