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भूख से बुजुर्ग की मौत के मामले में नया मोड़, मां की मौत की खबर पर भी नहीं लौटा टीटीई बेटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Updated Tue, 11 Dec 2018 10:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर में बुजुर्ग मां की भूख और बीमारी से मौत की सूचना मिलने के बाद भी टीटीई बेटा सोमवार देर शाम तक शाहजहांपुर नहीं पहुंचा। मोबाइल पर साथी रेलकर्मियों से बात की और अप त्रिवेणी एक्सप्रेस से दोपहर तक शाहजहांपुर पहुंचने की बात कहकर गुमराह किया।
वृद्धा के परिवार का अन्य कोई सदस्य या नाते-रिश्तेदार भी नहीं आया। पोस्टमार्टम के बाद दूसरे दिन भी शव मोर्चरी में रखा रहा। मूल रूप से लखनऊ के आलमबाग के रहने वाले सलिल चौधरी की तैनाती शाहजहांपुर स्टेशन पर बतौर टीटीई 2005 में हुई थी।
ढका ताल स्थित रेल कॉलोनी के क्वार्टर में वह अपनी 87 वर्षीय मां लीलावती के साथ रहता था। बताते हैं कि सलिल के पिता रामशेर एमएलसी रहे हैं। उनकी कई साल पहले मौत हो चुकी है। शराब पीने का आदी सलिल करीब दो माह से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहा है।
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टीटीई सलिल चौधरी के साथी रेल कर्मी उसके मोबाइल पर लगातार कॉल करते रहे। सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसने नरमू पदाधिकारी सुनील तिवारी की मोबाइल कॉल रिसीव की।
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वृद्धा के परिवार का अन्य कोई सदस्य या नाते-रिश्तेदार भी नहीं आया। पोस्टमार्टम के बाद दूसरे दिन भी शव मोर्चरी में रखा रहा। मूल रूप से लखनऊ के आलमबाग के रहने वाले सलिल चौधरी की तैनाती शाहजहांपुर स्टेशन पर बतौर टीटीई 2005 में हुई थी।
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ढका ताल स्थित रेल कॉलोनी के क्वार्टर में वह अपनी 87 वर्षीय मां लीलावती के साथ रहता था। बताते हैं कि सलिल के पिता रामशेर एमएलसी रहे हैं। उनकी कई साल पहले मौत हो चुकी है। शराब पीने का आदी सलिल करीब दो माह से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहा है।
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टीटीई सलिल चौधरी के साथी रेल कर्मी उसके मोबाइल पर लगातार कॉल करते रहे। सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसने नरमू पदाधिकारी सुनील तिवारी की मोबाइल कॉल रिसीव की।
उन्होंने उसे लीलावती की मौत के बारे में बताया। इस पर सलिल ने खुद के लखनऊ में होने की बात कही और यह भी कहा कि वह अप त्रिवेणी एक्सप्रेस से शाहजहांपुर पहुंच रहा है। रेल कर्मचारी उसके आने का इंतजार करते रहे।
सलिल चौधरी नहीं आया, उसके परिवार का कोई अन्य सदस्य या नाते-रिश्तेदार भी नहीं पहुंचा। ऐसे में लीलावती के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
पुलिस और रेलवे अधिकारी कर रहे सलिल की तलाश
टीटीई सलिल चौधरी को सदर बाजार पुलिस के साथ रेलवे भी तलाश कर रहा है। सोमवार को उसने दिन में दो बार साथी रेल कर्मियों का फोन रिसीव किया, लेकिन इसके बाद उसके मोबाइल पर रिंग जा रही है, वह कॉल रिसीव नहीं कर रहा।
सलिल चौधरी के रेल रिकार्ड में दर्ज नाम-पता पर भी तस्दीक करने की कोशिश की गई। उसके बारे में वहां से भी कोई ठोस इनपुट नहीं मिल सका है। इंस्पेक्टर जसवीर सिंह का कहना है कि पड़ताल जारी है। पुलिस रेल कर्मियों के भी संपर्क में है।
सलिल चौधरी नहीं आया, उसके परिवार का कोई अन्य सदस्य या नाते-रिश्तेदार भी नहीं पहुंचा। ऐसे में लीलावती के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
पुलिस और रेलवे अधिकारी कर रहे सलिल की तलाश
टीटीई सलिल चौधरी को सदर बाजार पुलिस के साथ रेलवे भी तलाश कर रहा है। सोमवार को उसने दिन में दो बार साथी रेल कर्मियों का फोन रिसीव किया, लेकिन इसके बाद उसके मोबाइल पर रिंग जा रही है, वह कॉल रिसीव नहीं कर रहा।
सलिल चौधरी के रेल रिकार्ड में दर्ज नाम-पता पर भी तस्दीक करने की कोशिश की गई। उसके बारे में वहां से भी कोई ठोस इनपुट नहीं मिल सका है। इंस्पेक्टर जसवीर सिंह का कहना है कि पड़ताल जारी है। पुलिस रेल कर्मियों के भी संपर्क में है।