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नसबंदी की तरह समान नागरिक संहिता का विरोध होगा
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Sun, 16 Oct 2016 01:31 AM IST
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दरगाह आला हजरत पर चल रहे उर्स-ए-नूरी में भी समान नागरिक संहिता के खिलाफ आवाज उठी है। उलमा ने इसके विरुद्ध नसबंदी की मुखालफत के तर्ज पर विरोध करने का एलान किया है।
उर्स में जलसे के दौरान अल्लामा मुख्तार अहमद खां बहेड़वी ने कहा कि जिस तरह मुफ्ती आजम हिंद हजरत मौलाना मुस्तफा रजा खां नूरी के फतवे के बाद पूरे देश में नसबंदी के विरुद्ध आवाज उठी थी, इसी तरह अब जमाते अहले सुन्नत पूरे देश में समान नागरिक संहिता के विरुद्ध मुस्लिम पर्सनल लॉ की सुरक्षा के लिए आवाज बुलंद करेंगी।
यह एलान दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मौलाना अहसन रजा खां कादरी की सदारत में हुए जलसे के दौरान किया गया। इसी बीच कारी सखावत हुसैन ने हज टैक्स के मुद्दे पर सऊदी हुकूमत की मुखालफत की। उन्होंने कहा कि हज और उमरा जैसी इबादत पर टैक्स लगाना सऊदी हुकूमत का एक जालिमाना फैसला है। जिसे वहां की हुकूमत को खत्म करना चाहिए।
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उर्स में जलसे के दौरान अल्लामा मुख्तार अहमद खां बहेड़वी ने कहा कि जिस तरह मुफ्ती आजम हिंद हजरत मौलाना मुस्तफा रजा खां नूरी के फतवे के बाद पूरे देश में नसबंदी के विरुद्ध आवाज उठी थी, इसी तरह अब जमाते अहले सुन्नत पूरे देश में समान नागरिक संहिता के विरुद्ध मुस्लिम पर्सनल लॉ की सुरक्षा के लिए आवाज बुलंद करेंगी।
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यह एलान दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मौलाना अहसन रजा खां कादरी की सदारत में हुए जलसे के दौरान किया गया। इसी बीच कारी सखावत हुसैन ने हज टैक्स के मुद्दे पर सऊदी हुकूमत की मुखालफत की। उन्होंने कहा कि हज और उमरा जैसी इबादत पर टैक्स लगाना सऊदी हुकूमत का एक जालिमाना फैसला है। जिसे वहां की हुकूमत को खत्म करना चाहिए।
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