UP: नौकरी छोड़ ठगी करने लगा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, ढाई हजार लोगों को बनाया शिकार, एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
बरेली के रहने वाले युवक ने कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया। इंजीनियर बनने के बाद नौकरी की। जब मन नहीं लगा तो ठगी के धंधे में उतर गया। उसने हजारों लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये ठग लिए।
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बरेली की पॉश कॉलोनी राजेंद्रनगर का रहने वाला कंप्यूटर इंजीनियर जयवीर नोएडा की आईटी कंपनी की नौकरी छोड़कर ठगी के धंधे में उतर गया। आधार कार्ड में संशोधन संबंधी सॉफ्टवेयर विकसित करने का दावा कर कई प्रदेशों के ढाई हजार खरीदारों से ठगी कर ली। शिकायत पर सक्रिय हुई बरेली एसटीएफ खरीदार बनकर उसके पास पहुंची। आरोपी को गिरफ्तार कर सुभाषनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एसटीएफ के एएसपी अब्दुल कादिर ने बताया कि कंप्यूटर साइंस से बीटेक जयवीर गंगवार आईटी प्रोफेशनल होने के साथ ही संपन्न परिवार का है। नोएडा में उसका मन नहीं लगा तो नौकरी छोड़ घर आ गया। यहां उसने फर्जी सॉफ्टवेयर तैयार करने का ड्रामा रचा। इससे आधार कार्ड में संशोधन का दावा कर सोशल मीडिया पर विज्ञापन साझा किया। इस पर उप्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली व गुजरात समेत कई प्रदेशों के ढाई हजार लोगों ने उससे संपर्क साधा।
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प्रति व्यक्ति वसूलता था 1500 रुपये
एसटीएफ के मुताबिक, सॉफ्टवेयर देने के बदले उसने प्रति व्यक्ति 1500 से दो हजार रुपये तक वसूले। वह अपने लैपटॉप पर आधार को एडिट करके दिखाने का ड्रामा करता था। जब लोग पेन ड्राइव में सॉफ्टवेयर लेकर चले जाते थे तो वह उनके कंप्यूटर या लैपटॉप पर खुलता ही नहीं था।
लोग जयवीर को कॉल कर इसकी शिकायत करते तो आरोपी ऑनलाइन प्रशिक्षण के नाम पर उनसे फिर रुपये ऐंठता था। जब खरीदार बुरा-भला कहने लगते थे तो उनका नंबर ब्लॉक कर देता था या अपना नंबर बदल लेता था। लोगों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। तब आरोपी तक पहुंची। रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।