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Bareilly News: पथरी का ऑपरेशन किया... फेफड़ों में भरा पानी, डीएम से कार्रवाई की मांग
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बरेली। निजी अस्पताल में गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन कराना एक महिला को भारी पड़ गया। परिजनों का आरोप है ऑपरेशन के बाद मरीज के फेफड़ों में पानी भर गया। अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर परिजन महिला को दिल्ली के अस्पताल ले गए। हालत में सुधार होने पर बरेली लौटने के बाद परिजन ने डीएम से डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शाही के सुभाषनगर निवासी आदेश रस्तोगी ने शिकायती पत्र में बताया कि पत्नी ज्योति को गुर्दे में पथरी के ऑपरेशन के लिए स्टेडियम रोड स्थित खुशलोक अस्पताल में भर्ती कराया था। यूरोलॉजिस्ट ने 25 दिसंबर 2025 को ऑपरेशन किया, लेकिन दो दिन बाद फिर तबियत बिगड़ गई। एक्सरे में फेफड़ो में पानी भरने की पुष्टि हुई। आरोप है कि पल्मोनोलॉजिस्ट से इलाज के बजाय खुद इलाज करने लगे। हालत और बिगड़ी। 29 दिसंबर को डिस्चार्ज की मांग पर डॉक्टर ने अभद्रता की, लेकिन पत्नी को लेकर नोएडा के निजी अस्पताल गए। वहां पर फेफड़ों में खून के थक्के का पता चला।
इलाज के बाद हालत में सुधार हुआ। डीएम से विशेषज्ञता न होने पर भी डॉक्टर द्वारा जबरन इलाज करने, बदसलूकी आदि के आरोप में प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल संचालक डॉ. विनोद पागरानी ने डॉक्टर पर लगे आरोपों को निराधार बताया। कहा, ऑपरेशन में जटिलता की आशंका रहती है। डॉक्टर ने भी समझाया था पर जबरन डिस्चार्ज कराकर दिल्ली ले गए। इलाज में कहीं कोई कोताही नहीं की गई।
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शाही के सुभाषनगर निवासी आदेश रस्तोगी ने शिकायती पत्र में बताया कि पत्नी ज्योति को गुर्दे में पथरी के ऑपरेशन के लिए स्टेडियम रोड स्थित खुशलोक अस्पताल में भर्ती कराया था। यूरोलॉजिस्ट ने 25 दिसंबर 2025 को ऑपरेशन किया, लेकिन दो दिन बाद फिर तबियत बिगड़ गई। एक्सरे में फेफड़ो में पानी भरने की पुष्टि हुई। आरोप है कि पल्मोनोलॉजिस्ट से इलाज के बजाय खुद इलाज करने लगे। हालत और बिगड़ी। 29 दिसंबर को डिस्चार्ज की मांग पर डॉक्टर ने अभद्रता की, लेकिन पत्नी को लेकर नोएडा के निजी अस्पताल गए। वहां पर फेफड़ों में खून के थक्के का पता चला।
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इलाज के बाद हालत में सुधार हुआ। डीएम से विशेषज्ञता न होने पर भी डॉक्टर द्वारा जबरन इलाज करने, बदसलूकी आदि के आरोप में प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल संचालक डॉ. विनोद पागरानी ने डॉक्टर पर लगे आरोपों को निराधार बताया। कहा, ऑपरेशन में जटिलता की आशंका रहती है। डॉक्टर ने भी समझाया था पर जबरन डिस्चार्ज कराकर दिल्ली ले गए। इलाज में कहीं कोई कोताही नहीं की गई।
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